एबीपी न्यूज के खास कार्यक्रम घोषणापत्र में स्मृति ईरानी ने कहा- अमेठी के लोग नाम पर नहीं काम पर वोट दें

By: | Last Updated: Friday, 2 May 2014 3:39 PM

नई दिल्ली. आज एबीपी न्यूज के खास कार्यक्रम घोषणापत्र में तीखे सवालों के जवाब दिये हैं स्मृति ईरानी. टीवी की सबसे मशहूर बहू तुलसी, बीजेपी की बड़ी महिला नेता, अमेठी में राहुल गांधी से सामना.

 

स्मृति ईरानी ने कहा कि नेता की नीयत ठीक हो तो पांच साल बहुत होते हैं काम करने के लिए. अमेठी में बिजली, पानी और स्कूल की हालात एकदम खराब है. यहां पीने के लिए पानी नहीं है.

 

सवाल. अमेठी में चुनाव लड़ रहे राहुल, स्मृति और कुमार विश्वास तीनों में से कोई अमेठी में पैदा नहीं हुआ. किसी का भी अमेठी से दूर दूर तक जमीनी रिश्ता नहीं. तमाम मुद्दों के बीच अमेठी  में बाहरी होने का मुद्दा भी जोर शोर से उठ रहा है.  ‘बाहरी’ के आरोप का क्या जवाब है ?

 

उत्तर. देखिए मैंने जनता से हर बार कहा है कि नाम पर नहीं काम पर वोट दें. अमेठी में राहुल गांधी आते हैं तो गेस्ट हाउस में रहते हैं. मैं यहीं पर आकर मकान लेकर रहती हूं. कभी प्रचार नहीं किया है.

 

चलिए आप अपने कैमरे लेकर देख लीजिए कहीं भी कहां विकास हुआ है. औरतें खुले शौच में जाती हैं. कच्चे मिट्टी के मकान में लोग रह रहे हैं. क्या यही विकास है.

 

जब इनसे पूछा गया कि अमेठी की जनता भविष्य के पीएम को चुने या केवल सांसद को, इस स्मृति ईरानी ने कहा कि राहुल गांधी के पीएम बनने की संभावना शुन्य है.

 

सवाल. राहुल से टक्कर के लिए वाड़्रा का कंधा क्यों ?

 

उत्तर. कांग्रेस सारी मर्यादाएं की सीमा तोड़कर बीजेपी के बड़े नेताओं पर क्यों आरोप लगाती है. राबर्ट वाड्रा के खिलाफ हरियाणा के एक अधिकारी ने इनके खिलाफ आरोप लगाये तब बीजेपी ने मामला उठाया. जो तथ्य सार्वजनिक रूप से चर्चा में आए देखिए कई नेताओं पर कार्रवाई हुई है. भ्रष्टाचार को भावनाओं से नहीं जोड़ना चाहिए.

 

बीजेपी ने वाड्रा के खिलाफ वीडियो जारी करने की जल्दबाजी क्यों. इस पर ईरानी ने कहा है कि राजस्थान सरकार समयानुसार वाड्रा पर कानूनी प्रक्रिया के मुताबिक कार्रवाई करेगी. देखिए मैं राजस्थान सरकार की प्रवक्ता तो नहीं हूं लेकिन नरेंद्र भाई ने भी कहा है कि कानून के आधार पर कार्रवाई होगी. अभी चुनाव आचार संहिता लागू है.

 

अमेठी की सबसे बड़ी चुनौती बिजली की कमी है. मैं जहां भी जाती हूं लोग मुझसे यहीं कहते हैं कि कृपया चार घंटे की बिजली की व्यवस्था करा दीजिए. सोचिए हम 24 घंटे बिजली की बातें कर रहे हैं. अमेठी में जो भी उद्योग चल रहे हैं वह गांधी परिवार या सपा की सरकार की देन नहीं है.

 

 

सवाल. राहुल गांधी को जातिगत फैक्टर से ऊपर उठकर लोगों ने वोट किया है लेकिन इस बार राहुल के सामने दो बड़े चेहरे हैं…स्मृति ईरानी अमेठी में मोदी की लहर और विकास के मुद्दे के सहारे अपनी लड़ाई लड़ रही है.  क्या बीजेपी ने आपको अमेठी में फंसा दिया ?

