एबीपी न्यूज के खास कार्यक्रम घोषणापत्र में तीखे सवालों के जवाब दे रहे हैं शरद यादव

एबीपी न्यूज के खास कार्यक्रम घोषणापत्र में तीखे सवालों के जवाब दे रहे हैं शरद यादव

By: | Updated: 09 May 2014 03:36 PM
नई दिल्ली. एबीपी न्यूज के खास कार्यक्रम घोषणापत्र में तीखे सवालों के जवाब दे रहे हैं शरद यादव. सरोकारी राजनीति का बड़ा चेहरा, बिहार के बड़े नेता, शरद यादव. छात्र जीवन से राजनीति करने वाले शरद यादव पिछड़े वर्ग के लोगों के लिए सामाजिक न्याय और समानता के लिए बरसों से लड़ाई लड़ रहे हैं.

 

सवाल. क्या मोदी का साथ छोड़ कर गलती कर दी?

उत्तर. कतई नहीं. हम राज छोड़ चुके हैं. हमारा आकार चूकी हम बिखर गये सो छोटा हो गया. बीजेपी पुराने रास्ते पर चले गये इसलिए हमने साथ छोड़ दिया.

 

हम किसी के साथ नहीं खड़े होते हैं. हम 40 साल से संसद में हैं. नीतीश और हमारे बीच कोई मतभेद नहीं है. बीजेपी अफवाह फैलाने में माहिर है.

 

इस देश में हजारों साल की संस्था है जाति. मैंने कहा था कि जनता दल का बिखराव और यूपीए की असफलता की वजह से बीजेपी की बढ़ोत्तरी हुई है.

 

हमारी जाति ना होती हमको बहुत ही जल्दी बड़े लोग निकाल देते.

 

हम एनडीए में तब गये जब नेशनल एजेंडा बना. उस वक्त हम गये. जब ये लोग कॉमन सिविल कोड और इनके मुद्दे दूसरी तरफ गये. तो हम लोग अलग हो गये. सारी पार्टी ने रास्ता बदला इसलिए हम अलग हो गये. इनका विचार है हिन्दू राष्ट्र बने.

 

2002 में हमने अटल जी के कहने से इस्तीफा नहीं दिया. 1857 में मंगल पांडे लड़ रहे थे. उस वक्त क्या उनको पता था कि तुरंत आजादी मिल जाएगी.

 

मोदी को आप सभी सांप्रदायिक कहते हैं तो फिर आप  सभी धर्म निरपेक्ष दल सिंगल सीट पर भी क्यों नहीं. इस पर शरद यादव ने कहा कि जस प्रजा तस राजा. हमारी पार्टी बिखर गई. हमारा संपूर्ण प्रयास होगा. हमने तीन बार 11 दलों के साथ मीटिंग की है. हमारा पूरा प्रयास होगा बीजेपी और कांग्रेस दोनों ना आएं. मैं ऊंची बिरादरी से नहीं हूं इसलिए इतिहास नहीं बना पाते हैं.

 

बनारस इस देश की तहजीब और एकता का गढ़ है. कुछ पोंगा पंडितों का भी बनारस है. मैं आप के अरविंद केजरीवाल से प्रभावित हूं क्योंकि वह जोखम उठाया.

 

कांग्रेस पार्टी आजादी के पहले से ही एक बंबू के सहारे है. अब बीजेपी में भी वही हाल है. सभी मोदी के आगे कुछ नहीं है.

 

बीजेपी पहले हम सभी लोगों को जाति पाति कर रहे हैं. कहती रही है. लेकिन मोदी आज से पहले तक कभी भी एक कोई काम और पत्र तक नहीं लिखे है. कमजोर तबके के लिए.

 

देश के सामने चुनौती आएगी.

 

लालू ने आरोप लगाया था कि आडवाणी के गिरफ्तारी के वक्त आपने लालू को रोका था. इस पर शरद यादव ने कहा कि देखिए हम झूठ नहीं बोलते हैं.

 

मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के वक्त हर वक्त राहुल..मोदी..प्रियंका..हर वक्त .

 

कौन हैं शरद यादव?

उम्र 66 साल . मध्य प्रदेश के होशंगाबाद में जन्म. इंजीनियरिंग की पढ़ाई . जेपी आंदोलन से जुड़े रहे. 7 बार लोकसभा सांसद बने. 2 बार राज्यसभा सांसद बने.

 

शरद यादव ने 1974 में जबलपुर लोकसभा सीट से चुनाव जीता था. ये वो वक्त था जब जेपी आंदोलन चरम पर था, तब जयप्रकाश नारायण के जरिए 'हलधर किसान' चुनाव चिह्न के लिए चुने जाने वाले शरद यादव पहले उम्मीदवार थे.

 

शरद यादव मध्य प्रदेश के अलावा यूपी और बिहार से भी लोकसभा चुनाव लड़े और जीते. शरद यादव जनता दल के अध्यक्ष रहे. जेडीयू बना तो उसके अध्यक्ष बने. 2012 में उत्कृष्ट सांसद का पुरस्कार मिला. शरद यादव एनडीए के संयोजक भी रहे. यूनाइटेड फ्रंट और एनडीए की सरकारों में शरद यादव केंद्रीय मंत्री भी रहे.

 

शरद यादव संसद और सड़क पर लगातार भ्रष्टाचार, काला धन, कृषि नीति, आर्थिक नीति, विदेशी किराना, विदेशी निवेश जैसे मुद्दों पर आवाज बुलंद करते रहे हैं. 2014 के लोकसभा चुनाव में शरद यादव वाराणसी में आम आदमी पार्टी के लिए भी वोट मांगते दिखे. इस लोकसभा चुनाव में शरद यादव का एक ही मकसद है जेडीयू को जीत दिलाना और मोदी को पीएम की कुर्सी तक पहुंचने से रोकना.

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