कांग्रेस धर्मनिरपेक्षता के बंकर में छिपने का कर रही है प्रयास, उसे 100 से भी कम सीटें मिलेंगी: मोदी

By: | Last Updated: Sunday, 27 April 2014 12:58 PM

अहमदाबाद:  कांग्रेस पर ‘धर्मनिरपेक्षता के बंकर में छिपने का प्रयास’ करने का आरोप लगाते हुए नरेन्द्र मोदी ने आज कहा कि पार्टी अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है. उन्होंने कहा कि नयी लोकसभा में कांग्रेस के लिए 100 सीट के स्तर तक पहुंचना भी ‘दुरूह कार्य’ प्रतीत हो रहा है.

 

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आरोप कि उनका चुनाव प्रचार ‘धार्मिक कट्टरता, धन और बल का खतरनाक गठजोड़ है’ पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए भाजपा के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी ने कहा, ‘निश्चित हार का सामना कर रही वह (कांग्रेस) अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रही है और एक बार फिर धर्मनिरपेक्षता के बंकर में छिपने का प्रयास कर रही है.’

 

मोदी ने पीटीआई से कहा, ‘उसकी अंतिम उम्मीद है कि किसी तरह 100 सीटों के स्तर को पार किया जाये जो उसके लिए दुरूह कार्य प्रतीत हो रहा है.’

 

सोनिया के कटाक्ष कि वह भारत को स्वर्ग बनाने का वादा कर रहे हैं, पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा, ‘मैंने कभी यह नहीं कहा कि मैं भारत को स्वर्ग बना दूंगा और मेरे पास सभी समस्याओं का हल है. मैं आश्वस्त हूं कि लोग भी मुझसे यह उम्मीद नहीं करते.’

 

मोदी ने कहा कि भारत के लोग भी चमत्कार की उम्मीद नहीं कर रहे लेकिन ‘वे निश्चित तौर पर एक स्थिर, निर्णायक और संवेदनशील सरकार पाने के हकदार हैं.’

प्रियंका गांधी द्वारा उनके परिवार और उनके पति राबर्ट वाड्रा को लेकर जलील करने के मोदी पर लगाये गये आरोप के संबंध में पूछने पर भाजपा नेता ने कहा कि एक पुत्री और एक बहन की तरह उन्हें अपनी मां और भाई के लिए प्रचार करने का अधिकार है.

 

बचाव पर दिक्कत नहीं

 

मोदी ने कहा, ‘यह स्वाभाविक है कि एक पुत्री अपनी मां का बचाव करना पसंद करेगी. एक बहन अपने भाई का बचाव करना पसंद करेगी. मुझे उसे लेकर कोई दिक्कत नहीं है.’

 

यह पूछे जाने पर कि उनके सत्ता में आने पर वाड्रा के खिलाफ आरोपों से कैसे निबटा जायेगा, भाजपा नेता ने कहा कि वह बदला लेने की राजनीति और किसी के पीछे पड़ने में विश्वास नहीं करते जिसके वह स्वयं दस साल से ‘शिकार’ रहे हैं.

 

उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि कोई भी कानून से उपर नहीं है और यदि किसी ने कुछ गलत किया है तो कानून अपना काम करेगा. ‘लेकिन यह संस्थागत तरीके से नियमित प्रक्रिया के जरिये होना चाहिए जिसमें किसी भी वर्ग की ओर से हस्तक्षेप नहीं हो. इस प्रकार की कार्रवाई राजनीतिक सोच से दिशानिर्देशित नहीं होनी चाहिए.’

 

मोदी से पूछा गया था कि क्या वह ममता बनर्जी, जयललिता और मायावती जैसी उन ताकतवर क्षेत्रीय नेताओं से संपर्क साधने की कोशिश करेंगे जो चुनाव प्रचार के दौरान उनकी आलोचना करती रही हैं पर चुनाव के नतीजे आने के बाद उन्हें (मोदी को) उनके समर्थन की जरूरत पड़ सकती है.

