खराब मौसम के चलते लौटा पीएम का विमान

खराब मौसम के चलते लौटा पीएम का विमान

By: | Updated: 27 Jul 2012 10:30 PM


गुवाहाटी:
गुवाहाटी: प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह, असम के
मुख्यमंत्री तरुण गोगोई और
अन्य नेताओं को लेकर
गुवाहाटी के नजदीक के एक
हवाईअड्डे से आज सुबह उड़ान
भरने वाले तीन हेलीकॉप्टर
खराब मौसम के कारण लौट आए हैं.

गुवाहाटी
के नजदीक लोकप्रिय गोपीनाथ
बोरडोलोई अंतर्राष्ट्रीय
हवाईअड्डे पर लौटे
प्रधानमंत्री के साथ असम के
राज्यपाल जे.बी. पटनायक, असम
प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष
भुवनेश्वर कलिता भी मौजूद थे.

बोडो
इलाकों में हफ्ते भर की हिंसा
में कम से कम 47 लोग मारे गए और 2.5
लाख से ज्यादा बेघर हो गए.

यहां
हवाईअड्डे पर मौजूद
अधिकारियों ने बताया कि
हेलीकॉप्टर खराब मौसम के
कारण गोसाईंगांव हेलीपैड पर
नहीं उतर सकते थे इसलिए वे
लौट आए.

प्रधानमंत्री
गोसाईंगांव हेलीपैड से सड़क
मार्ग से कोकराझार पहुंचने
वाले थे.

वैसे राज्य
कांग्रेस के एक अधिकारी ने
बताया कि हेलीकॉप्टर
गुवाहाटी हवाईअड्डे पर
इसलिए लौटे क्योंकि उनमें से
एक में हवा में ही तकनीकी
गड़बड़ी पैदा हो गई थी.
उन्होंने बताया कि वह
हेलीकॉप्टर बदल दिया गया है
और प्रधानमंत्री कुछ समय बाद
दोबारा कोकराझार के लिए
उड़ान भरेंगे.

अधिकारियों
ने बताया कि हेलीकॉप्टर में
गड़बड़ी की वजह से
प्रधानमंत्री के कार्यक्रम
में डेढ़ घंटे की देरी हो गई
है.

प्रधानमंत्री के साथ
कांग्रेस नेता दिग्विजय
सिंह भी मौजूद थे. वे
गुवाहाटी के नजदीक
हवाईअड्डे पर सुबह 10:26 बजे
पहुंचे थे.

सिंह कोकराझार
में राहत शिविरों का दौरा
करेंगे व वहां
कानून-व्यवस्था का जायजा
लेंगे. वह शनिवार शाम दिल्ली
लौटने से पहले यहां एक
संवाददाता सम्मेलन करेंगे.
असम
के कोकराझार जिले में दो
समुदायों के बीच झड़प के बाद
फैली हिंसा को लेकर हालात अब
भी पूरी तरह सुधरे नहीं हैं.
सुरक्षाबलों की टुकड़ियां
हिंसा प्रभावित इलाकों में
लगातार गश्त लगा रही हैं.

मुख्यमंत्री
तरुण गोगोई, राज्यपाल जे.बी.
पटनायक व असम प्रदेश
कांग्रेस के अध्यक्ष
भुवनेश्वर कलिता भी
प्रधानमंत्री और कांग्रेस
अध्यक्ष सोनिया के साथ
कोकराझार के दौरे पर पहुंचे
हैं. उन्हें तीन
हेलीकॉप्टर्स के जरिए
हिंसाग्रस्त जिले में
पहुंचाया गया.

सिंह और
सोनिया दिल्ली से यहां
गुवाहाटी के नजदीक लोकप्रिय
गोपीनाथ बोरडोलोई
अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे
पर पहुंचे.

प्रधानमंत्री
और सोनिया कोकराझार में उन
शिविरों का दौरा करेंगे, जहां
बीते दिनों की जातीय हिंसा से
प्रभावित लोग रह रहे हैं.

असम
में हिंसा के बाद करीब दो लाख
लोग राहत कैंपों में जिंदगी
जीने को मजबूर हैं. पुलिस के
आला अधिकारियों की मानें तो
वो हालात पर लगातार नजर बनाए
हुए हैं. हालांकि कुछ इलाकों
में हालात काबू में आ गए हैं
और यहां अब दिन में भी
कर्फ्यू में ढील दी जा रही है.


हालात जैसे-जैसे सामान्य
होते जाएंगे कर्फ्यू पूरी
तरह हटा लिया जाएगा. इसके बाद
ही राहत कैम्पो में रह रहे
लोगों के बारे में सोचा
जाएगा.

प्रभावित जिलों
कोकराझार, चिरांग और धुबरी
में हिंसा की फिलहाल कोई नई
घटना सामने नहीं आई है, लेकिन
आधिकारिक आंकड़ों के
मुताबिक यहां मरने वालों की
संख्या 47 हो चुकी है.

असम
के हिंसा प्रभावित जिलों में
हालात काबू में करने के लिए
पूरी कोशिश हो रही है. इसका
कुछ असर देखने को भी मिलने
लगा है. लेकिन ट्रेनों में
सफर करने वालों लोगों की
मुश्किलें बरकरार हैं.

गुवाहाटी
आने-जाने वाली कई ट्रेनें
रद्द होने से लोग स्टेशनों पर
फंसे हुए हैं. वहीं, रेलवे को
भी इससे भारी नुकसान हो रहा
है.




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