एबीपी न्यूज के कार्यक्रम में बोले राज ठाकरे, बीजेपी को नहीं मोदी को समर्थन

By: | Last Updated: Saturday, 19 April 2014 2:33 PM
एबीपी न्यूज के कार्यक्रम में बोले राज ठाकरे, बीजेपी को नहीं मोदी को समर्थन

नई दिल्ली. हमारे खास कार्यक्रम घोषणापत्र में आज हमारे तीखे सवालों के जवाब दिये राज ठाकरे.

 

आपको लोग वोट क्यों दें.

 

इस पर राज ठाकरे ने कहा कि मुझे लगता है दो चार दिनों से लगातार इंटरव्यू चालू हैं. किस तरह से चालू हैं आप जानते ही हैं. मुझे क्यों वोट दें..क्योंकि देना चाहिए. अपने ही मुंह से अपनी तारीफ क्या करूं.

 

सवाल. ये सच है कि राज और उद्धव अगर एक साथ होते तो महाराष्ट्र की राजनीति की तस्वीर कुछ और होती. लेकिन सच ये भी है कि 8 साल में भी राज और उद्धव के बीच की दूरियां जरा भी कम नहीं हुई हैं. राज-उद्धव का झगड़ा कब समाप्त होगा, क्या मिटेगी ये दुरियां?

 

उत्तर. मैं बाकी चैनलों को भी बोल दिया हूं. अगर फिर भी आप लोग ऐसे सवाल पूछेंगे तो मैं इंटरव्यू नहीं दूंगा. ये चीज पॉलीटिकल नहीं है. ये पारिवारिक भी है. ये मैं और उद्धव देख लेंगे. क्या साथ आने से देश की समस्या खत्म हो जाएंगे. मैं पिछले आठ साल से आप लोग एक ही रिकॉर्डिंग बजा रहे हैं.

 

शिवाजी महाराज की मूर्ति का विरोध करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि पिछले 60 साल से गरीबी हटाने, बेरोजगारी, पानी और बिजली दूंगा. यही चुनाव में मुद्दे हो रहे हैं. इसमें करीब 6 हजार करोड़ खर्चा हो रहा है. अभी सबसे पहले बिजली, पानी और रोजगार पहले जरूरी है.

 

जिस तरह से मोदी अपने स्टेट को देख रहे हैं. वैसा अभी महाराष्ट्र में नहीं हो रहा है. यहां के मुख्यमंत्री औऱ मंत्री नहीं देख रहे हैं.

 

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री एक साथ बैठते हैं तो नर्मदा के पानी पर चर्चा नहीं करते हैं. खाने की चर्चा करते हैं.

 

डर की राजनीति पर राज ठाकरे ने कहा कि मैं किसी को डराने के लिए नहीं बैठा हूं. मुझे लगता है कि आप मीडिया वालों को डराना जरूरी है नहीं तो आप लोग सिर पर बैठ जाते हैं.

 

सवाल. बीजेपी ने भी शिवसेना से बरसों पुराने साथ को देखते हुए ये किस्सा यहीं पर खत्म करना बेहतर समझा. बाद में पार्टी अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने राज के समर्थन पर इशारों ही इशारों में सवाल भी उठाए थे. जिसपर राज ठाकरे कह चुके हैं कि उनका समर्थन राजनाथ के लिए नहीं बल्कि सिर्फ और सिर्फ मोदी के लिए है. एनडीए में एंट्री किसने रोकी ?

 

उत्तर. आपको किसने कहा कि मैं शामिल होना चाहता था. मैंने किसी को भी फोन नहीं किया था. वह दरवाजा से बाहर मिले. वह फिर अंदर चले गये.

 

क्या आप मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं महाराष्ट्र के. इस पर उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के अच्छे के लिए बन सकता हूं. हां पीएम नहीं बनना चाहता हूं.

 

मेरी पत्नी ने मुझे बताया था कि यार तु भड़का मत कर. आप देख ही रहे होंगे कि मैं कितना कंट्रोल कर रहा हूं.

 

सवाल. हालांकि 2008 जैसी हिंसा फिर देखने को नहीं मिली है लेकिन सच ये भी है मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में उत्तर भारतीय डर  – डर कर रहते हैं.

 

उत्तर. ये सब मीडिया का फैलाया हुआ है. लोग मेरे मराठी के भाषण को ध्यान से देखिए. आप मुंबई में देखिए उनके आने से कितनी दिक्कत है. आप लोग रैली के बाद देखे होंगे क्या हालात थे.

 

आसाम में बिहारियों की पिटाई हुई है. वहां के सीएम से तो कोई नहीं कुछ पूछता है.

 

महाराष्ट्र के विकास के लिए पांच साल से दस साल तो लगता ही है.

 

सवाल . क्या एमएनएस कांग्रेसी की बी टीम है.

उत्तर. मैं लोगों के पास जाता हूं. इनकी सीटें आती हैं या नहीं ये इनकी बात है. लोगों को अधिकार है कि नहीं. मैं घर घर जाकर वोट चुरा नहीं रहा हूं न. पहले शिवसेना को भी कांग्रेस की बी टीम समझा जाता था. फिर शिवसेना सत्ता में आई. ये सब बेकार की बातें हैं. क्या आप लोग लोगों को बेवकूफ समझते हैं. लोगों को उन पर छोड़ दीजिए.