 

भाजपा नेता ने जवाब दिया, ‘अब तक मुझे पूरा यकीन है कि भाजपा अपने मौजूदा गठबंधन सहयोगियों के साथ मिलकर केंद्र में सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल हासिल करने जा रही है. आपको यह याद रखना चाहिए कि हमारे पास अभी 25 से ज्यादा साझेदारों का एक बड़ा शक्तिशाली गठबंधन है.’

 

मोदी ने कहा, ‘हमें यकीन है कि हम सरकार चलाने का संख्याबल हासिल कर लेंगे. बहरहाल, हमें देश चलाने के लिए हर किसी के समर्थन और सहयोग की जरूरत पड़ेगी.’

 

‘वोट बैंक की राजनीति

 

भाजपा नेता ने पिछड़े मुसलमानों के लिए ओबीसी कोटे से जुड़े कांग्रेस के कदम के लिए उस पर तीखा हमला बोला और कहा कि यह दरअसल ‘वोट बैंक की राजनीति और चुनावों से पहले तुष्टीकरण की राजनीति’ करने की ‘आखिरी कोशिश’ है .

 

मोदी ने कहा कि कांग्रेस ऐसा वादा यह जानते हुए भी कर रही है कि उसे लागू नहीं किया जा सकता. उन्होंने कहा, ‘मैं यह भी कहूंगा कि इससे उस पार्टी का असली ‘धर्मनिरपेक्ष’ चेहरा उजागर होता है जो धर्म के आधार पर वोट हासिल करने की मंशा रखती है .’

 

यह पूछे जाने पर कि क्या वह इस बात से सहमत हैं कि मौजूदा चुनाव प्रचार भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे ज्यादा ध्रुवीकृत है, मोदी ने कहा कि वह ‘एक तरह से’ यह मानते हैं कि यह एक ध्रुवीकृत चुनाव है पर इस बार ‘ध्रुवीकरण’ अलग तरह का है.

 

मोदी ने कहा, ‘लोकतंत्र में ध्रुवीकरण स्वाभाविक है. यह स्वाभाविक है कि लोग अलग-अलग नजरिया रखें और अलग-अलग तरीके से वोट करें . अपने आप में यह कोई बुरी चीज नहीं है . ध्रुवीकरण किस तरह का हो रहा है, यह ज्यादा अहम है .’ गुजरात के मुख्यमंत्री ने कहा कि इस चुनाव में ध्रुवीकरण उनके बीच है जो विकास और अच्छे प्रशासन की समावेशी राजनीति में यकीन रखते हैं और वे जो वोट बैंक, जाति और धर्म की विभाजनकारी राजनीति में यकीन रखते हैं .

 

यह पूछे जाने पर कि क्या मोदी लहर या कांग्रेस विरोधी लहर चल रही है, अथवा दोनों, मोदी ने जवाब में कहा, ‘मैं समझता हूं दोनों. बहुत जोरदार कांग्रेस विरोधी लहर के साथ भाजपा और राजग के पक्ष में उतनी ही जोरदार लहर है.’ इन चुनावों को ‘असाधारण’ और ‘अभूतपूर्व’ बताते हुए उन्होंने कहा कि संभवत: ऐसा पहली बार है कि एक जोरदार सत्ता विरोधी लहर के साथ परिवर्तन की भी उतनी ही मजबूत लहर चल रही है.

 

गोधरा घटना के बाद 2002 में गुजरात में हुए दंगों के बारे में किसी सवाल का जवाब देने से उन्होंने इंकार कर दिया लेकिन एक अन्य प्रश्न के उत्तर में कहा कि उनके विरोधियों को उनके विरूद्ध भ्रष्टाचार, भाई भतीजावाद या अक्षमता के गंभीर आरोप नहीं मिल पा रहे हैं.

 

इस सवाल पर कि क्या वह मुसलमानों को यह आश्वासन देना चाहेंगे कि वे सुरक्षित महसूस करें और उनके नेतृत्व में बनने वाली सरकार किसी के खिलाफ भेदभाव नहीं करेगी, भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार ने कहा कि किसी के असुरक्षित महसूस करने की वजह नहीं है, चाहे वह हिन्दू हो या मुस्लिम.

