एलजेपी नेता रामविलास पासवान के एनडीए में आने की चर्चा जोरों पर, दलित नेता उदित राज भी शामिल होंगे बीजेपी में

By: | Last Updated: Monday, 24 February 2014 3:49 AM
एलजेपी नेता रामविलास पासवान के एनडीए में आने की चर्चा जोरों पर, दलित नेता उदित राज भी शामिल होंगे बीजेपी में

नई दिल्ली: बिहार के दलित नेता और लोकजनशक्ति पार्टी के रामविलास पासवान के एक राजनीतिक दांव ने देश की राजनीति में ह़ड़कंप मचा दिया है. पासवान की ओर से ये संकेत आ रहे हैं कि पासवान एनडीए में आ सकते हैं. ये खबर इसलिए चौंका रही है कि क्योंकि कहीं से भी ये उम्मीद नहीं थी कि पासवान मोदी के साथ खड़े होने वाले हैं.

 

पासवान के करीबी कह रहे हैं कि बस एलान ही रह गया है पासवान के एनडीए में आने का. दूसरी खबर ये है कि दलितों के अहम नेता उदित राज भी आज बीजेपी में भी शामिल होने वाले हैं. आज उदित राज को राजनाथ सिंह बीजेपी में शामिल कराएंगे.

 

तो क्या अब सिर्फ एलान होना बाकी है..

बारह साल पहले गुजरात में दंगों के बाद एनडीए से अलग होने वाले राम विलास पासवान को अब मोदी का दामन थामने में कोई परहेज नहीं है. बिहार में आरजेडी-कांग्रेस और एलजेपी के साथ चुनाव लड़ने की काफी चर्चा थी, सोनिया के घर मुलाकात भी करके आ गए थे रामविलास पासवान लेकिन सीटों के बंटवारे के लेकर बात नहीं बन पाई 

 

सूत्रों की माने तो बीजेपी एलजेपी को चालीस में से नौ सीटें देने को राजी हो गया है जबकि एक-दो सीटों के लिए बातचीत जारी है. हालांकि बीजेपी गठबंधन की बात से इनकार कर रही है.

 

पासवान अहम क्यों?

पिछले लोकसभा चुनाव में जेडीयू और बीजेपी ने साथ मिलकर चुनाव लड़ा था तब जेडीयू को 20, और बीजेपी को 12 सीटें मिली थीं. एलजेपी का खाता भी नहीं खुल पाया था. एबीपी न्यूज-नीलसन के हाल के सर्वे के मुताबिक बीजेपी 40 में से 21 सीटें  जीत सकती हैं जबकि एलजेपी को सिर्फ एक सीट जीतने का अनुमान लगाया गया है.. तो क्या जीतने वाली कश्ती पर सवार होना चाहते हैं रामविलास पासवान 

 

 

कौन हैं रामविलास पासवान?

पासवान सत्ता की हर कश्ती पर सवार होने वाले नेता हैं. 1989 से लेकर 2009 तक हर गठबंधन की सरकार में मंत्री रहे रामविलास पासवान.

 

पासवान के बारे में राजनीतिक गलियारे में ये चर्चा भी है कि वो जिस गठबंधन के साथ जाते हैं उसकी सरकार बन जाती है. एनडीए में पहले थे तो एनडीए की सरकार बनी. यूपीए के साथ आए तो यूपीए सरकार की बनी. हालांकि एनडीए से जब निकले थे तब एनडीए में भगद़ड़ भी मची थी. सवाल ये है कि क्या इस बार वो मोदी के लिए लकी मस्कट साबित होंगे.

 

राजेडी के लालू यादवा को लगा झटका-

पासवान के एनडीए में जाने की खबर से सबसे ज्यादा झटका लालू को लगेगा. क्योंकि लालू और कांग्रेस का गठबंधन पक्का माना जा रहा है और गर्दिश के दिनों में लालू-पासवान साथ-साथ थे.