एमपी: धनराशि के अभाव में मनरेगा भुगतान रुका

एमपी: धनराशि के अभाव में मनरेगा भुगतान रुका

By: | Updated: 07 Nov 2012 01:35 AM


भोपाल:
मध्य प्रदेश में महात्मा
गांधी रोजगार गारंटी (मनरेगा)
अधिनियम के तहत काम करने वाले
मजदूरों को मजदूरी का भुगतान
नहीं हो पा रहा है. प्रदेश के
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह
चौहान के अनुसार, धनराशि की
अनुपलब्धता की वजह से यह
स्थिति पैदा हुई है.

उन्होंने
केंद्रीय ग्रामीण विकास
मंत्री जयराम रमेश को पत्र
लिखकर 1,076 करोड़ रुपये की राशि
तत्काल मंजूर किए जाने का
अनुरोध किया है. मुख्यमंत्री
चौहान ने मंगलवार को लिखे
पत्र में केन्द्रीय ग्रामीण
विकास मंत्रालय द्वारा
राज्य सरकार के खिलाफ
नकारात्मक अभियान चलाए जाने
का आरोप लगाया है.

इसके
साथ ही चौहान ने कहा है कि
राज्य सरकार इस बात के लिए
संकल्पित है कि पात्र
हितग्राहियों को किसी भी
प्रकार की परेशानी न हो और
उन्हें उनका हक नियमानुसार
समय पर प्राप्त होता रहे.
शिवराज ने आगे कहा कि राज्य
सरकार योजना का क्रियान्वयन
उत्कृष्ट रूप से करने के लिए
प्रतिबद्घ है. मुख्यमंत्री
ने पत्र में आय-व्यय की
स्थिति को स्पष्ट करते हुए
कहा है कि आगामी महीनों के
लिए पर्याप्त राशि उपलब्ध
नहीं है.

मुख्यमंत्री ने
विस्तृत रूप से तथ्यात्मक
जानकारी देते हुए बताया कि
केन्द्रीय मंत्रालय द्वारा
प्रबंधन सूचना प्रणाली में
उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर
धनराशि की उपलब्धता दर्शाई
जा रही है, जबकि राज्य सरकार
द्वारा जिलों में वास्तविक
रूप से उपलब्धता के आधार पर
राशि की मांग की जा रही है.

उन्होंने
स्पष्ट किया कि भ्रम की यह
स्थिति आंकड़ों के स्रोत की
भिन्नता के कारण बनी है.
उन्होंने कहा कि राज्य
द्वारा केन्द्रीय ग्रामीण
विकास मंत्रालय को पूर्व में
भी निरंतर रूप से उपलब्ध राशि
एवं व्यय के सम्बंध में
जानकारी दी गई है.

मुख्यमंत्री
ने वित्तीय अनियमितताओं को
रोकने और शिकायतों एवं
समस्याओं के त्वरित समाधान
के लिए अनेक कदमों का उल्लेख
किया. इसके अलावा दोषी
अधिकारियों के विरुद्घ भी
कार्रवाई किए जाने का पत्र
में उल्लेख है.

चौहान ने
राज्य रोजगार गारंटी निधि के
कुशल प्रबंधन की दृष्टि से
उठाए जा रहे कदमों की चर्चा
करते हुए बताया कि प्रदेश में
22 हजार 21 ग्राम रोजगार सहायक
की भर्ती की जा रही है. अब तक 16
हजार ने अपना कार्यभार ग्रहण
कर लिया है.

मुख्यमंत्री
ने अपने पत्र में कहा कि
केंद्र सरकार द्वारा विकसित
नरेगा सॉफ्टवेयर की एंट्री,
ऑनलाइन ई-मस्टर एवं भुगतान की
प्रक्रिया प्रारम्भ करने के
लिए ग्राम पंचायतों में
लैपटॉप उपलब्ध कराए गए हैं.

उन्होंने
लिखा है कि मजदूरों को समय पर
भुगतान के लिए प्रत्येक जिले
की बैंक मैपिंग कराई गई है.
जहां बैंक सुविधा नहीं है,
वहां बिजनेस कारस्पांडेंस,
मोबाइल वैन, कियोस्क,
बायोमेट्रिक ए.टी.एम. एवं अति
सूक्ष्म बैंक शाखाएं खोलकर
मजदूरों को भुगतान किए जा रहे
हैं.




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