क्या भारत ने पाक से शांतिवार्ता में जल्दबाजी की?

By: | Last Updated: Friday, 11 January 2013 7:02 AM

नई
दिल्ली:
मंगलवार को एलओसी
पर हुए हमले के बाद पाकिस्तान
ने व्यापार पर ब्रेक लगा दिया
है, भारत से पाकिस्तान टमाटर
लेकर जा रहे ट्रकों को
पाकिस्तान की सेना
पाकिस्तान में घुसने नहीं दे
रही है, यही नहीं पुंछ से
पाकिस्तान के कब्जे वाली
कश्मीर के रावलाकोट जाने
वाली राहे मिलन बस पर भी
पाकिस्तान ने ब्रेक लगा दिया
है. एलओसी पर पाकिस्तान
फायरिंग कर उकसाने की कोशिश
भी कर रहा है.

अब सवाल ये है
कि जब एक बार फिर यही
तस्वीरें सामने आनी थीं फिर
हमने पाकिस्तान से शांति के
लिए बातचीत क्यों की, क्योंकि
ऐसा पहली बार नहीं हो रहा है
जब भारत की दोस्ती के बदले
में पाकिस्तान ने भारत के साथ
दगा किया है.

मंगलवार को
एलओसी पर फायरिंग और
युद्धविराम का उल्लंघन करने
के पीछे पाकिस्तान की बड़ी
साजिश का खुलासा हुआ है, सेना
के ख़ुफ़िया सूत्रों के पास इस
बात के पुख्ता सबूत हैं कि
मेंढ़र में भारतीय सीमा में
घुसपैठ के पीछे पाकिस्तानी
सेना का एक बड़ा गेम प्लान था.

भारतीय खुफिया
एजेंसियों को पता चला है कि
नियंत्रण रेखा के पास
पाकिस्तान के 22 ठिकानों से
करीब ढाई हजार आतंकवादी भारत
में घुसपैठ के लिए तैयार हैं.
इसके अलावा पाकिस्तान के
कब्जे वाले कश्मीर के 42
ट्रेनिंग कैंपों में करीब
चार हजार दो सौ आतंकवादी
ट्रेनिंग ले रहे हैं.

यानी
करगिल युद्ध के बाद पहली बार
पाकिस्तान के कब्जे वाले
कश्मीर में पाकिस्तानी सेना
एक बार फिर से आतंकवादियों को
एकजुट कर रही है. इशारा साफ है
कि अमन को ढोंग रचने वाला
पाकिस्तान एक बार फिर भारत को
धोखा देने की पूरी तैयारी में
है, इससे पहले भी कई बार
पाकिस्तान ने भारत की पीठ में
छूरा घोंपने की कोशिश की है. 

1999: करगिल युद्ध

अमन
और शांति का संदेश लेकर भारत
के तत्कालीन प्रधानमंत्री
अटल बिहारी वाजपेयी बस से खुद
पाकिस्तान गए थे, ऐसा लगा कि
दोनों देशों के बीच रिश्ते की
नई कहानी लिखे जाने की शुरुआत
हो रही है लेकिन वाजपेयी के
दौरे के तुरंत बाद ही
पाकिस्तान ने करगिल युद्ध
छेड़ दिया.

2001: संसद पर
हमला

हमेशा की तरह भारत
ने दुश्मनी भूलकर एक बार फिर
पाकिस्तान की तरफ दोस्ती का
हाथ बढ़ाया. पाकिस्तान के
पूर्व राष्ट्रपति परवेज
मुशर्रफ को बातचीत के लिए
आगरा बुलाया, मुशर्रफ भारत आए
अच्छी-अच्छी बातें कि लेकिन
साल खत्म होते होते भारत की
संसद पर हमला हो गए. एक बार फिर
पाकिस्तान का दोहरा रवैया
दुनिया के सामने था.

26/11:
मुंबई हमला

26 नवंबर 2008 को
पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत
को बहुत बड़ा धोखा दिया,
पाकिस्तानी आतंकियों ने
मुंबई पर हमला कर दिया, वैसे
तो भारत में हुए ज्यादातर
आतंकी हमलों में पाकिस्तान
का हाथ रहा है लेकिन मुंबई
हमले के दौरान पकड़े गए आतंकी
कसाब ने पाकिस्तान के चेहरे
से नकाब पूरी तरह हटा दिया.
लेकिन भारत के साथ एक के बाद
एक धोखा करने वाला पाकिस्तान
कभी दुनिया के सामने अपनी
गलती नहीं मानता.

सवाल ये
है कि पाकिस्तान के धोखे से
हमने सबक नहीं सीखा और
पाकिस्तान के साथ शांति के
लिए बातचीत में जल्दबाजी कर
दी.

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