 

उत्तर. मनोज तिवारी, मनोहर पारिकर जी जैसे कई बड़े नेता यहां आकर प्रचार किये.  मैंने 2003 में बीजेपी में पहली बार इंट्री लिया था. हमारे संगठन में कई लोगों ने गैर भाजपाई जगह पर चुनौती दी है. मेरे लिए यह सौभाग्य की बात है कि मुझे ऐसा मौका दिया गया.

 

मेरा सौभाग्य है कि श्रीमति वाड्रा मेरे बारे में रोज कुछ ना कुछ कहती हैं. मैं उनका जवाब देती हूं केवल. मैं पिछली की बात नहीं भविष्य की बात करती हूं.

 

आपको बता दूं कि पिछले हमारे सुषमा जी भी सोनिया गांधी के खिलाफ लड़ चुकी हैं. हम कभी भी इनको वाक ओवर नहीं देते हैं.

 

अगर आप हार जाएं तो क्या अमेठी वापस आएंगी. इस पर ईरानी ने कहा कि मेरे पास प्रमाण है कि मैंने चांदनी चौक में कितना काम किया है. मुझे बताया जाए कि राहुल गांधी 10 साल में अमेठी में चाहे लोकसभा में कहां रहे. मैं श्रीमति वाड्रा और राहुल गांधी को चुनौती देती हूं कि वह एबीपी के किसी भी मंच पर मुझसे चर्चा कर लें.

 

मैंने भावनाओं का उपयोग नहीं करती हूं. परिवार केवल पांच साल में केवल एक बार क्यों याद आता है. परिवार को दिया जाता है केवल लिया नहीं जाता है.

 

आप श्रीमति वाड्रा क्यों कहती हैं इस पर उन्होंने कहा कि क्या आप मेरे पति के नाम से ईरानी नहीं बुलाते. वह श्रीमति वाड्रा नहीं हैं क्या?

 

 

कौन है स्मृति ईरानी ?

 

उम्र 38 साल, दिल्ली में जन्म, ग्लैमर की दुनिया में करियर बनाने की ख्वाहिश मुंबई ले गई. 1998 में स्मृति मिस इंडिया फाइनलिस्ट बनीं. साल 2000 में टीवी की दुनिया में कदम रखा.

 

देश ने पहली बार स्मृति ईरानी को तब जाना जब वह साल 2000 में क्योंकि सास भी कभी बहू थी सीरियल में तुलसी वीरानी के किरदार में दिखीं. रातों रात घर घऱ में मशहूर हो गई तुलसी. पूरे सात साल तक लोगों के दिलों पर तुलसी ने राज किया.

 

साल 2003 में छोटे पर्दे की सुपरस्टार बन चुकी स्मृति ने बड़ा फैसला लेते हुए राजनीति में कदम रख दिया. स्मृति बीजेपी में शामिल हो गईं. सीरियल और सियासत एक साथ करती रहीं.

 

2004 के लोकसभा चुनाव में स्मृति दिल्ली के चांदनी चौक से कपिल सिब्बल के खिलाफ खड़ी हुईं लेकिन हार गईं.

2010 में स्मृति ईरानी को पार्टी का राष्ट्रीय सचिव बनाया गया. स्मृति ईरानी बीजेपी की महिला मोर्चा की अध्यक्ष भी बनीं

2011 में स्मृति को राज्यसभा के लिए चुना गया.

 

स्मृति ईराना समाजसेवा से भी जुड़ी हुई हैं वह एक संस्था के जरिए देश में गरीबों को पीने का पानी मुहैया कराने की मुहिम भी चला रही हैं.

 

स्मृति ईरानी इस वक्त बीजेपी की उपाध्यक्ष हैं और उनका सबसे बड़ा मिशन है – 272 प्लस तक बीजेपी को ले जाने में मदद करना और लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के सबसे बड़े चेहरे राहुल गांधी को शिकस्त देना.

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