एबीपी न्यूज के कार्यक्रम में बोले लालू, मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे तो देश टूटेगा

By: | Last Updated: Wednesday, 26 February 2014 1:50 PM
एबीपी न्यूज के कार्यक्रम में बोले लालू, मोदी प्रधानमंत्री बनेंगे तो देश टूटेगा

नई दिल्ली. रैली में विरोधियों को ललकारना, संसद में विपक्षियों पर दहाड़ना, बेबाक बोली, दिलचस्प लुक और अलग अंदाज के लिए मशहूर लालू प्रसाद यादव आज एबीपी न्यूज के खास कार्यक्रम घोषणा पत्र में सभी के सवालों का जवाब  दे रहे हैं. सत्तर के दशक में जेपी के आंदोलन से निकला एक एंग्री यंग मैन जिसने बिहार की राजनीति बदल दी.

 

सवाल. 2015 बिहार में सीएम कौन?

लालू प्रसाद यादव चुनाव लड़ नहीं सकते. लालू की पार्टी आरजेडी में टूट चुकी है. आरजेडी में लालू के बाद कोई बड़ा नेता नहीं दिखता. ऐसे में आरजेडी की तरफ से सिर्फ लालू यादव की पत्नी राबड़ी देवी ही सीएम की दावेदार दिखती हैं. हाल के महीनों में बिहार के सुशासन पर सवाल तो कई उठे हैं लेकिन नीतीश अब भी मजबूत बने हुए हैं. अगर लोकसभा चुनाव की लहर को पैमाना माना जाए तो मुख्य टक्कर बीजेपी और जेडीयू के बीच रहने वाली है. ऐसे में लालू और उनकी पार्टी का 2015 में क्या होगा ?

 

जवाब. नीतीश कुमार की विदाई तय हो गई है. ये सब मीडिया खेल है. कौन मुख्यमंत्री बनेगा बिहार की जनता तय कर देगी. मीडिया की मनगढंत बातें हैं.

 

हम महिला रिजर्वेशन दे रहे हैं. हम कह रहे हैं कि पिछड़े, गरीब और दलित सबका हिस्सा होना चाहिए. पड़ोसियों से संबंध सुधारा जाए. सीमा को बचाया जाए. दंगा से देश को बचाया जाए. लालू क्यों ट्विटर पर आएं इस पर लालू ने कहा कि ट्विटर का मतलब होता है चिचियाना. हम जो कहेंगे वह युवा समझेगा और जो वे कहेंगे वह हम समझेंगे. जब लालू ने पूछा गया कि आप इतने दुबले क्यों हो रहे हैं. इस पर लालू ने कहा कि निमक(नमक) कम खाओ. तला हुआ खाना कम खाओ. चीनी नहीं.

 

सवाल. क्या आपने तीसरे मोर्चे की जगह ले ली है?

 

जवाब. आम आदमी पार्टी अब तुम आदमी पार्टी बन गया है. मैं दिल्ली को जानता हूं. मैं कोई चापलूसी नहीं कर रहा हूं. शीला दीक्षित ने जितना दिल्ली के लिए काम किया है. उतना कोई नहीं किया है.

 

जिसको गाली आप दे रहे हैं उसी ने इनको सपोर्ट किया है. सत्ता से बाहर रहकर ये लोग खाली गाली देते हैं. ये लोग अन्ना हजारे को छोड़ दिये हैं. यहां हर आदमी प्रधानमंत्री बनना चाहता है. आप पार्टी अब पाप पार्टी बन गये हैं. बाहर में गाली देना और सरकार चलाना बहुत अंतर है. जब जनता सचिवालय पहुंच गई तो केजरीवाल छत पर भाग गये.

 

जो बाहर में बैठकर गाली देते हैं. वो किनके बेटें हैं. सारे संपत्ति को सरकार टेक ओवर करे. हमारा एक पैसा संपत्ति मिला. लोग बोल देते हैं. लालू चारा खा गया. इ लोग किसमिस खा गये.

 

मोदी लगातार विकास की बात कर रहे हैं. आप लोग धर्मनिरपेक्षता का नाम ले रहे हैं केवल. क्या विकास के मॉडल की राजनीति आप नहीं कर रहे हैं. इस पर लालू ने कहा कि देयर इज नो पीस देयर विल नो प्रॉसपरिटी. विकास की चर्चा करते हैं केवल. गुजरात शुरू से ही संपन्न रहा है. नरेंद्र मोदी की वजह से नहीं हैं.

 

मानसिक गुलामी से लालू यादव ने बिहार के पिछड़ों और दलित को बाहर निकाला. हमने रेलमंत्री के रूप में ऐसा विकास किया कि आक्सफोर्ड से लोग हमसे पढ़ने आए. सिंगापुर तक लोगों को हमने बताया कि कैसे विकास करें.

