केजरीवाल के समर्थन में नीतीश कुमार, मोदी को बताया सेल्स मैन

केजरीवाल के समर्थन में नीतीश कुमार, मोदी को बताया सेल्स मैन

By: | Updated: 26 Apr 2014 09:27 AM

नई दिल्लीः बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू नेता नीतीश कुमार ने एक बार फिर सोशल नेटवर्किंग साइट के जरिए भारतीय जनता पार्टी के पीएम उम्मीटवार नरेन्द्र मोदी पर तंज कसा है. लेकिन इस बार वो आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल के समर्थन में भी लिखा है.


 


नीतीश कुमार के ऑफिशयल फेसबुक पेज पर आज जो पोस्ट डाला गया उसमें खास बात यह है कि तस्वीर राष्ट्रपति के साथ है और पूरा ब्यौरा मोदी के वारणसी से नामांकन भरने को लेकर है. नीतीश ने लिखा कि देश को स्टेट्समेन की जरूरत है ! सेल्समैन या इवेंट मैनेजर की नहीं.


 


केजरीवला के पक्ष में अपनी बात रखते हुए वो कहते हैं कि कम से कम आम आदमी पार्टी के वाराणसी के उम्मीदवार ख़ुलेआम सच कबूलते हैं कि भ्रष्ट और साम्प्रदायिक ताकतों को हराना है इसलिए बनारस से चुनाव जीतना है. सच बोलने का साहस होना चाहिए तभी जीत मिलती है.


 


मोदी के नामांकन से पहले दिए संक्षिप्त भाषण स्वरूप वक्तव्य पर निशाना साधते हुए नीतीश ने लिखा  ''भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार बनारस से चुनाव लड़ने पहुँचते हैं – कहते हैं गंगा माँ ने बुलाया है.'' ऐसे में बनारस के वर्तमान भाजपा सांसद क्या कहेंगे – गंगा ने भगाया है ? क्या ये गंगा की भक्ति है कि उन्हें नामांकन में बुलाने का साधारण शिष्टाचार तक नहीं दिखाया गया. जो लोग महादेव और राम को ठग चुके वो अब गंगा मईया की भक्ति कर रहे हैं.


 


उन्होंने मोदी का नाम लिए बिना लिखा  ''जो हिन्दुस्तान का प्रधानमंत्री बनना चाहता हो, बनारस का सांसद बनने का ख़्वाब देख रहा हो (वड़ोदरा की बात और है वहाँ जीतने की गुंजाईश है) उनके घोषणापत्र में गंगा जमुनी तहज़ीब के एक हज़ार साल का कोई ज़िक्र ही नहीं है. जो काशी के इतिहास को अपना नहीं सकता उसे काशी कैसे अपनाएगी ? इतने बड़े जलसे के साथ नामांकन करने जाते हैं, उनको मुसलमान नहीं मिले, सिक्ख नहीं मिले, ईसाई नहीं मिले जो साथ दिखते ? क्या साथ दिखना भी इनकी नज़र में तुष्टीकरण है ?''


 


यही नहीं नीतीश ने एक बार फिर टोपी प्रकरण को उठाते हुए मोदी पर तंज कसते हुए लिखा ''भारत का प्रधानमंत्री एकरंगी नहीं हो सकता! लोगों में ये विश्वास होना चाहिए कि सबके प्रति उसकी सामान निष्ठा है. इस विश्वास को राजधर्म से तथा हर रंग में रंगकर अर्जित किया जाता है. – तिलक लगा कर, टोपी पहनकर, पगड़ी बांधकर, तरह तरह के प्रांतीय परिधान पहनकर – या फिर महात्मा गांधी की तरह सत्य की तपस्या से.''


 


बीजेपी को सीख देते हुए नीतीश ने अपने पेज पर लिखा ''विश्वास किसी राज्य में चुनाव जीतने भर से नहीं बढ़ता. अगर ऐसा होता तो भाजपा में किसी राज्य के मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, अन्य मंत्री विश्वास बढ़ाने के बयान देते, देश तोड़ने के नहीं? और ऐसे नेताओं के खिलाफ बीजेपी ने कड़ा निर्णय लिया होता, तब विश्वास बढ़ता. इसकी बजाय बीजेपी अध्यक्ष बस छलावे करते हैं. – कभी माफ़ी मांगते हैं, कभी धर्मगुरुओं से सौदेबाज़ी करते हैं, कभी कुछ और.''


 


बीजेपी पर निशाना साधते हुए लिखा कि पार्टी अब वोट के लिए सौदा करने लगी है और एक साथ राम, महादेव, गंगा मईया से सौदा कर रहे हैं!


 


बीजेपी को सबसे बड़ा सौदागर बताते हुए लिखा है कि जमालघोटा को हाजमोला बना कर बेच रहे हैं. भ्रष्टाचार, बेरोज़गारी और महंगाई का दर्द झेल रहे देश का साम्प्रदायिकता से ईलाज कर रहे हैं ये लोग.



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