कश्मीर मुद्दे पर बातचीत के लिए गिलानी के पास कोई दूत नहीं भेजा: बीजेपी

By: | Last Updated: Saturday, 19 April 2014 2:29 AM

नई दिल्ली: क्या बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने कश्मीर मुद्दे को लेकर जम्मू कश्मीर के अलगाववादी नेता और हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी के पास दूत भेजा था? ये विवाद इसलिए खड़ा हुआ है क्योंकि खुद गिलानी ने ये दावा किया है. हालांकि बीजेपी ने गिलानी के दावे का जोरदार खंडन किया है.

 

बीजेपी ने कहा है कि पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी ने कश्मीर के अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी से मिलने के लिए किसी भी दूत को नहीं भेजा है ताकि कश्मीर मुद्दे का हल निकालने का वादा करके अपने प्रति सहानुभूति पैदा कर सकें. गिलानी के ऐसे दावों को ‘‘बदमाशी’’ और निराधार बताकर खारिज करते हुए पार्टी ने एक बयान में कहा कि कश्मीर मुद्दे पर बातचीत के लिए किसी भी दूत ने न तो गिलानी से मिलने का प्रयास किया और न ही उनसे भेंट की है.

 

बयान में कहा गया है कि बीजेपी का यह रूख कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है बहुत स्पष्ट है और इसमें विचार-विमर्श की कोई गुंजाइश नहीं है. बीजेपी ने गिलानी के दावे का खंडन करते हुए बयान जारी किया है. बयान में गिलानी के दावे की मंशा पर सवाल उठाए गए हैं

 

जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट करके सवाल उठाया है. उमर ने पूछा है कि इस मुलाकात पर रहस्य क्यों बनाया हुआ है. उन्होंने ट्वीट किया है- हम जानना चाहते हैं कि दूत कौन थे? ऑफर क्या था औऱ इतनी गोपनीयता क्यों रखी गई है?

 

वरिष्ट पत्रकार मधु किश्वर ने ट्वीट करके सफाई देते हुए कहा है- बकवास बात है कि मैं और जेठमलानी मोदी के दूत बनकर गिलानी से मिले थे. मैं इसे साबित करने की चुनौती देती हूं.