कछुए की चाल से चलाया जा रहा है आजाद के घर को स्मारक बनाने का काम

By: | Last Updated: Thursday, 27 February 2014 6:40 AM
कछुए की चाल से चलाया जा रहा है आजाद के घर को स्मारक बनाने का काम

नयी दिल्ली: स्वतंत्रता संग्राम के महानायक ‘चंद्रशेखर आजाद’ की जन्मस्थली मध्यप्रदेश के झाबुआ जिले के अलीराजपुर क्षेत्र के ‘भावड़ा’ गांव में स्मारक बनाने और आजाद के पुराने घर को मूल स्वरूप में वापस लाने की पुरानी मांग के बीच इस पर काफी धीमी गति से काम चल रहा है.

 

झबुआ जिला आजकल नक्सलवाद के कारण चर्चा में है. इसी क्षेत्र के छोटे से गांव में एक ब्रह्मण सीमाराम तिवारी के घर ‘चंद्रशेखर’ ने जन्म लिया था. आजादी के लिए अपना सब कुछ कुर्बान करने वाले वीर योद्धा के घर को स्मारक बनाने की लम्बे समय से मांग की जा रही है हालांकि इस संदर्भ में बहुत धीमी गति से काम चलने के आरोप लग रहे हैं.

 

अलीराजपुर के जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर नारायण प्रसाद दहेरिया ने बताया, ‘‘चंद्रशेखर आजाद का जहां जन्म हुआ था, वहां पर पहले एक छोटी सी कुटिया थी. हमने यहां पर सीमेंट कंक्रीट का घर बनवाया. हालांकि लोगों की मांग है कि इसे मूल स्वरूप में बहाल किया जाए और कुटिया का अस्तित्व रहने दिया जाए. हम ऐसा करने जा रहे हैं.’’

 

उन्होंने कहा कि इस मामले में काम शुरू कर दिया गया है और इसे बहुत जल्दी पूरा कर लिया जायेगा. गौरतलब है कि साल 1998 में तत्कालीन उपराष्ट्रपति कृष्णकांत ने भावड़ा का नाम चंद्रशेखर आजाद नगर रखा था.

 

पिछले साल इस इलाके के जिला कलेक्टर और स्थानीय लोगों की बैठक हुई थी और यह तय हुआ था कि इस स्थान पर नयी कुटिया का निर्माण किया जायेगा और आजाद से जुड़ी स्मृतियां रखी जायेंगी.

 

साल 2006 में राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आजाद स्मारक की आधारशिला रखी थी. इस समय यह तय हुआ था कि अविभाजित झबुआ के सभी विधायक अपने कोष से अंशदान करेंगे.

 

आजाद का प्रारंभिक जीवन आदिवासी इलाके में गुजरा. चंद्रशेखर आजाद ने काशी में संस्कृत का अध्ययन किया. बाद में उनका रूझान आजादी के आंदोलन की ओर हुआ. उस समय बनारस क्रांतिकारियों का गढ़ था.

 

यहीं पर उनका सम्पर्क मन्मथनाथ गुप्त और प्रणवेश चटर्जी से हुआ. वे क्रांतिकारी दल के सदस्य बन गए. क्रांतिकारियों का यह दल हिन्दुस्तान प्रजातंत्र संघ के नाम से जाना जाता था.

 

आजाद ने सभी क्रांतिकारियों को एकजुट करते हुए हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन का गठन किया. भगत सिंह, राजगुरू, रामप्रसाद बिस्मिल आदि के साथ मिलकर आजाद ने स्वतंत्रता संग्राम में अभूतपूर्व योगदान दिया.

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Web Title: कछुए की चाल से चलाया जा रहा है आजाद के घर को स्मारक बनाने का काम
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