कांग्रेस का हाथ छोड़ जनता कमल खिलाने के मूड में

कांग्रेस का हाथ छोड़ जनता कमल खिलाने के मूड में

By: | Updated: 20 May 2012 08:57 AM


नई दिल्ली: मनमोहन सिंह
के नेतृत्व वाली संयुक्त
प्रगतिशील गठबंधन यानी
यूपीए सरकार धीरे-धीरे ही
सही, लेकिन निश्चित तौर पर
अपनी ज़मीन खोती जा रही है.




यूपीए के सत्ता में तीन साल
तक बने रहने के मौके पर एबीपी
न्यूज़-नीलसन के सर्वे तो यही
चुग़ली कर रही है. यह सर्वे
देश के 28 शहरों में 9000 लोगों की
राय पर आधारित है.




सर्वे का कहना है कि अगर
लोकसभा के चुनाव अभी कराए
जाएं तो देश की 28 फीसदी जनता
बीजेपी की झोली में अपना मत
डाल देंगे, जबकि कांग्रेस
महज़ 21 फीसदी वोट ही हासिल कर
पाने में कामयाब रह पाएगी.




यानी यूपीए के तीन साल के सफर
में मतदाताओं का रुझान जहां
कांग्रेस से खिसक रहा है,
वहीं बीजेपी देश की सबसे
पसंदीदा पार्टी के तौर पर
सामने आती दिख रही है.




सर्वे ने दिलचस्प
रहस्योद्धाटन यह भी किया है
कि साल 2009 के लोकसभा चुनाव में
जिन मतदाताओं ने कांग्रेस
में विश्वास जाहिर किया था
उनमें से 69 फीसदी ही ऐसे हैं
जो अब भी कांग्रेस के साथ
खड़े हैं यानी अगर आज चुनाव
हुए तो कांग्रेस का हाथ थमाने
वालों में 31 फीसदी की गिरावट आ
जाएगी.




कांग्रेस के लिए परेशानी की
बात यह है कि उनके जो 31 फीसदी
वोटर नाराज़ हैं, उनमें से 12
फीसदी बीजेपी के कमल को
खिलाने का मन बना चुके हैं.
जबकि साल 2009 में जिन मतदाताओं
ने कमल पर अपना बटन दबाया था
उनमें 84 फीसदी आज भी कमल के
साथ खड़े हैं. जो 16 फीसदी
बीजेपी के दूर हो रहे हैं
उनमें सिर्फ दो फीसदी
कांग्रेस का हाथ थामना चाहते
हैं.
 
एबीपी न्यूज़- नीलसन
के इस ताज़ा सर्वे में जो
मतदाता शामिल हुए हैं, साल 2009
में उनके 28 फीसदी ने कांग्रेस
के पक्ष में वोट दिया था, जबकि
27 फीसदी ने बीजेपी का साथ दिया
था. यानी ताज़ा सर्वे में
कांग्रेस को आठ फीसदी का
नुकसान हो रहा है, लेकिन
बीजेपी को महज़ एक फीसदा का
फायदा हो रहा है. यानी
कांग्रेस से खिसकने वाला सात
फीसदी वोट स्थानीय
पार्टियों की झोली में जाता
दिख रहा है.




साल 2009 के लोकसभा चुनावों में
कांग्रेस ने 207 सीटों पर अपना
क़ब्ज़ा जमाया था, जबकि
बीजेपी के खाते में 116 सीटें
गई थीं.




सर्वे का ब्योरा





यह सर्वे 30 अप्रैल 2012 से 7 मई 2012
के बीच 28 शहरों में किया गया.
इस सर्वे में कुल 8878 मतदाताओं
की राय को शामिल किया गया है.




इस सर्वे में उस हिंदुस्तानी
महिला और पुरुष को शामिल किया
गया है, जिनकी उम्र 18 साल से
अधिक थी और उनके नाम वोटर
लिस्ट में दर्ज थे.




उत्तर भारत में यह सर्वे आठ
शहरों में किया गया. जिनके
नाम हैं: दिल्ली, लुधियाना,
जयपुर, लखनऊ, आगरा, चंडीगढ़,
इलाहाबाद और पटियाला.




दक्षिण भारत में यह सर्वे छह
शहरों में किया गया. जिनके
नाम हैं: चेन्नई, हैदराबाद,
बैंगलोर, कोच्चि, मदुराई और
विजयवाड़ा.




पूर्व भारत में यह सर्वे पांच
शहरों में किया गया. जिनके
नाम हैं: कोलकाता, जमशेदपुर,
पटना, भुवनेश्वर और गुवाहाटी.




पश्चिम भारत में यह सर्वे नौ
शहरों में किया गया. जिनके
नाम हैं: इंदौर, मुंबई, भोपाल,
अहमदाबाद, पुणे, रायपुर,
कोल्हापुर, नागपुर और
औरंगाबाद.




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