कैदियों की मांग, जेल में मिले टेलिफोनिक सुविधा

कैदियों की मांग, जेल में मिले टेलिफोनिक सुविधा

By: | Updated: 10 May 2014 06:50 AM

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने बंबई उच्च न्यायालय को जानकारी दी कि उसने कुछ जेलों में परीक्षण के आधार पर कैदियों को टेलीफोन सुविधा उपलब्ध कराई है ताकि वे आपातकालीन स्थिति या बीमार पड़ने पर रिश्तेदारों से बात कर सकें.
 


 

सरकारी अधिवक्ता अरूणा पाई ने हाल में एक पीठ से कहा कि टेलीफोन सुविधा ठाणे केन्द्रीय कारागार, ठाणे की तलोजा जेल और नवी मुंबई में उपलब्ध कराई गई है.

 

उन्होंने कहा, ‘‘अगर यह सुविधा सफल होती है तो इसे राज्य की सभी जेलों में फैलाया जाएगा.’’ न्यायमूर्ति नरेश पाटिल की अध्यक्षता वाली पीठ ने उनका बयान दर्ज करते हुए इस मामले को 25 अगस्त तक के लिए स्थगित किया.

 

अदालत ठाणे जेल में बंद अफ्तान सैयद अहमद शेख और नासिक जेल में बंद जावेद अहमद अब्दुल मजीद के दो पत्रों पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें जेलों में टेलीफोन सुविधा देने का अनुरोध किया गया था.

 

अदालत ने इन दोनों पत्रों को जनहित याचिका में तब्दील करके उन पर सुनवाई की.

 

कैदियों ने कहा कि कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और दिल्ली जेलों में कैदियों के लिए टेलीफोन सुविधा उपलब्ध है और उन्होंने मांग की कि ये सुविधा महाराष्ट्र में भी उपलब्ध कराई जानी चाहिए.

 

उन्होंने कहा कि जेल मैनुअल के अनुसार, कैदियों को सप्ताह में एक बार उनके रिश्तेदारों से मिलने की अनुमति होती है, लेकिन कई मामलों में रिश्तेदार जेलों से बहुत दूर रहते हैं इसलिए कैदियों से नहीं मिल पाते.

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