एबीपी न्यूज के खास कार्यक्रम घोषणापत्र में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा-अकाली वाले एक देंगे तो मैं दो दूंगा

एबीपी न्यूज के खास कार्यक्रम घोषणापत्र में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा-अकाली वाले एक देंगे तो मैं दो दूंगा

By: | Updated: 26 Apr 2014 02:33 PM
नई दिल्ली. पटियाला के महाराजा, पंजाब के पूर्व सीएम और कांग्रेस के बड़े नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह आज एबीपी न्यूज के खास कार्यक्रम घोषणापत्र में हमारे तीखे सवालों के जवाब दिये.

 

अमरिंदर सिंह ने कहा कि अमृतसर की डेवलमेंट मैंने ही शुरू कर दी थी. बेरोजगारी और विकास ही हमारा मुख्य मुद्दा है.

 

सवाल. सिख दंगों पर राजनीति कौन कर रहा है ?

 

उत्तर. मैं, मेरे परिवार वाले और दोस्त दंगो के वक्त दिल्ली गये थे. मैंने वहां पूछा कि कौन दंगों में था. भगत..सज्जन कुमार..धर्मवीर..कौन लोग थे.

 

मैं किसी को क्लीन चिट देने वाला कौन होता हूं. मैंने सिर्फ ये कहा कि टाइटलर का नाम नहीं सुना हूं. बस यही कहा इस पर हंगामा हो गया.

 

अब जो कोर्ट में चल रहा है वह चले और जो गलत किए हैं उनको सजा मिलनी चाहिए.

 

क्या आप एसआइटी बैठाने का सपोर्ट करेंगे. क्योंकि आम आदमी पार्टी की सरकार एसआइटी बैठाया है. इस कैप्टन ने कहा कि जो भी इस केस की तह तक जाए और पीड़ितों को न्याय मिले मैं हर उस कार्य के समर्थन में हूं.

 

भाषा के गिरते स्तर पर कैप्टन ने कहा कि यदि बीजेपी अकाली वाले एक देंगे तो मैं दो दूंगा.

 

सवाल. क्या ये चुनाव कांग्रेस का सबसे खराब चुनाव है ?

 

उत्तर. 6 और 8 महीने मोदी की पॉजिशन बेहतर थी लेकिन अब नहीं. कुछ समय पहले में कांग्रेस अध्यक्ष से मिलने गया था. उन्होंने कहा कि क्या अमरिंदर तुम चुनाव लड़ना चाहते हो. मैंने कहा हां और मैं लड़ गया. ये कहना गलत है कि मोदी से डर गये.

 

सिद्धू बेहतर उम्मीदवार हैं अरूण जेटली से. जब भी हम पंजाब के विधानसभा में सवाल उठाना चाहा ये लोग विधानसभा भंग कर देते हैं. आप सड़क पर विरोध नहीं कर सकते हैं. अकाली दल पर आरोप लगाते हुए इन लोगों ने लोकतंत्र की पंजाब में हत्या कर डाली है.

 

सवाल. क्या यूपीए की नाकामी छुपाने के लिए स्थानीय मुद्दे उठाते हैं अमरिंदर.

 

उत्तर. हिन्दुस्तान का अगर बच्चा रात को सोता है तो आप नहीं चाहते हो कि उसे भरपेट भोजन मिले. केंद्र सरकार ने गरीबों के लिए काम किया है.

 

अमृतसर में नालियां खराब है. शहर के हालात खराब है.

 

क्या कांग्रेस में गुटबाजी है. इस पर कैप्टन ने कहा कि मैं करीब 47 साल से राजनीति में हूं. देखिए राजनीति में अलग अलग मत होते हैं. सुषमा, आडवाणी अन्य में मतभेद थे लेकिन पीएम कैंडिडेट कौन बना जिसे पार्टी की संसदीय दल ने चाहा. हर दल में मतभेद होते हैं ये कोई बड़ी बात नहीं है.

 

कौन हैं अमरिंदर सिंह?

 

उम्र 72 साल. वेलहम और दून स्कूल से पढ़ाई की. राजनीति में आने से पहले सेना में थे. अमरिंदर सिंह 1963 में सेना में शामिल हुए और दो साल बाद ही इस्तीफा दे दिया. पाकिस्तान युद्ध के वक्त अमरिंदर फिर सेना में शामिल हुए और युद्ध खत्म होने के बाद सेना छोड़ दी.

 

अमरिंदर सिंह को राजीव गांधी कांग्रेस में लेकर आए. 1980 में कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव जीते. 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार का विरोध किया. अमरिंदर ने लोकसभा और कांग्रेस से इस्तीफा दिया. अमरिंदर सिंह अकाली दल में शामिल हो गए. अकाली सरकार में अमरिंदर सिंह मंत्री भी बने. अमरिंदर ने शिरोमणि अकाली दल ( पंथिक ) नाम से पार्टी बनाई. अमरिंदर की पार्टी का कांग्रेस में विलय हो गया.

 

कांग्रेस में दोबारा आने के बाद अमरिंदर सिंह को पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष भी बनाया गया. जब 2002 में कांग्रेस की सरकार बनी तो अमरिंदर सिंह मुख्यमंत्री बने. 2007 में अमरिंदर सरकार की करारी हार हुई. इसके बाद अमरिंदर कई विवादों में भी घिरे.

 

अमरिंदर पर भूमि आवंटन घोटाले का आरोप लगा. 2008 में अमरिंदर को विधानसभा से निष्कासित कर दिया गया.

2010 में सुप्रीम कोर्ट ने अमरिंदर का निष्कासन रद्द कर दिया.

 

अमरिंदर सिंह की पत्नी परनीत कौर भी राजनीति में हैं और केंद्र सरकार में मंत्री हैं. खुद अमरिंदर सिंह पटियाला से विधायक हैं और अमृतसर से लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं. अमरिंदर सिंह की टक्कर बीजेपी के अरुण जेटली से है.

फिलहाल पटियाला के महाराजा का इस समय एक ही मिशन है - जेटली को पटखनी देना और पंजाब में कांग्रेस की वापसी कराना.

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