 

क्या सभी ने मोदी से हार मान ली है? मोदी की लहर ऐसी है कि पासवान भी एक बार फिर बीजेपी की तरफ झुक गए हैं. मोदी के नाम पर एनडीए से अलग हुए पासवान फिर मोदी के साथ हैं. बिहार की राजनीति में टूट फूट मची है लेकिन फिलहाल जो तस्वीर है उसमें मोदी सबसे आगे हैं.

 

जवाब. बीजेपी हो चाहें कमंडल वाले हों. चाहे उनके चाहने नीतीश कुमार हों. नीतीश कुमार वाला पौधा हमने ही लगाया है. लालू को हटाने के लिए कमंडल ने नीतीश कुमार का उपयोग किया. बिहार बहुत सेक्यूलर प्रदेश हैं. सभी जगह बिहार में लालू की मांग है. 

 

जब लालू से पूछा गया कि कहीं आरजेडी को खत्म होने में आपके सालों का ज्यादा हाथ है. इस लालू ने कहा कि हर घर में सालों की इज्जत होती है. अगल बगल रहते हैं. हर घर में साला प्रधान होता है.

 

अगड़े भी हमारे भाई हैं. पिछड़े और दलित सबको अवसर देने की जरूरत है. अगड़ा भाई एक रोटी खाता हो तो पिछड़े और दलितों को आधा रोटी देने की जरूरत है.

 

हमारे जन्म का कोई अता पता नहीं है. बाबू कुंवर सिंह 80 साल के उम्र में अंग्रेजों से लड़े थे. लालू लड़े या ना लड़े अखाड़ा लड़ेगा..उसका विचार लडगा.

 

सवाल. क्या लालू खत्म हो गये हैं ? सवाल ये है कि 2009 में कांग्रेस के साथ ना जाने का फैसला करके लालू ने खुद अपने पैर में कुल्हाड़ी मारी थी. क्या अब लालू और उनकी पार्टी खत्म हो रही है.

जवाब. लालू और लालू की पार्टी कभी खत्म नहीं हो सकती है. डायवोर्स के बाद नीतीश कुमार आनन फानन में हैं. अपनी सरकार बचाने के लिए कुछ भी कर रहे हैं. हम दिल्ली में बैठे थे. हल्ला हो गया कि लालू की पार्टी खत्म हो गई. 9 एमएलए पैदल हमारे साथ गये.

 

नीतीश ने आरोप लगाया कि आप भी पहले ये करते थे. तो लालू ने कहा कि हमारा और जनता का उस वक्त खूब प्रताप था. हम कह रहे हैं कि हां हमने किया था. कम्यूनल फोर्स को रोकने के लिए हमने किया.

 

नीतीश कुमार पर निशाना साधते हुए लालू ने कहा कि 17 साल तक लव मैरिज रहा. अब काहे दिक्कत हो रही है. चुनाव आ रहा है तो रो रहे हैं.

 

 यादव ने कहा कि देश को तोड़ने की बहुत बड़ी साजिश हो रही है. नफरत की राजनीति हो रही है. अशोक सिंघल पर निशाना साधते हुए कहा कि लोग कह रहे हैं कि हर हिन्दू को पांच बच्चे पैदा करना चाहिए. हम बकरी चलाए हैं. हम भेड़ चराए हैं. हमारे जेहन में है संप्रदायिकता के खिलाफ लड़ना.

 

जब हम पाकिस्तान में गये तो वहां परवेज मुशर्रफ ने कहा कि लालू जी आपके यहां मायनरिटी सुरक्षित नहीं है. तो हमने कहा कि नहीं. ऐसा नहीं है.

1977 में 29 साल की उम्र में लालू ने लोकसभा चुनाव जीतकर राजनीतिक गलियारों में सनसनी मचा दी थी.

 

उम्र 65 साल, बिहार के गोपालगंज में जन्म. छात्र जीवन में ही राजनीति में एंट्री ले लिये. जेपी के आंदोलन ने बड़ा नेता बनाया. 1990 से 2005 तक बिहार में शासन किये. लालू के राज में ही बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को रथयात्रा के दौरान समस्तीपुर में गिरफ्तार किया गया.

 

1997 में चारा घोटाले में नाम आने पर मुख्यमंत्री पद छोड़ दिये. पत्नी राबड़ी देवी को सीएम बनाये. लालू यादव ने 1997 में जनता दल छोड़ राष्ट्रीय जनता दल बनाया.

 

यूपीए सरकार में रेल मंत्री थे तो स्टेशन पर कुल्हड़ की शुरूआत की. लालू के कार्यकाल में रेलवे फायदे में रहा. अक्टूबर 2013 में चारा घोटाले में पांच साल की सजा मिली. सजा के साथ ही लालू की लोकसभा सदस्यता भी छिन गई.

 

चारा घोटाले में सजा के बाद लालू जमानत पर बाहर हैं और फिलहाल बिखर चुकी अपनी पार्टी में जान फूंकने के साथ साथ लोकसभा चुनाव की तैयारी में भी लगे हुए हैं.