क्या और कितना बड़ा है सिंचाई विभाग का घोटाला?

क्या और कितना बड़ा है सिंचाई विभाग का घोटाला?

By: | Updated: 25 Sep 2012 09:05 AM


मुंबई: साल 2009 में अजित
पवार सिंचाई मंत्री थे. इस
दौरान उन्होंने ने सिंचाई से
जुड़े 32 प्रोजेक्ट्स को
मंजूरी दी, जिनमें ज्यादातर
प्रोजेक्ट 20 हज़ार से 25 हज़ार
करोड़ के थे. इन्हीं
प्रोजेक्ट्स में पश्चिमी
महाराष्ट्र का बहुचर्चित
कृष्णा वैली डेवलपमेंट
कोर्पोरेशन भी है, जिनके तहत
बांध और नहर बनाए जाने हैं.




साल, 2012 में सिंचाई विभाग के
एक्जिक्यूटिव इंजीनियर विजय
पंधारे ने राज्य के सचिव को
चिट्ठी लिखर कर 35 हज़ार करोड़
के घोटाले की बात कही.




ग़ौरतलब है कि महाराष्ट्र
सरकार ने सिंचाई से जुड़े
प्रोजेक्ट्स पर 70 हज़ार
करोड़ खर्च किए हैं.




इस मुद्दे पर कांग्रेस और
एनसीपी में बहुत दिनों से
खींचतान चल रही थी.
मुख्यमंत्री पृथ्वी राज
चौव्हाण ने हाल ही में एलान
किया था कि उनकी सरकार सिंचाई
घोटाले को लेकर श्वेत पत्र
जारी करेगी. जो एनसीपी की
नाराज़गी की वजह है.




कांग्रेस का मानना है कि
पिछले 10 साल में सिंचाई विभाग
महज़ 0.1 फीसदी नई ज़मीन ही
सिंचाई के लिए जो़ड़ पाया है,
जबकि एनसीपी का कहना है कि 12
फीसदी नई ज़मीन सिंचाई के लिए
जोड़ी गई.




राज्य की सीएजी ने भी
प्रक्रियाओं का पालन नहीं
करने के लिए अजित पवार को
दोषी माना था और संभावित
गड़बड़ी की ओर इशारा किया था.



फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story मुंबई: बेबी मोशे के साथ नरीमन हाउस पहुंचे इजरायल के पीएम नेतन्याहू