केजरीवाल, नीतीश के बाद अब धरने पर बैठे मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान

By: | Last Updated: Thursday, 6 March 2014 7:24 AM
केजरीवाल, नीतीश के बाद अब धरने पर बैठे मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान

मध्यप्रदेश में लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री के तौर पर शिवराज सिंह चौहान की ताजपोशी तय हो गई है. दो दशक से भी ज्यादा बे अर्से से राजनीति में सक्रिय शिवराज सिंह चौहान पहली बार साल 1990 में बुधनी विधानसभा से विधायक बने.

भोपाल: प्राकृतिक आपदा से ग्रस्त किसानों के प्रति केन्द्र सरकार के असंवेदनशील रवैये के विरोध में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आहूत एक दिवसीय राज्यव्यापी ‘बंद’ के दौरान मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने मंत्रिमण्डल के साथ आज यहां उपवास पर बैठ गए .

 

अपने साथ धरने पर बैठे अपने मंत्रिमण्डल के साथियों और पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘किसानों की इस संकट की घड़ी में राज्य के लोग उनके साथ हैं और राज्य सरकार इस आपदा से निपटने के लिए उनकी :किसानों: सभी संभव मदद करेगी.’’ चौहान ने बताया, ‘‘हमने किसानों को राहत देने के लिए पहले ही 2000 करोड़ रपए स्वीकृत कर दिए हैं और यह केवल अभी शुरआत है. हम प्रभावित किसानों को सहायता देने के लिए सभी संभव उपाय करेंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘किसानों के दुखों के प्रति केन्द्र सरकार का ध्यान आकषिर्त करने के लिए मध्यप्रदेश के सभी मंत्री और भाजपा नेता आज उपवास कर रहे हैं.’’ मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में हाल में हुई बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को राहत दिलाने के लिए केन्द्र से 5000 करोड़ रपए का एक विशेष पैकेज देने की मांग को लेकर यह उपवास किया जा रहा है.

 

गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के कुल 51 जिलों में से 49 जिले अति वष्रा और ओलावृष्टि से प्रभावित हुए हैं और 10 हजार से ज्यादा गांवों में फसलों को भारी नुकसान हुआ है.

 

इस दौरान मुख्यमंत्री चौहान ने कांग्रेस पर यह कहते हुए तीखे प्रहार भी किए कि उनके :चौहान: द्वारा प्रभावित किसानों के खेतों और गांवों का दौरा करने को कांग्रेस के नेता ‘ओला पर्यटन’ कह रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के नेता किसानों की इस पीड़ा के प्रति असंवेदनशील हैं. चौहान ने केन्द्र की इस बात के लिए भी आलोचना की कि एक उच्चस्तरीय समिति द्वारा 370 करोड़ रपए का मुआवजा देने की सिफारिश करने के बावजूद केन्द्र सरकार ने उन किसानों को मदद उपलब्ध नहीं कराई, जिनकी सोयाबीन की फसल भारी बारिश से पिछले साल खराब हो गई थी.

 

इसके अलावा उन्होंने केन्द्र सरकार की इस बात के लिए भी खिंचाई की कि वह :केन्द्र: चने को 3100 रपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य :एमएसपी: पर नहीं खरीद रही है और मध्यप्रदेश को बासमती उत्पादक राज्य का दर्जा भी नहीं दे रही है.

 

उन्होंने आरोप लगाया कि केन्द्र सरकार मध्यप्रदेश को बासमती उत्पादक राज्य का दर्जा इसलिए नहीं दे रही है, क्योंकि पाकिस्तान इसका विरोध कर रहा है.

 

चौहान ने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश के किसानों को नुकसान पहुंचाने के लिए एपीडा ने पाकिस्तान से साठगांठ कर ली है.’’ कैलाश विजयवर्गीय, जयंत मलैया, उमाशंकर गुप्ता और बाबूलाल गौर सहित कई कैबिनेट मंत्री भी आज उपवास पर हैं और मुख्यमंत्री के साथ धरने पर बैठे हैं.

 

किसानों के प्रति केन्द्र के असंवेदनशील रवैये के विरोध में भाजपा ने मध्यप्रदेश में आज दो बजे तक ‘बंद’ का आहवान किया है, जिसके कारण राज्य में आज सभी बाजार बंद हैं.

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Web Title: केजरीवाल, नीतीश के बाद अब धरने पर बैठे मध्यप्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान
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