एफडीआई: विरोध में उतरे आधे से ज्यादा राज्य

एफडीआई: विरोध में उतरे आधे से ज्यादा राज्य

By: | Updated: 14 Sep 2012 10:42 PM


नई
दिल्ली:
मनमोहन सरकार ने
विदेशी किराना को मंजूरी का
फैसला करके बड़ा बवाल मोल ले
लिया है.




साथी दल नाराज हैं और पूरे
देश में विरोध प्रदर्शन जारी
है. विदेशी किराना के खिलाफ
आधे से ज्यादा देश विरोध कर
रहा है.




यूपी, पश्चिम बंगाल और गुजरात
जैसे बड़े राज्य फैसले के
खिलाफ खड़े हैं. कांग्रेस के
शासन वाला केरल भी विदेशी
किराना के खिलाफ है.




विदेशी किराना पर सरकार ने
लिया है बेहद बड़ा और कड़ा
फैसला. मल्टी ब्रांड किराना
कारोबार में इक्यावन फीसदी
विदेशी निवेश को मंजूरी देने
के खिलाफ आधे से ज्यादा देश
में विरोध हो रहा है. 

किस
राज्य का क्या रुख है


विदेशी
किराना के फैसले का कांग्रेस
के शासन वाले राज्यों की
सरकारें समर्थन कर रही हैं
जबकि एनडीए की सत्ता वाले
राज्य इसके खिलाफ खड़े हैं.
केंद्र सरकार के फैसले के बाद
दिल्ली और मुंबई जैसे शहरों
में सबसे ज्यादा विदेशी
किराना स्टोर खुलेंगे.

इसलिए
दिल्ली और महाराष्ट्र की
सरकारें इस फैसले के साथ खड़ी
हैं.

लेकिन य़ूपी, पश्चिम
बंगाल और गुजरात जैसे बड़े
राज्य विदेशी किराना के
खिलाफ हैं. यूपी की अखिलेश
सरकार ने इसे लागू करने से
इनकार कर दिया है. पश्चिम
बंगाल में ममता बनर्जी फैसले
के खिलाफ तलवारें खींच रही
हैं तो हर समय बुनियादी
क्षेत्र में विदेशी निवेश का
स्वागत करने वाले गुजरात के
मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी
इस फैसले के खिलाफ खड़े हैं.


सब्जियों और अनाज के लिए
कोल्ड स्टोरेज की सबसे
ज्यादा जरूरत वाला पंजाब
विदेशी किराना के फैसले के
खिलाफ है तो मध्य प्रदेश और
छत्तीसगढ ने भी इस फैसले को
लागू करने से इनकार कर दिया
है. बीजेपी के शासन वाला गोवा
भी किराना कारोबार में
विदेशी निवेश के फैसले को
नहीं मानेगा.

सरकार
विदेशी किराना के फैसले से
किसानों को फायदा होने का
दावा कर रही है वहीं किसानों
के हिमायती कहे जाने वाले
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश
कुमार ने इस फैसले का विरोध
किया है. झारखंड भी इस फैसले
के खिलाफ है.

विदेशी
किराना पर कुछ और राज्यों का
रुख जान लीजिए. हरियाणा,
राजस्थान, आंध्र प्रदेश, असम,
उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर,
सिक्किम, मेघालय, अरुणाचल
प्रदेश, मणिपुर और नागालैंड
जैसे राज्य विदेशी किराना के
पक्ष में हैं.

वहीं ओडिशा,
त्रिपुरा और मिजेरम इस फैसले
के खिलाफ हैं. दक्षिण भारत के
बड़े राज्य विदेशी किराना के
फैसले के विरोध में खड़े हैं.
तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल ने
इस फैसले का लागू करने से साफ
इनकार दिया है.

आधे से
ज्यादा देश में विदेशी
किराना का विरोध हो रहा है
जबकि कांग्रेस के नेता सरकार
ने फैसले को सही ठहरा रहे हैं.




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