 

उन्होंने कहा, ‘अगर कोई असुरक्षित महसूस करता है तो वे हैं ये पार्टियां, जो मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल करती हैं और उनके विकास के लिए कुछ नहीं करतीं. उनकी राजनीति की मियाद अब खात्मे पर पंहुच चुकी है. ये दल अपने को सुधारें या विलुप्त होने का सामना करें.’

 

मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि भाजपा सरकार के तहत किसी के भी असुरक्षित महसूस करने का कोई कारण नहीं है.

 

उन्होंने कहा, ‘हम 125 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और विकास के लिए प्रतिबद्ध हैं और इनमें हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आदि सभी शामिल हैं. हमारा आदर्श नारा है, ‘सबका साथ सबका विकास’.’

 

वाराणसी से अपना नामांकन पत्र भरने के अवसर पर ‘गंगा-जमुनी तहज़ीब के बारे में उनकी ओर से उल्लेख किए जाने के बारे में सवाल करने पर उन्होंने कहा, यह उनका ‘भारत पहले’ का संदेश है– आइए हम जाति और धर्म से उपर उठें और विकास और खुशहाली के लिए सब मिलकर काम करें.

 

मोदी ने यह अन्य टिप्पणियां भी की (भ्रष्टाचार) मेरे दिमाग में एक स्पष्ट समयबद्ध कार्य योजना है और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि जब देश में 17वां लोकसभा चुनाव (2019 में निर्धारित) हो तो भ्रष्ट और आपराधिक तत्वों के लिए कोई स्थान नहीं हो.

 

कार्य योजना में पहले उन मौजूदा सांसदों को उनकी पार्टी और राजनीतिक संबंधों पर ध्यान दिये बिना, निशाना बनाया जायेगा जिनके खिलाफ मामले चल रहे हैं. उच्चतम न्यायालय से अनुरोध किया जायेगा कि देश भर में फास्ट ट्रैक अदालतें बनाकर उनके खिलाफ मुकदमे चलाये जायें ताकि सभी मामलों में एक साल के भीतर फैसला हो सके.

 

इससे यह सुनिश्चित होगा कि दोषी नहीं पाये गये लोग सभी आरोपों और दुष्प्रचार से मुक्त हो जायेंगे. जो लोग दोषी पाये जायेंगे उन्हें दंडित किया जायेगा और उनकी अयोग्यता के कारण उत्पन्न हुई रिक्ति को ईमानदार और स्वच्छ लोगों के माध्यम से भरा जायेगा.

 

अगले चरण में उन सभी लोगों को निशाना बनाया जायेगा जिन्होंने चुनाव लड़ा है और जो पंचायती राज संस्थाओं और शहरी स्थानीय निकायों के सदस्य हैं. हम यह संदेश देना चाहते हैं कि यदि आप सांसद या विधायक बन जाते हैं तो आपके खिलाफ मामला फास्ट ट्रैक अदालत में चलाया जायेगा.

 

स्वतंत्र भारत में सबसे पसंदीदा नेता: सरदार पटेल निश्चित रूप में एक कद्दावर नेता थे जिन्होंने राष्ट्र के प्रथम गृह मंत्री के तौर पर समूचे देश को एकजुट करने और 500 देशी रियासतों का भारत में विलय करवाने का महान कार्य किया था. वह एक ऐसे नेता हैं जिनका मैं इस बात को लेकर प्रशंसक हूं कि वह सबसे उपर राष्ट्रीय हितों को रखते थे.

 

बारह मई को नौ चरणों वाले मतदान के संपन्न होने और 16 मई को होने वाली मतगणना के बीच उनकी योजना : मुझे ऐसा नहीं लगता कि मुझे एक भी दिन का अवकाश मिल पायेगा. मैं 12 को ही यह तय करूंगा कि मुझे 2.3 दिन क्या करना है.

 

बहरहाल, मैं उन लाखों स्वयंसेवकों और कार्यकर्ताओं को धन्यवाद देने के लिए कुछ समय लगाना चाहूंगा, जिन्होंने पिछले कुछ माह के दौरान बहुत कठिन परिश्रम किया है.

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Web Title: कांग्रेस धर्मनिरपेक्षता के बंकर में छिपने का कर रही है प्रयास, उसे 100 से भी कम सीटें मिलेंगी: मोदी
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