एक शख्‍स दो धमाकों में घायल: संयोग या साजिश

By: | Last Updated: Saturday, 23 February 2013 5:43 AM
एक शख्‍स दो धमाकों में घायल: संयोग या साजिश

हैदराबाद:
हैदराबाद धमाके में एक जख्मी
की कहानी ने जांच एजेंसियों
को चक्कर में डाल दिया है. जो
व्यक्ति गुरुवार को जख्मी
हुआ था वो 2007 के आतंकी हमले में
भी जख्मी हुआ था.

जांच एजेंसियों ये समझने की
कोशिश कर रही हैं कि ये सिर्फ
एक संयोग है या साजिश की कोई
कड़ी है.

18 मई 2007 को
हैदराबाद के मक्का मस्जिद
ब्लास्ट में घायल एक शख्स 21 मई
2013 को हैदराबाद के दिलसुखनगर
ब्लास्ट में फिर जख्‍मी हो
गया. क्या ये महज एक इत्तेफाक
है या फिर साजिश की एक कड़ी?

हैदराबाद
के दिलसुखनगर में हुए धमाकों
में 23 साल के एक शख्स की
मौजूदगी ने जांच एजेंसियों
को गफलत में डाल दिया है.
यशोदा अस्पताल में भर्ती इस
शख्स से एनआईए दो बार पूछताछ
कर चुकी है. आखिर दो धमाकों
में उसकी मौजूदगी का संयोग
क्या है?

हालांकि
हैदराबाद पुलिस के कमिश्नर
अनुराग शर्मा ने न्यूज
एजेंसी पीटीआई से कहा है,
‘जांच के हिस्से के तौर पर
हमने सिर्फ अन्य लोगों के साथ
उसका भी बयान गवाह के तौर पर
रिकॉर्ड किया.’

जब यह पूछा
गया कि क्या उसे इस मामले में
संदिग्ध माना जा रहा है तो
उन्होंने कहा, ‘ऐसा कुछ भी
नहीं है.’

पीटीआई के
मुताबिक इस शख्स ने जांच
एजेंसियों को बताया है कि
गुरुवार को जिस वक्त
दिलसुखनगर में धमाका हुआ उस
वक्त वो वहां एक दुकान पर चाय
पी रहा था. उसी समय धमाका हुआ
और वो इसकी चपेट में आ गया.

छह
साल के अंतर पर हुए दोनों
धमाकों में इस शख्स की
मौजूदगी को लेकर एक समानता और
भी है. दोनों धमाकों में वो
गंभीर रूप से जख्मी हुआ. पहले
धमाके में उसका पैर टूटा,
जबकि दूसरी बार रीढ़ की हड्डी
पर चोट आई.

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Web Title: एक शख्‍स दो धमाकों में घायल: संयोग या साजिश
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