किसके फोन पर संगीत-कादिर की गिरफ्तारी टली?

By: | Last Updated: Wednesday, 18 September 2013 8:45 PM

लखनऊ: पुलिस सूत्रों के
मुताबिक बुधवार को ही दंगा
भड़काने के आरोप में बीएसपी
सांसद कादिर राना और बीजेपी
विधायक संगीत सोम की
गिरफ्तारी की तैयारी हो गई
थी, लेकिन एक फोन कॉल के बाद इन
नेताओं की गिरफ्तारी टली.
सवाल ये कि पुलिस के काम में
दखल कौन दे रहा है?

इससे पहले, सूत्रों ने
जानकारी दी है कि मुजफ्फरनगर
दंगों के केस में पुलिस आज
कुछ गिरफ्तारियां कर सकती है.

बीजेपी विधायक संगीत सोम,
भारतेंदु और सुरेश राणा पर
भड़काऊ भाषण देने का आरोप है.
तीनों के खिलाफ कोर्ट ने
वारंट जारी कर रखा है. तीन को
पुलिस बुधवार को विधानसभा
में पकड़ने गई थी लेकिन वो
बीजेपी नेता उमा भारती के साथ
निकल गए थे.

बुधवार को मुजफ्फरनगर की एक
स्थानीय अदालत ने तीन बीजेपी
विधायकों के साथ-साथ बीएसपी
सांसद कादिर राणा समेत 16
लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी
वारंट जारी किया था.

कोर्ट में शुक्रवार तक पुलिस
को इस सिलसिले में रिपोर्ट
सौंपनी है, ऐसे में आज
गिरफ्तारियां तय मानी जा रही
हैं.

उधर बीजेपी नेता उमा भारती ने
चेतावनी दी है कि अगर बीजेपी
नेताओं की गिरफ्तारी के बाद
हालात बिगड़ेंगे तो इसकी
जिम्मेदारी अखिलेश सरकार की
होगी.

ग़ौरतलब है कि 27 अगस्त को
मुजफ्फरनगर के कवाल गांव में
हुई छेड़खानी की एक घटना में
दो समुदायों की तीन लोग की
हत्या के बाद वहां माहौल
बिगड़ गया और प्रशासन की
लापरवाही के बाद इलाके में
धीरे-धीरे स्थिति विस्फोटक
होती गई और सात सितंबर को उस
घटना ने दंगे का रुप ले लिया
जिसमें 40 से ज्यादा जानें जा
चुकी हैं.

आजम कब होंगे गिरफ्तार?

निजी न्यूज़ चैनल आजतक के
स्टिंग ऑपरेशन में यूपी के
कैबिनेट मंत्री आजम खान पर
लगे गंभीर आरोप के बाद बीजेपी
ने पूछा कि आजम गिरफ्तारी
क्यों नहीं हो रही है.

आजतक के स्टिंग ऑपरेशन में एक
एसएचओ को ये कहते हुए दिखाया
गया था कि आजम ने फोन करके कहा
कि जो हो रहा है होने दो.

हालांकि, आजम खान ने आज तक के
स्टिंग ऑपरेशन में अपने ऊपर
लगे आरोपों से इनकार किया है.
आजम खान ने कहा है कि उनकी
किसी पुलिस वाले से कोई बात
नहीं हुई है.

अल्पसंख्यक आयोग का दौरा

राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग
के चेयरमैन वजाहत
हबीबुल्लाह आज दंगा
प्रभावित मुजफ्फरनगर का
दौरा करेंगे. इससे पहले कल
दिल्ली की जामा मस्जिद के
शाही इमाम मौलाना अहमद
बुखारी भी मुजफ्फरनगर गए थे.

उधर, उत्तर प्रदेश पुलिस के
कानून व्यवस्था की
जिम्मेदारी देखनेवाले
एडिश्नल डायरेक्टर जनरल
अरुण कुमार ने केंद्रीय
डेप्यूटेशन पर जाने के लिए
अखिलेश सरकार को आवेदन दिया
है. वो यूपी में काम नहीं करना
चाहते. एडीजी पद पर उन्हें
सिर्फ नौ महीने ही हुए हैं. वो
मुजफ्फरनगर दंगों की जांच कर
रहे हैं.

सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

मुजफ्फरनगर में हुए दंगे के
मामले पर आज सुप्रीम कोर्ट
में सुनवाई होगी. सुप्रीम
कोर्ट ने यूपी सरकार और
केंद्र सरकार से हालात
सामान्य करने के लिये उठाये
जा रहे कदमों और घायलों और
फंसे हुए लोगों की स्थिति पर
ब्योरा मांगा था.

सुप्रीम कोर्ट ने मामले की
सीबीआई या न्यायिक जांच जैसे
पहलुओं पर आगे विचार करने से
मना नहीं किया था. दंगों में
राजनीतिक दखलंदाजी के
मुद्दे भी अदालत में आज उठ
सकते हैं.

मुजफ्फरनगर के वकीलों और
सामाजिक कार्यकर्ताओं के
साथ साथ सुप्रीम कोर्ट बार
एसोसिएशन ने भी याचिकाएं
दाखिल कर रखी हैं.

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Web Title: किसके फोन पर संगीत-कादिर की गिरफ्तारी टली?
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