एलजी की अपील के बाद 'जनता की जीत' बताते हुए केजरीवाल ने धरना खत्म किया, छुट्टी पर भेजे गए पुलिसवाले

By: | Last Updated: Tuesday, 21 January 2014 2:58 PM
एलजी की अपील के बाद ‘जनता की जीत’ बताते हुए केजरीवाल ने धरना खत्म किया, छुट्टी पर भेजे गए पुलिसवाले

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दो दिन से चल रहे अपनी सरकार और आम आदमी पार्टी (आप) के धरने को खत्म करने की घोषणा मंगलवार शाम कर दी.

 

धरने पर बैठे मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने उनकी मांगें आंशिक रूप से मान ली है.

 

मिनट दर मिनट ब्यौरा: केजरीवाल के धरने के दूसरे दिन का पूरा हाल 

 

अशोक राजपथ के निकट रेल भवन के सामने धरना दे रहे मुख्यमंत्री और दिल्ली सरकार के मंत्रियों के समर्थन में धरना स्थल पर लोगों की बढ़ती तादाद और बेकाबू होती भीड़, गणतंत्र दिवस परेड और झांकियों की रिहर्सल में बाधा की आशंका से केंद्र सरकार पर दबाव बना और आखिरकार उसे झुकना पड़ा.

 

केजरीवाल के धरने की समाप्ति के बाद मालवीय नगर और पहाड़गंज के SHO और पहाड़गंज के PCR VAN इन्चार्ज छुट्टी पर भेजे गए.

 

जब एक मुख्यमंत्री ही सड़क पर धरने पर बैठ गया!

 

आपको बता दें कि केजरीवाल ने इन्हें सस्पेंड या ट्रांसफर करने की मांग की थी.

 

जैसे ही केजरीवाल ने धरना खत्म करने की घोषणा की, केंद्र सरकार और लोगों ने राहत की सांस ली. इस धरने के खत्म होने के बाद बिना अड़चन गणतंत्र दिवस का समारोह हो पाएगा.

 

केजरीवाल ने आज रात घोषणा की कि वह दिल्ली की जनता की जीत के बाद धरना वापस ले रहे हैं. कल रात उन्होंने सड़क पर सोकर ही गुजारी थी और अपनी सरकार के मंत्रियों के साथ अपनी कार में बैठकें कीं.

 

इससे पहले आज दिन में केजरीवाल ने अपने रख से पीछे नहीं हटने का संकेत देते हुए गतिरोध टालने के लिए केंद्र से समझौते से इंकार किया था और आगाह किया कि राजपथ को लाखों समर्थकों से भर दिया जाएगा जिससे गणतंत्र दिवस समारोह में अवरोध उत्पन्न हो सकता है.

 

केजरीवाल का एलान

 

सोमवार की सर्द रात सड़क पर गुजारने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मीडिया से कहा कि केंद्र सरकार ने उनकी मांगें आंशिक रूप से मान ली हैं.

 

गणतंत्र दिवस समाराहों परेड के मुख्य मार्ग राजपथ से थोड़ी ही दूरी पर रेल भवन के सामने मुख्यमंत्री और दिल्ली सरकार के सभी मंत्री धरना दे रहे थे. उनके समर्थन में धरना स्थल पर खराब मौसम के बावजूद लोगों की बढ़ती तादाद और बेकाबू होती भीड़ से गणतंत्र दिवस परेड और झांकियों की रिहर्सल में बाधा उत्पन्न होने की आशंका पैदा हो गई थी. केंद्र सरकार ने दबाव के आगे झुकते हुए आप की मांगें आंशिक रूप से मान लीं.

 

मुख्यमंत्री ने समर्थकों के गगनभेदी ‘इन्कलाब जिंदाबाद’ और ‘वंदे मातरम्’ के नारे के बीच धरना खत्म करने की घोषणा की.

 

केजरीवाल के अनिश्चितकाल तक धरना जारी रखने की घोषणा के कारण सांसत में फंसी केंद्र सरकार को धर्मसंकट से उबारने के लिए उपराज्यपाल जंग ने पहल की. जंग ने केजरीवाल से गणतंत्र दिवस के मौके और सुरक्षा की स्थिति को ध्यान में रखते हुए आंदोलन वापस लेने का आग्रह किया.

 

उन्होंने आश्वासन दिया कि निर्देश को अनसुनी करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ न्यायिक जांच में तेजी लाई जाएगी और इस बीच दो पुलिस अधिकारियों को छुट्टी पर भेज दिया जाएगा.

 

इससे पहले मंगलवार को प्रदर्शकारियों की पुलिस के साथ झड़प हो गई, जिसमें 19 पुलिसकर्मियों सहित कम से कम 30 लोग घायल हो गए. पथराव और हाथापाई में एक पत्रकार भी घायल हो गया.

 

पुलिसकर्मियों ने केजरीवाल को अपना धरना स्थल रेल भवन से हटाकर जंतर मंतर ले जाने के लिए कहा, लेकिन केजरीवाल (45) ने पुलिस का यह निर्देश मानने से इनकार कर दिया.

 

निषेधाज्ञा की परवाह नहीं करते हुए राजधानी के बीचों-बीच सोमवार से ही धरने पर बैठे केजरीवाल और उनके समर्थकों ने मात्र सात कंबलों के साए में खुले आसमान और कड़कड़ाती सर्दी में रात सड़कों पर ही बिताई.

 

सुबह में नींद से जगते ही उन्होंने संवाददाताओं से बात की और घोषणा की कि केंद्र सरकार के खिलाफ वे अनिश्चितकाल तक अपना आंदोलन जारी रखेंगे.

 

केजरीवाल ने कहा, “शिंदे (केंद्रीय गृह मंत्री) कौन होते हैं कि मुझे कहां प्रदर्शन करना चाहिए और कहां नहीं? मैं दिल्ली का मुख्यमंत्री हूं और यह तय करने का अधिकार मुझे है, न कि शिंदे को. जगह मैं तय कर सकता हूं कि शिंदे कहां रह सकते हैं.”

 

मुख्यमंत्री ने कहा था, “मैंने कहा 10 दिन, लेकिन प्रदर्शन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा. यदि केंद्र सरकार हमारी मांग पर 26 जनवरी तक सहमत नहीं होती तो हम राजपथ को लाखों लोगों से पाट देंगे.”

 

उन्होंने क्रोधित होते हुए कहा, “आज सुबह मैं और मेरे मंत्री बैरिकेड तोड़कर टायलेट के लिए गए. शिंदे ने सभी भवनों के टायलेट बंद करा रखे थे. प्यासों के लिए पानी तक मंगाने नहीं दिया गया. हम भारत के लोग हैं, पाकिस्तान से नहीं आए हैं.”

 

उधर, लगभग 100 की संख्या में आप समर्थक बेरिकेडों को तोड़ते हुए जबरन रफी मार्ग में घुस गए और धरना स्थल की ओर बढ़ने लगे. उन्हें रोकने पर आप समर्थकों की पुलिस से झड़प हो गई.

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