काशी को गंगा कौन लौटाएगा?

By: | Last Updated: Tuesday, 25 March 2014 5:16 PM

नई दिल्ली. अरविंद केजरीवाल ने भी काशी से मोदी को चुनौती देने का एलान कर दिया. शुरुआत गंगा स्नान से हुई. केजरीवाल के गंगा स्नान के साथ ही गंगा की दुर्दशा का मुद्दा भी चर्चा में आ गया है. वाराणसी की जनता के लिए स्वच्छ गंगा अहम मुद्दा है लेकिन बड़ा सवाल ये है कि काशी को वह गंगा कौन लौटाएगा जो गुजरते वक्त के साथ बेहद खराब हालत में पहुंचती जा रही है.

 

गंगा की बद से बदतर होती हालत चुनावी मुद्दा बन गई है. काशी से मोदी की चुनौती देने की तैयारी में जुटे अरविंद केजरीवाल ने काशी पहुंचते ही इस मुद्दे पर चोट मारी है. हालांकि मोदी काशी से उम्मीदवारी का एलान होने से पहले ही गंगा का मुद्दा अपनी पहली रैली में ही उठा चुके हैं.

 

किसी भी पार्टी के लिए गंगा का मुद्दा उठाना जरूरी भी है और मजबूरी भी. वह इसलिए क्योंकि गंगा आस्था है. श्रद्धा है. पूजा है. वह गंगा जो जिंदगी देती है उसकी ऐसी हालत दुख भी पहुंचाती है और गुस्सा भी.

 

ऐसा नहीं कि काशी ने गंगा की बिगड़ती हालत को रोकने के लिए कोई कोशिश नहीं की. हाईकोर्ट तक का दरवाजा खटखटाया गया लेकिन सारी कोशिशें बेनतीजा.

 

गंगा का ये रूप कोई आज का नहीं है पिछले तीन दशक से तो गंगा की हालत सुधारने की कोशिश में 3 हजार करोड़ खर्च किए जा चुके हैं लेकिन इतना पैसा खर्च होने बावजूद हालात और ज्यादा बिगड़ चुके हैं.

 

काशी के घाट के पंडा से लेकर पुरोहित तक और नागरिक समिति से लेकर आम जनता तक कोई ऐसा नहीं जिसके पास प्रदूषित होती गंगा के निवारण के लिए कोई उपाय ना हो लेकिन प्रशासन के तमाम उपाय कई बार कागजों पर सिमट कर रह जाते हैं तो कई बार शुरू होकर अधर में ही खत्म हो जाते हैं.

 

प्रदूषित गंगा के मुद्दे पर पर्यावरण विद जी डी अग्रवाल आमरण अनशन तक कर चुके हैं. एबीपी न्यूज भी 2010 से गंगा की सौगंध मुहिम चल रहा है जिसमें अलग-अलग जगहों से गंगा के नमूने लेकर इस बात की जांच की जाती है कि गंगा की हालत कहां सुधरी है और कहां बिगड़ी.

 

साल 2010 से लेकर 2013 तक चार बार की जांच में वाराणसी में गंगा का पानी हर बार फेल हुआ. पीने और नहाने लायक भी नहीं निकला गंगाजल. हर साल यहां खतरनाक ई कोलाई बैक्टीरिया मिला जो पानी पीने वाले शख्स को बीमार कर सकता है.

 

ये हाल है हमारी गंगा का. बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी काशी से उम्मीदवार हैं. वाराणसी में पहली रैली में मोदी मुद्दा तो उठा चुके हैं क्या अबकि बार वह ये बताएंगे कि वो काशी को गंगा कैसे लौटाएंगे?

 

मोदी के सामने कांग्रेस अपने दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह को उतारने की तैयारी में है. 10 साल के चुनावी वनवास के बाद मैदान में उतर रहे दिग्विजय सिंह क्या कोई एक्शन प्लान पेश करेंगे.

 

कौन क्या लाएगा ये तो पता नहीं लेकिन जनता का हीरो वह ही कहलाएगा जो काशी को गंगा लौटाएगा.

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Web Title: काशी को गंगा कौन लौटाएगा?
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