क्या 2002 के दंगों से मोदी का पीछा छूटेगा?

By: | Last Updated: Wednesday, 16 April 2014 12:55 PM

नई दिल्ली. बीजेपी के पीएम उम्मीदवार नरेंद्र मोदी पर लगे 2002 के दंगों का दाग उनका पीछा ही नहीं छोड़ रहा है. एएनआई के इंटरव्यू में मोदी भले ही माफी के सवाल को घूमाकर टाल गए .  लेकिन न्यूज एजेंसी एएनआई से मोदी ने इतना जरूर कहा कि सच जानने में किसी को दिलचस्पी नहीं है .

 

ANI से मोदी ने कहा है कि मैं चुप नहीं था . साल 2002-2007 तक देश के तमाम बड़े पत्रकारों को जवाब दे चुका हूं लेकिन सच जानने में किसी की दिलचस्पी नहीं है . सारी साजिश के पीछे किसी गुमनाम का हाथ था.

 

मुस्लिम धर्मगुरु कल्बे जव्वाद ये तो कहते हैं कि माफी का फैसला गुजरात के पीड़ितों को करना है . लेकिन साथ में ये भी कहते हैं कि जो हुआ था उससे मुस्लिमों को डर भी लगता है.

 

मोदी के विरोधी भी कल्बे जव्वाद की बात से इत्तेफाक रखते हैं . लेकिन अभिनेता सलमान खान के पिता सलीम खान का कहना है कि देश का मुसलमान कब तक इस बात का रोना रोता रहेगा .

 

अब मोदी भी कह रहे हैं कि मैं फोटो खिंचवाने के लिए तुष्टिकरण का कोई प्रतीक नहीं पहनूंगा.. क्या सोनिया गांधी टोपी पहनती हैं?

 

माफी के सवाल पर कांग्रेस को कटघरे में खड़े करके मोदी ने खुद को बचाने की कोशिश की है . इस उम्मीद के साथ कि इस जंग में मुसलमान उनका साथ देंगे . और इसी रणनीति के तहत वाराणसी में उनके मुस्लिम नेताओं से मिलने का कार्यक्रम भी तय हो रहा है . लेकिन सवाल ये है कि क्या मोदी के अच्छे दिन का वादा मुसलमानों को भरोसा दिला पाएगा . 

 

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