क्या ग्रीनपीस से देश के आर्थिक विकास को खतरा है ?

By: | Last Updated: Wednesday, 11 June 2014 4:54 PM
क्या ग्रीनपीस से देश के आर्थिक विकास को खतरा है ?

नई दिल्ली: आईबी की एक रिपोर्ट से देश के कई एनजीओ सवालों के घेरे में आ गए हैं. रिपोर्ट के मुताबिक एनजीओ की निगेटिव भूमिका से जीडीपी ग्रोथ में 2 से 3 फीसदी की कमी आ सकती है.

 

क्या ग्रीनपीस से देश के आर्थिक विकास को खतरा है ?

ये सवाल इसलिए क्योंकि देश की खुफिया एजेंसी ने ग्रीनपीस एनजीओ को देश के आर्थिक विकास के लिए बड़ा खतरा माना है . इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक आईबी ने पीएमओ को 3 जून को एक रिपोर्ट सौंपी है.. जिसके मुताबिक ग्रीनपीस के देशभर में फैले संगठनों ने परमाणु प्लांट विरोधी माहौल तैयार किया और साथ ही कोयला खनन को रोकने और कोल आधारित पावर प्लांट को रोकने का भी काफी प्रयास किया .ग्रीनपीस का अगला निशाना इंडिया का आईटी सेक्टर है. 

 

ग्रीनपीस पर एनजीओ कानूनों के उल्लंघन का आरोप भी रिपोर्ट में हैं. हालांकि ग्रीनपीस इंडिया का कहना है कि ये आरोप सही नहीं हैं . और संगठन हर तरह की जांच को तैयार है .

 

हम आपको बता दें कि ग्रीनपीस एक अंतर्राष्ट्रीय एनजीओ है. जो पर्यावरण के क्षेत्र में काम करती है. इसे विदेशों से भी आर्थिक मदद मिलता है .

 

खुफिया रिपोर्ट की माने तो एनजीओ की निगेटिव भूमिका के चलते देश की जीडीपी में सालाना 2-3 फीसदी की कमी आ सकती है .

आईबी ने अपनी रिपोर्ट में 7 इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट का उदाहरण भी दिया है . जो सिर्फ एनजीओ की अगुवाई में हुए विरोध के चलते रुक हुए हैं .

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