कर्नाटक संकट: आज बीजेपी से नाता तोडेंगे येदुरप्पा

कर्नाटक संकट: आज बीजेपी से नाता तोडेंगे येदुरप्पा

By: | Updated: 29 Nov 2012 11:49 PM


बैंगलोर:
दक्षिण भारत में बीजेपी की
पहली सरकार बनवाने वाले बीएस
येदुरप्पा आज पार्टी से नाता
तोड़ने वाले हैं. येदुरप्पा
आज बीजेपी और विधानसभा की
सदस्यता से इस्तीफा देंगे.
बीएस येदुरप्पा पार्टी के
प्रदेश अध्यक्ष न बनाए जाने
से नाराज हैं.




दक्षिण भारत में बीजेपी की
पहली सरकार का कमल खिलाने
वाले कर्नाटक के पूर्व
मुख्यमंत्री बीएस येदुरप्पा
आज बीजेपी से अलग होने का
एलान करेंगे. येदुरप्पा
विधानसभा की सदस्यता से भी
इस्तीफा देंगे.

येदुरप्पा
अगले दस दिनों में अपनी नई
पार्टी के नाम का भी एलान कर
सकते हैं. करीब तीन साल पहले
तक येदुरप्पा दक्षिण भारत
में बीजेपी का कमल खिलाने का
श्रेय लेते थे लेकिन अब
कर्नाटक का नाटक बदल चुका है.
पहले मुख्यमंत्री का पद
गंवानेवाले येदुरप्पा अब
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष
बनना चाहते थे लेकिन पार्टी
ने ये मांग भी नहीं मानी.

बीएस
येदुरप्पा ने कहा कि,"संतोष
हेगड़े की रिपोर्ट के बाद मुझ
पर दबाव बनाकर सीएम से
इस्तीफा दिलवाया गया. नितिन
गडकरी और जेटली ने तब कहा था
कि रिपोर्ट में कुछ नहीं है
और लोकसभा में इस मुद्दे पर
लड़ने के लिए तुम इस्तीफा दे
दो. उन्होंने वादा किया था कि
कोर्ट से राहत मिलने के बाद
मुझे दोबारा मुख्यमंत्री
बनाएंगे. लेकिन ये वादा पूरा
नहीं किया. इसके बाद यही हाल
पार्टा का प्रदेश अध्यक्ष
बनाने के वादे के साथ हुआ."

आज
इस्तीफा देने से पहले
येदुरप्पा पार्टी को अपनी
ताकत भी दिखाएंगे. वो आज
बैंगलोर में फ्रीडम पार्क से
विधानसभा तक का मार्च करेंगे
और उसके बाद स्पीकर को
इस्तीफा सौंपेंगे.
येदुरप्पा का दावा है कि उनके
पास तीन से पांच विधायक और
करीब सात सांसदों का समर्थन
हासिल है. वहीं बीजेपी ने इन
दावों को गलत बताते हुए कहा
है कि येदुरप्पा के साथ कोई
नहीं जाएगा.

आपको बता दें
कि बीजेपी से येदुरप्पा की
नाराजगी की शुरुआत उनके सीएम
पद छिनने से हुई. लोकायुक्त
संतोष हेगड़े की रिपोर्ट में
जब येदुरप्पा पर भ्रष्टाचार
के आरोप लगे तो बीजेपी ने
उनसे सीएम पद से इस्तीफा
दिलवा दिया. बाद में कोर्ट से
राहत तो मिली लेकिन हाथ से गई
सीएम की कुर्सी फिर नहीं
मिली.

येदुरप्पा ने अपनी
ताकत दिखाकर पहले सदानंद
गौड़ा और फिर जगदीश शेट्टार
को कर्नाटक का मुख्यमंत्री
बनवाया लेकिन बात नहीं बनी.
सीएम पद के बाद पार्टी के
प्रदेश अध्यक्ष का पद नहीं
मिलने के लिए येदुरप्पा ने
बीजेपी के ही अनंत कुमार को
जिम्मेदार ठहराया है.

बीएस
येदुरप्पा ने कहा,"मुझे लगता
है कि अनंत कुमार ने आडवाणी
पर दबाव बनाया है. जिसकी वजह
से आडवाणी मेरे से खुश नहीं
है. और इन सबके चलते गडकरी
मुझे पार्टी का प्रदेश
अध्यक्ष नहीं बना सके."

कर्नाटक
की दो सौ चौबीस सीटों की
विधानसभा में बीजेपी के पास
एक सौ सत्रह सीटें हैं. सरकार
बचाने के लिए एक सौ तेरह
सीटों की जरूरत है. अगर
येदुरप्पा के दावों में दम है
और उनके साथ पांच विधायक चले
जाते हैं तो बीजेपी की सरकार
पर खतरा मंडरा सकता है. साफ है
कि लिंगायत समुदाय के बड़े
नेता माने वाले येदुरप्पा
कर्नाटक की राजनीति में
बीजेपी को बड़ा नुकसान
पहुंचा सकते हैं.




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