इश्क पर जोर नहीं: ऐशो-आराम की जिंदगी छोड़ हरियाणा के गांव में गोबर पाथ रही है अमेरिकी बहू एड्रियाना

By: | Last Updated: Tuesday, 28 January 2014 11:49 AM
इश्क पर जोर नहीं: ऐशो-आराम की जिंदगी छोड़ हरियाणा के गांव में गोबर पाथ रही है अमेरिकी बहू एड्रियाना

पानीपत:  चचा गालिब बिल्कुल सही फरमा गए हैं कि इश्क पर जोर नहीं, है ये वो आतिश गालिब, जो लगाए न लगे और बुझाए न बुझे. इसकी ताजातरीन मिसाल देखने को मिल रही है हरियाणा के एक छोटे से गांव पीपरन में. जहां, फेसबुक पर शुरू हुआ रोमांस कुछ ऐसा रंग लाया कि एक अमेरिकी रिशेप्सनिस्ट एड्रियाना पैरल अपनी ऐशो-आराम से भरी जिंदगी और परिवार छोड़कर हजारों किलोमीटर दूर भारत के एक छोटे से गांव में मामूली किसान अपने प्रेमी मुकेश कुमार के साथ घर बसाने हरियाणा आ पहुंची. इस अनोखी मोहब्बत का रंग कुछ ऐसा चढ़ा कि पब, डिस्को और पार्टी जैसी रंगीनियों के बीच पली-बढ़ी एड्रियाना को गांव पोपरन में अपने भारतीय पति के घर झाड़ू बुहारते, जूठे बर्तन साफ करते और यहां तक कि गोबर पाथते देखा जा रहा है.

 

सास की सेवा और चूल्हा-चौका करती अमेरिकी बहू को देख हरियाणा का पोपरन गांव सांस्कृतिक सदमे में है. पूरी तरह से ग्रामीण भारत के रंग में रंगी अमेरिकी बहू एड्रियाना को देख गांव के लोग हैरानी में भर दांतों तले अंगुली दबा रहे हैं. लेकिन एड्रियाना के पति मुकेश की मां तो खुशी में फूली नहीं समा रही. जो काम पिछली 7 पुश्तों में कभी नहीं हुआ वो उसके लायक बेटे मुकेश ने कर दिखाया. घर में अंग्रेज बहू जो आई है.

 

गांव भर में अब केवल मुकेश की फिरंगन घरवाली के ही चर्चे हैं. जिसे देखो वही मुकेश के घर आने के बहाने ढूंढता है. हां ये बात जरूर कि मुकेश और उसकी अमेरिकन बहू के बीच उम्र का लंबा फासला है. मुकेश जहां अभी केवल 25 साल का है, तो वहीं एड्रियाना उससे 16 साल बड़ी है. लेकिन फेसबुक की मोहब्बत में वो अमेरिका में अपने पति मुकेश की उम्र की बेटी और तमाम दोस्तों-रिश्तेदारों को छोड़ मुकेश के साथ 7 फेरे लेने के लिए भारत आ गई.

 

डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, हरियाणा के गांव पोपरन के किसान मुकेश कुमार के साथ विवाह के पवित्र बंधन में बंधकर एड्रियाना  सुखी वैवाहिक जीवन का आनंद ले रही हैं. एड्रियाना का कहना है कि वह मुकेश के साथ अपने अपने वैवाहिक जीवन से बहुत खुश है और किसी भी कीमत पर इसे नही छोड़ सकती.

 

लेकिन एड्रियाना का परिवार उसके इस कदम से सदमे में है. एड्रियाना ने बताया कि कुछ लोग समझते थे कि मुकेश कोई झूठा आदमी होगा जो बस मेरे साथ फेसबुक पर टाइम पास करता है लेकिन जब मैं इंडिया पहुंची तो इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पर मुकेश को देखकर मुझे बहुत राहत मिली.

 

एड्रियाना का नया घर हरियाणा के पोपरन गांव का एक मामूली सा फार्म हाउस है. शहर से इस गांव से पहुंचने में गाड़ी से 30 मिनट का समय लगता है. एड्रियाना ने बताया की जब वह हवाई जहाज से उतरी तो यहां का संस्कृति देख सदमे में थी. उसने देखा की महिलायें घरों में रहती हैं. पहली बार मुझे लगा की यह वास्तविक संघर्ष है लेकिन जल्द ही मैंने यह भी महसूस किया कि सुखी जीवन के लिए जरूरी नही की सारी सुख सुविधायें हों. एड्रियाना कहती हैं कि गरीब स्थानीय लोगों में मेरी गिनती होना मेरे लिए काफी बड़ी चुनौती थी.

 

एड्रियाना अब भारतीय रहन-सहन और भारतीय पहनावा ही पहनती है, वो कहती है कि यहां गांव में विदेशी लोग नहीं दिखते हैं इसलिए में जब भी कहीं जाती हूं तो मुझे देखने वालों की भीड़ लग जाती है. मुझे ऐसा लगता है जैसे मैं कोई सेलीब्रिटी हूं लेकिन अब मुझे इसकी आदत पड़ चुकी है.

 

मुकेश अब एड्रियाना से अंग्रेजी भाषा सीख रहा है उसने टूटी फूटी अंग्रेजी में कहा एड्रियाना इज ए गुड वाइफ. वह घर के सभी कार्य करती है और जब मां मेरे लिए खाना बनाती है तो उनसे कहती है यह मैं करूंगी यह मेरा काम है. मैं अपने सच्चे प्यार को पाकर बहुत खुश हूं.

 

यह विवाहित जोड़ा आगे अपना परिवार भी बढ़ाना चाहता है. एड्रियाना कहती हैं कि अगर यहां भी अमेरिका जैसा खाना और सुख-सुविधाये मिल जाये तो बहुत अच्छा हो. वो अपने परिवार के साथ एक बार अमेरिका जाने की इच्छा भी रखती है. एड्रियाना कहती है कि मुझे भारत के लोग बहुत अच्छे लगे मुझे यह अपना दूसरा घर लगता है.

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Web Title: इश्क पर जोर नहीं: ऐशो-आराम की जिंदगी छोड़ हरियाणा के गांव में गोबर पाथ रही है अमेरिकी बहू एड्रियाना
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