क्या पैसे लेकर ओपिनियन पोल के नतीजे बदले जाते हैं?

By: | Last Updated: Tuesday, 25 February 2014 3:08 PM
क्या पैसे लेकर ओपिनियन पोल के नतीजे बदले जाते हैं?

नई दिल्ली. समाचार चैनेल न्यूज़ एक्सप्रेस ने ओपिनियन पोल का सर्वे करने वाली एजेंसियों का स्टिंग किया है. इस स्टिंग में कुछ बड़ी एजेंसियों को ओपिनियन पोल के सर्वे में आंकड़ों से छेड़छाड़ के लिए तैयार दिखाया है.

 

क्या पैसे लेकर ओपिनियन पोल के नतीजे बदले जाते हैं?

 

न्यूज चैनल न्यूज एक्स्प्रेस ने स्टिंग ऑपरेशन के जरिये ये आरोप लगाया है. देश भर में ओपिनियन पोल करने वाली 11 एजेंसी का स्टिंग करके खुलासा किया गया है. इन कंपनियों के नाम हैं.

 

क्यूआरएस, इपसॉस इंडिया, सी वोटर, एमएमआर, हब पल्स, डीआरएस, न्यूज स्ट्रीट डिजिटल मीडिया, लीड टेक मैनेजमेंट कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड, वैष्णो कॉमटेक, आरडीआई, ऑकटेल.

 

चैनल का दावा है कि वक्त की कमी का हवाला देकर सर्वे करने वाली दो बड़ी एजेंसी नीलसन और सीएसडीएस ने न्यूज एक्सप्रेस से बात करने से मना कर दिया था.

 

एबीपी न्यूज के लिए सर्वे करने वाली एजेंसी नील्सन और सीएनएन-आईबीएन के लिए करने वाली CSDS की विश्वसनीयता पर कोई सवाल नहीं है.

 

ओपिनियन करने वाली एजेंसी नीलसन और सीएसडीएस पर तो सवाल नहीं उठे लेकिन लेकिन स्टिंग में सी-वोटर एजेंसी का जिक्र जरूर है.

 

स्टिंग में सी-वोटर एजेंसी का जिक्र है. सी-वोटर के प्रमुख यशवंत देशमुख की तरफ से सफाई आई है कि हमने कई सर्वे न्यूज एक्सप्रेस के लिए भी किए जो सटीक बैठे. इस तरह के इल्जामों पर जवाब देने से अच्छा है कि कि मैं अपने काम पर ध्यान दूं और मेरे नतीजे जवाब दें. मुझे अपनी टीम पर गर्व है. स्टिंग ऑपरेशन के जरिए पैसे लेकर ओपिनियन पोल किए जाने के न्यूज एक्सप्रेस के दावे के बाद इंडिया टुडे ने सी-वोटर से करार रोक दिया है.