किसी ने मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने से नहीं रोका- प्रियंका गांधी

किसी ने मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ने से नहीं रोका- प्रियंका गांधी

By: | Updated: 14 Apr 2014 02:16 AM

नई दिल्ली: वाराणसी से चुनाव लड़ने की खबरों पर सोनिया गांधी की बेटी और राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी ने बयान आया है. प्रियंका ने टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी उस खबर का खंडन किया है कि वो वाराणसी से मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहती थी लेकिन पार्टी ने इसकी इजाजत नहीं दी.


प्रियंका ने कहा है कि मेरे परिवार ने कभी भी मुझे चुनाव लड़ने से नहीं रोका. मेरे भाई राहुल ने कई बार मुझसे कहा कि मैं चुनाव लड़ूं. अगर मैं चुनाव लड़ना चाहती तो भाई राहुल गांधी, मां सोनिया और पति राबर्ट वाड्रा मेरा समर्थन करते. अमेठी और रायबरेली पर मेरा ध्यान रहा है औऱ उसमें कोई परिवर्तन नहीं हुआ है.


टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी खबर के मुताबिक बीजेपी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के खिलाफ प्रियंका गांधी वाराणसी से चुनाव लड़ना चाहती थीं. लेकिन कांग्रेस ने इसकी इजाजत नहीं दी.

 

प्रियंका वाराणसी से चुनाव लड़ना चाहती थीं क्योंकि उनका मानना है कि नरेंद्र मोदी की जीत देश के लिए देश के लिए अच्छा नहीं है. प्रियंका के प्रस्ताव पर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने हर नजरिए से किया और आखिर में प्रियंका को चुनाव में नहीं उतारने का फैसला लिया. (टाइम्स ऑफ इंडिया में छपी पूरी खबर को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें )

 

कांग्रेस पार्टी ने प्रियंका की बजाय वाराणसी के स्थानीय नेता अजय राय को अपना उम्मीदवार बनाया. अजय राय को वाराणसी में पूरा समर्थन देने का प्रियंका गांधी ने वादा किया है.

 

इससे पहले टिकट मिलने के बाद अजय राय ने एबीपी न्यूज से कहा था-  टिकट दिलाने में प्रियंका गांधी की बड़ी भूमिका रही है. इतना ही नहीं प्रियंका गांधी ने अजय राय को अपना पर्सनल मोबाइल नंबर भी दिया है.  अजय राय ने कहा- प्रियंका जी ने कहा कि आप जमकर लड़िए. उन्होंने अपना पर्सनल मोबाइल नंबर भी दिया और कहा कि आपको जो भी जरूरत होगी तुरंत बोलें. वो आपको तुरंत मुहैया कराई जाएंगी.

 

प्रियंका को वाराणसी से टिकट ना देने के कई कारण

वैसे प्रियंका को वाराणसी में मैदान में ना उतारने के कई कारण हो सकते हैं. पार्टी के वरिष्ट नेताओं का कहना है कि वाराणसी में कांग्रेस किसी स्थानीय नेता को टिकट देकर नरेंद्र मोदी के बाहरी होने के मुद्दे को भुनाना चाहते थे. साथ ही एक सबसे अहम कारण यह भी था कि अगर प्रियंका को मैदान में उतारकर मोदी को ज्यादा अहमियत नहीं देना चाहती थीं. जिस तरह राबर्ट वाड्रा को लेकर विरोधी दल कांग्रेस को घरते रहते हैं ऐसी स्थिति में इस तरह के हमले तेज हो जाते.

 

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने कहा था कि प्रियंका की राजनीति में उनकी रुचि बहुत कम आयु से ही रही है. इस बारे में उन्हें प्रियंका के पिता राजीव ने 1990 में ही बताया था. इस बयान के बाद से ऐसा माना जा रहा था कि प्रियंका अब सक्रिय राजनीति में आ सकती हैं.

 

फिलहाल प्रियंका भाई राहुल गांधी और मां सोनिया गांधी के चुनाव प्रचार को देखती है. आपको बात दें कि प्रियंका गांधी ने अबतक चुनाव नहीं लड़ा है.

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