 

नितिन गडकरी आपसे मिले और लोकसभा चुनाव आप ना लड़ें. इस उन्होंने कहा कि यह संभव ही नहीं है. दोनों जगहों पर वहीं(बीजेपी) लड़ें ये संभव नहीं था. क्या मैं यहां टूर्नामेंट देखने आया हूं. ये संभव नहीं है.

 

शिवसेना कभी भी नरेंद्र मोदी के समर्थन में नहीं थी. शिवसेना तो सुषमा स्वराज और लालकृष्ण आडवाणी के नाम पर थे. मैं 2011 से ही मोदी के नाम की चर्चा कर रहा हूं.

 

जिस तरह से नरेंद्र मोदी ने गुजरात में काम किया है. उस तरह वह देश में काम करेंगे ऐसा मुझे लगता है. मैं नरेंद्र मोदी के हर मुद्दे और उनके हर बयान का थोड़े ही समर्थन करता हूं. मैंने मोदी की कभी आलोचना नहीं की. मुझे लगता है कि मोदी देश का हो किसी स्टेट का नहीं हो.

 

मैं चाहता हूं कि नरेंद्र मोदी पीएम बनने के बाद देश के बारे में बाद में सोचें पहले यूपी, बिहार और झारखंड के बारे में सोचें. देश में सबसे ज्यादा पीएम यूपी से बनते हैं. इसके बाद भी वहां के हालात ऐसे हैं.

 

एक अच्छा आदमी मोदी को सपोर्ट क्यों नहीं किया जाए इसमें हर्जा क्या है.

राजनाथ सिंह के बयान पर राज ठाकरे ने कहा कि मैं सिर्फ मोदी को सपोर्ट कर रहा हूं. इस पर कोई भी इधर वाला उधर वाला कुछ भी करे इससे क्या फर्क पड़ता है.

 

 

कौन हैं राज ठाकरे?

महाराष्ट्र की राजनीति का बड़ा चेहरा, भीड़ खींचने वाला बड़ा नेता, मुंबई के युवाओं में हीरो की इमेज. उम्र 45 साल. मुंबई में जन्म. बाल ठाकरे के भतीजे.

 

बाल ठाकरे की तरह ही राज को भी कॉर्टून बनाने का शौक है. शिवसेना से राजनीतिक शुरुआत हुई है. छात्रों और युवाओं की राजनीति की. राज ने मराठी बेराजगार युवाओं को रोजगार देने के लिए शिव उद्योग सेना का गठन किया था.

 

राज ने ही उद्योग सेना के लिए पैसे जुटाने के लिए पॉप स्टार माइकल जैक्सन का शो मुंबई में करवाया था. राज ठाकरे को बचपन में स्वरराज ठाकरे के नाम से लोग पहचानते थे. राज के पिता श्रीकांत ठाकरे संगीतकार थे और उन्होंने ही राज का नाम स्वरराज रखा था. राज ठाकरे ने तबला, गिटार और वॉयलिन बजाना भी सीखा था लेकिन राज की किस्मत में संगीत नहीं सियासत लिखा था.

शिवसेना में राज ठाकरे का कद बाल ठाकरे के बाद था . उन्हें बाल ठाकरे के उत्तराधिकारी के तौर पर देखा जाता था लेकिन बाल ठाकरे ने जब पार्टी की कमान बेटे उद्धव को सौंपी तो उसके कुछ साल बाद ही राज ठाकरे ने शिवसेना छोड़ दी.

 

साल 2006 में राज ठाकरे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का गठन किया . 2009 के लोकसभा चुनाव में एमएनएस ने 12 सीटों पर चुनाव लड़ा. सीट तो एक भी नहीं जीती लेकिन शिवसेना और बीजेपी को राज की पार्टी ने बड़ा नुकसान पहुंचाया

2009 में ही हुए विधानसभा चुनाव में MNS को 13 सीट मिलीं.

 

राज ने भी अपनी राजनीति की शुरुआत परप्रांतीयों के मुद्दे पर की. मराठी भाषियों की लड़ाई लड़ने वाले राज ठाकरे के निशाने पर उत्तर भारतीय रहे.

 

साल 2008 में उत्तर भारतीयों के खिलाफ MNS ने हिंसा की. MNS कार्यकर्ताओं ने मुंबई में रेलवे भर्ती बोर्ड की परीक्षा देने आए उत्तर भारतीय प्रतियोगियों को पीटा. उत्तर भारतीय लोगो के प्रति उग्र रवैये की वजह से देश भर में राज ठाकरे की राजनीति की आलोचना हुई. पर प्रांतीय के मुद्दे पर अभिनेता अमिताभ बच्चन को भी निशाना बनाया गया.

 

हालांकि पांच साल बाद दिसंबर 2013 में राज और अमिताभ एक मंच पर दिखे और एक दूसरे की तारीफ भी की थी. MNS की. चित्रपट डिवीजन की सालगिरह के मौके पर राज और अमिताभ के बीच की दूरियां मिटती हुई दिखाई दीं.

 

फिलहाल राज ठाकरे लोकसभा चुनाव में व्यस्त हैं और वह एलान कर चुके हैं कि पीएम के लिए उनकी पहली पसंद नरेंद्र मोदी हैं.

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