एनडीए दौर में 42 हज़ार करोड़ का नुकसान: जेपीसी

By: | Last Updated: Friday, 19 April 2013 5:34 AM
एनडीए दौर में 42 हज़ार करोड़ का नुकसान: जेपीसी

नई दिल्ली: जेपीसी की
ड्राफ़्ट रिपोर्ट में न
सिर्फ प्रधानमंत्री मनमोहन
सिंह और वित्त पी चिदंबरम को
क्लीनचिट देने की तैयारी है,
बल्कि एनडीए सरकार को भी
लपेटने की कोशिश की गई है.

ड्राफ़्ट रिपोर्ट में साल 1999
में एनडीए सरकार की टेलीकॉम
पॉलिसी को आधार बनाकर 2-जी
आवंटन में हुए राजस्व नुकसान
को जायज़ ठहराने के साथ-साथ
एनडीए को घेरने का पूरा
इंतज़ाम किया गया है.

रिपोर्ट में कहा गया है कि
एनडीए के दौर में 1999 में
टेलीकॉम लाइसेंस के बंटवारे
में उन कंपनियों को फायदा
पहुंचाया गया जिन्होंने 1994
में फिक्सड लाइसेंस फी देने
की शर्त पर लाइसेंस लिए थे.

जेपीसी की ड्राफ़्ट रिपोर्ट
के मुताबिक एनडीए ने फायदा
पहुंचाने का आधार यह माना कि
उन कंपनियों को नुकसान हो रहा
था.

दरअसल, 1999 की नई टेलीकॉम
पॉलिसी में फ़िक्सड फी देने
की शर्त से छुटकारा देकर
एनडीए सरकार ने 42,080 करोड़ का
नुकसान उठाया और तब कहा था कि
जन राजस्व और जन हित अलग-अलग
हैं.

इसे आधार बनाकर जेपीसी की
रिपोर्ट में सवाल उठाया गया
कि अगर तब जन हित में नुकसान
उठाना सही था तो अब ग़लत
क्यों है?

एनडीए दौर के टेलीकॉम नीति का
ज़िक्र करते हुए जेपीसी
रिपोर्ट में लिखा गया है, “1999
की नई टेलीकॉम पॉलिसी के
मक़सद की रोशनी में अटॉर्नी
जनरल की राय थी कि ज़मीनी
हक़ीक़त और टेलीकॉम उद्योग
के हालात के मद्देनज़र 1994 के
लाइसेंस को 1999 में माइग्रेशन
की सुविधा देनी चाहिए.”

जेपीसी रिपोर्ट में आगे लिखा
है,”समिति ये नोट करती है कि
असल में माइग्रेशन पैकेज 26
मार्च 1999 के कैबिनेट के फैसले
के आधार पर बना जिसमें फ़िक्स
लाइसेंस प्रणाली की जगह नई
समान नीति लाने की कोशिश की
गई थी. समिति का मानना है कि
माइग्रेशन पैकेज देने से
सरकार को 42,080 करोड़ राजस्व
खोना पड़ा था.”

तब नुकसान को जायज़ ठहराने के
लिए सरकार की राय थी, “16 जून 1999
को अटॉर्नी जनरल ने राय दी थी
कि अगर राजस्व का नुक़सान
होता है तो ये तय माना जाता है
कि जन राजस्व का पर्याय जन
हित नहीं होता.”

ग़ौरतलब है कि सीएजी ने 2-जी
आवंटन में बरती गई
अनियमितताओं का हवाला देते
हुए कहा कि इससे सरकारी
ख़ज़ाने को 1.76 लाख करोड़ का
नुकसान हुआ था. सीएजी की
रिपोर्ट के बाद मचे हंगामे के
बाद जेपीसी ने अपनी ड्राफ्ट
रिपोर्ट में पीएम और वित्त
मंत्री को क्लीनचिट दे दी है
और सारा दोष पूर्व टेलीकॉम
मंत्री पर मढ़ा है. 

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Web Title: एनडीए दौर में 42 हज़ार करोड़ का नुकसान: जेपीसी
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