क्यों मोदी कह रहे हैं बद इरादे से काम नहीं करूंगा?

क्यों मोदी कह रहे हैं बद इरादे से काम नहीं करूंगा?

By: | Updated: 07 Apr 2014 07:55 AM

नई दिल्ली: बीजेपी ने काफी लंबी खींचतान के बाद आज अपना चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया. पार्टी ने अनेक लोकलुभावन वादे किए, लेकिन सुर्खियां बटोर रही हैं बीजेपी के पीएम पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी का एक जुमला.

 

दरअसल, घोषणापत्र जारी करने के बाद मोदी ने कहा कि वह बद इरादे से कोई काम नहीं करेंगे.

 

मोदी ने रुआंसे होकर कहा, "मुझे देश की जनता जो जिम्मेदारी देगी, उसे पूरा करने में, परिश्रम करने में मैं कभी भी कमी नहीं रखूंगा. मैं अपने लिए कुछ भी नहीं करुंगा. मैं बद इरादे से कोई काम नहीं करूंगा."

 

अब सवाल किया जा रहा है कि आखिर मोदी को ऐसी बात कहने की जरूरत क्यों पड़ी.

 

सवाल है कि क्या मोदी ने कभी कोई काम बद इरादे से किया है? अगर उनके बयान के यह मायने निकाले जाएं तो इसका सीधा मतलब होगा कि वह अपने अतीत के दाग़ को धोना चाहते हैं और एक तरह से वह कबूल करते हैं कि हां! अतीत में उनसे गलती हुई है.

 

अगर ये माना जाए कि मोदी ने ये बात अपने विरोधियों के लगातार ‘दुष्प्रचार’ के जवाब में कही है तो सवाल यह है क्या वह अपने विरोधियों के सामने कमज़ोर पड़ गए हैं और इतने कमज़ोर पड़ गए हैं अब उन्हें यहां तक कहना पड़ रहा है.

 

सवाल है कि क्या मोदी दुनिया में अपनी हो रही हंसाई की वजह से तो ऐसा नहीं कह रहे हैं. तीन दिन पहले जहां अमेरिका की प्रतिष्ठित पत्रिकार द इकनॉमिस्ट ने भारत जैसे देश के पीएम कैंडिडेट के तौर पर उन्हें एक कमज़ोर विकल्प बताया है, वहीं अब लंदन की फाइनेंशियल टाइम्स ने भी ऐसी बात कही है.

 

आपको बता दें कि 2002 के गुजरात दंगों में मोदी अपने रोल को लेकर पर्सेप्शन की जंग हार चुके हैं हालांकि, अब तक किसी भी अदालत ने उन्हें न तो गुनाहगार माना है और न ही उनके खिलाफ कोई एफआईआर दर्ज है. लेकिन उनपर आरोप ये हैं कि उन्होंने दंगों के दौरान अल्पसंख्यकों की सुरक्षा में तत्परता दिखाने के बजाए जानबुझकर कोताही बरती.

 

साल 2002 के गुजरात दंगों में एक हज़ार से ज्यादा लोग मारे गए, जिनमें अधिकतर मुसलमान थे.

 

घोषणापत्र की बातें

 

इसके साथ ही नरेंद्र मोदी ने कहा कि अगर लोकसभा चुनाव के बाद उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो देश में सुशासन लाया जाएगा.

 

भाजपा की ओर से जारी घोषणा-पत्र के बाद मोदी ने कहा कि पार्टी का लक्ष्य मजबूत और एकीकृत भारत का निर्माण करना है, जिसे विश्व का सम्मान हासिल हो.

 

उन्होंने कहा, "इस मुद्दे पर कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. यदि मुझे अपने घोषणा-पत्र को दो शब्दों में परिभाषित करना पड़े, तो मैं कहूंगा- सुशासन और विकास."

 

घोषणा पत्र के बारे में मोदी ने कहा, "यह चुनाव से जुड़ी महज औपचारिकता नहीं है. यह सिर्फ एक दस्तावेज भी नहीं है, बल्कि यह हमारी पार्टी की दिशा और हमारे लक्ष्य को दर्शाता है."

फटाफट ख़बरों के लिए हमे फॉलो करें फेसबुक, ट्विटर, गूगल प्लस पर और डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App
Web Title:
Read all latest India News headlines in Hindi. Also don’t miss today’s Hindi News.

First Published:
Next Story राजस्थान विधानसभा भवन में 'बुरी आत्माओं' का साया, हवन कराने की मांग