केदारनाथ घाटी में अब भी पड़े हैं सैकड़ों शव: भाजपा

By: | Last Updated: Saturday, 16 November 2013 7:51 AM

<p style=”text-align: justify;”>
<b>देहरादून:</b>
केदारनाथ घाटी से शवों को
पूरी तरह हटाये जाने के
उत्तराखंड सरकार के दावों को
खारिज करते हुए विपक्षी
भाजपा ने आज कहा कि जून के
मध्य में राज्य में आई भयावह
आपदा के पांच महीने बाद भी
मंदिर स्थल के पास टूटी-फूटी
इमारतों में सैकड़ों शव पड़े
हुए हैं.<br /><br />प्रदेश विधानसभा
में विपक्ष के नेता अजय भट्ट
ने यहां एक बयान में कहा,
‘‘उत्तराखंड में भयावह आपदा
आये हुए पांच महीने बीत गये
हैं लेकिन अब भी वहां
केदारनाथ मंदिर के पास
इमारतों में बुरी तरह
सड़े-गले सैकड़ों शव पड़े
हैं.’’ <br /><br />राज्य सरकार पर
केदारनाथ घाटी से शवों को
पूरी तरह हटाने के बारे में
देश से झूठ बोलने का आरोप
लगाते हुए भट्ट ने मांग की कि
इतनी बड़ी त्रासदी के प्रति
इतनी संवेदनहीनता पर राज्य
की विजय बहुगुणा सरकार को
बख्रास्त किया जाए.<br /><br />भट्ट
ने केदार घाटी के गरचट्टी और
जंगलचट्टी इलाकों में शवों
की तलाश के लिए नये सिरे से
अभियान शुरू करने की मांग की.<br /><br />भट्ट
ने अपने आरोपों के समर्थन में
कुछ तस्वीरें भी जारी कीं और
ताजा तस्वीरें होने का दावा
करते हुए कहा कि केदारनाथ
मंदिर के पास जीर्ण-शीर्ण
भवनों में पड़े मलबे में
सड़े-गले शव हैं. हालांकि
भट्ट ने यह संकेत भी दिया कि
राज्य सरकार इन तस्वीरों को
पुराना या झूठा होने का आरोप
लगा रही है. <br /><br />उन्होंने कहा,
‘‘28 अक्तूबर को केदारनाथ की
यात्रा के दौरान मैंने ये
तस्वीरें खींची थीं. अगर
राज्य सरकार का यह दावा सही
साबित हो जाता है कि ये
तस्वीरें पुरानी हैं तो मैं
राजनीति से संन्यास ले
लूंगा.’’ <br /><br />केदारनाथ में
जमीनी हकीकत के बारे में
संबधित अधिकारियों को मौखिक
और लिखित दोनों तरह से सूचित
करने का दावा करते हुए भाजपा
नेता ने कहा कि इन जानकारियों
पर कार्रवाई करने में सरकार
की ओर से की गयी देरी इस
मुद्दे पर उसकी उदासीनता को
दर्शाती है.<br /><br />
</p>

India News से जुड़े हर समाचार के लिए हमे फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर फॉलो करें साथ ही हमारा Hindi News App डाउनलोड करें
Web Title: केदारनाथ घाटी में अब भी पड़े हैं सैकड़ों शव: भाजपा
Explore Hindi News from politics, Bollywood, sports, education, trending, crime, business, साथ ही साथ और भी दिलचस्प हिंदी समाचार
First Published:

Get the Latest Coupons and Promo codes for 2017