केजरीवाल ने माना, दिल्ली सरकार से जल्दीबाजी में इस्तीफा देना चूक थी

By: | Last Updated: Friday, 11 April 2014 3:05 AM
केजरीवाल ने माना, दिल्ली सरकार से जल्दीबाजी में इस्तीफा देना चूक थी

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यंमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अरविंद केजरीवाल ने पहली बार माना है कि दिल्ली में सरकार सरकार छोड़ने का फैसला जोश में आकर लिया गया था.

 

अरविंद केजरीवाल ने 14 फरवरी को दिल्ली के मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ दी थी. केजरीवाल के विरोधियों ने इसे मुद्दा बनाया हुआ है. केजरीवाल ने कभी भी इस्तीफे पर अफसोस नहीं जताया लेकिन इकनॉमिक टाइम्स अखबार को दिए इंटरव्यू में केजरीवाल ने पहली बार माना है कि जोश में आकर इस्तीफा नहीं देना चाहिए था.

 

केजरीवाल ने कहा कि सैंद्धांतिक रुप से इस्तीफा देने पर उन्हें अफसोस नहीं है लेकिन फैसला उसी रात नहीं करना चाहिए था जब कांग्रेस और बीजेपी ने जनलोकपाल बिल का रास्ता रोका था.

 

केजरीवाल ने इंटरव्यू में कहा है कि मुझे लगता है कि सरकार छोड़ने का फैसला लेने के लिए समय लेना चाहिए था. सरकार छोड़ने के फैसले के पीछे जनता और हमारे के बीच संवाद की कमी के कारण कांग्रेस और बीजेपी को झूठी बातें फैलाने और भगोड़ा का ठप्पा लगाने का मौका मिल गया है, यह हमारी गलती थी.

 

देश की नई सरकार के बारे में केजरीवाल ने कहा है कि बीजेपी 180 से कम सीटें जीतेगी और मोदी पीएम नहीं बन पाएंगे.

 

अपनी पार्टी के बारे में केजरीवाल ने कहा कि हम किसी आंकड़े को टारगेट नहीं कर रहे हैं. हम अमेठी और वाराणसी की सीटें जीतेंगे. इससे राजनीति की तस्वीर बदल जाएगी.