केजरीवाल की ढाई चाल

By: | Last Updated: Monday, 20 January 2014 5:15 PM

केंद्र की सत्ता का पावर सेंटर है नॉर्थ ब्लॉक. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अब नार्थ ब्लॉक की तरफ कूच शुरू कर दिया है. वैसे वो धरने पर बैठे हैं रेल भवन के पास लेकिन उनके निशाने पर है नॉर्थ ब्लॉक. जहां से देश की फाइलें आगे बढ़ती हैं.

 

लोकसभा चुनाव की तैयारी

 

केजरीवाल सोमवार सुबह नॉर्थ ब्लॉक की तरफ बढ़े लेकिन रेल भवन के सामने रोक दिया गया तो वहीं धरने पर बैठ गए. ये केजरीवाल की ढाई चाल है. वो मांग तो कर रहे हैं दिल्ली पुलिस पर कार्रवाई लेकिन लगता है कि उन्होंने लोकसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है.

 

केजरीवाल का नया स्ट्रोक

 

अब क्रिकेट की भाषा में बात करें तो राजनैतिक पार्टियां चाहतीं हैं केजरीवाल दिल्ली में टेस्ट मैच की तरह खेलें जबकि केजरीवाल आईपीएल के मैचों की तरह खेल रहे हैं. टी-20 मैचों में बाजी कब कहां पलट जाए कोई नहीं कह सकता कुछ ऐसा ही रोमांच फिलहाल दिल्ली में बन गया है. 

 

दिल्ली में आम आदमी पार्टी ऐसी पिच पर बैटिंग कर रही है जहां वो ग्यारह खिलाड़ियों के साथ उतरे नहीं हैं. जिन खिलाड़ियों का साथ लेकर वो खेल रहे हैं वो कब मैच फंसवा दें ये पता नहीं इसलिए धमाकेदार बल्लेबाजी के जरिए अपने रन बनाने की कोशिश में हैं केजरीवाल.

 

अब तक हुआ ये है पार्टी के अंदर से ही 16 जनवरी को एक खिलाड़ी ने बगावत कर दी. नाम है विनोद कुमार बिन्नी. सीधा कैप्टन पर हमला बोला. लगा कि ये टीम तो गई. वहीं विरोधी टीम बीजेपी बाउंसर पर बाउंसर मार रही है ताकि केजरीवाल और टीम खाता भी ना खोल पाए. कांग्रेस का हाल ये है कि एक तरफ समर्थन है और दूसरी एंड पर खड़े उसके बल्लेबाज रन के लिए भागने को तैयार नहीं हैं. केजरीवाल और उनकी टीम सिर्फ ये मैच नहीं बल्की पूरा टूर्नामेंट जीतना चाहती है लेकिन दिक्कत ये कि दिल्ली का मैच ही फंसा हुआ है तो लोकसभा का क्या होगा. बीजेपी, कांग्रेस और फिर बिन्नी के हमलों ने केजरीवाल की हालत पतली कर दी और उसी में नया स्ट्रोक लेकर केजरीवाल मैदान में फिर से कूद पड़े. ये स्ट्रोक है धरने का. इससे पहले किसी मुख्यमंत्री ने केंद्र के खिलाफ धरने का ऐसा इस्तेमाल नहीं किया.

 

विवादों से निकल कर हमला

 

इस स्ट्रोक से पहले केजरीवाल खुद पांच+पांच बेडरूम वाले बंगलों के विवाद में फंसे थे. विरोध इतना हुआ कि ये बंगला छोड़ना पड़ा. एक बड़ा विवाद सोमनाथ भारती को लेकर हुआ था. कानून मंत्री सोमनाथ भारती को कोर्ट ने सबूतों से छेड़छाड़ के आरोप में फटकार लगाई. इसके बाद खिड़की एक्सटेंशन में छापेमारी को लेकर विवाद हुआ.

 

एक और मंत्री राखी बिड़ला भी लगातार विवादों में थी. कार का शीशा फूटने का विवाद हुआ. सरकारी गाड़ी लेने पर विवाद हुआ. जिससे आप की छवि को नुकसान पहुंचा था. इसके बाद राखी बिड़ला ने दहेज से हुई मौत के मामले में चर्चा में आईँ.

 

लेकिन इन दो विवादों को आप ने अपने पक्ष में मोड़ लिया. केजरीवाल ने दिल्ली पुलिस पर नाकारा होने और घूस लेने का आरोप लगाते हुए इन घटनाओं को मुद्दे में बदल दिया. केजरीवाल यहीं नहीं रूके उन्होंने पुलिस कमिश्नर और गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि लगता है नियुक्तियां पैसे लेकर होती हैं. इसके अलावा पुलिसकर्मियों के आमलोगों से घूस लेने का मुद्दा भी उठाया. ये सारे मुद्दे वो हैं जो आम जीवन से जुड़े हुए हैं.

 

केजरीवाल का पलटवार

 

दिलचस्प ये है कि रेप के मामले पर कांग्रेस 16 तारीख से कांग्रेस केजरीवाल सरकार पर हमलावर है. लेकिन अब रेप के मामले पर केजरीवाल दिल्ली पुलिस की जवाबदेही तय करने की बात कर रहे हैं. यानी जो बंदूक उनकी तरफ घूमी थी अब वहीं दिल्ली पुलिस की तरफ मोड़ दी है.

 

उनके दो मंत्री विवादों के घेरे में थे अब उन्हीं मंत्रियों के किस्से उठा कर दिल्ली पुलिस और शिंदे पर हमला कर रहे हैं केजरीवाल. रात होते-होते केजरीवाल ने साफ कर दिया कि लोकसभा चुनाव में जनता कांग्रेस को सबक सिखाएगी.

 

साफ है केजरीवाल लोकसभा की तैयारियां शुरू कर चुके हैं और आने वाले दिनों में कांग्रेस को केजरीवाल और उनकी मांगों से छुटकारा मिलने के आसार नहीं हैं.

 

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