खास रिपोर्ट- क्या कहता है ये चुनाव?

By: | Last Updated: Monday, 7 April 2014 4:18 AM
खास रिपोर्ट- क्या कहता है ये चुनाव?

नई दिल्ली: 2014 के आम चुनाव का पहला वोट पड़ चुका है. वोट डालने का यह सिलसिला 12 मई तक चलेगा और उसके बाद 16 मई को कौन बनेगा प्रधानमंत्री का सवाल समाप्त हो जाएगा.

 

लेकिन फिलहाल अनगिनत सवाल सबसे सामने हैं . कहां से शुरु हुआ था ये चुनाव? कहां तक पहुंच गया? और अब आगे कहां तक पहुंचेगा? और कितनी गिरेगी राजनीति? ऐसे तमाम तरह के अनसुलझे सवाल फिजां में तैर रहे हैं.

 

पढ़िए, एक खास रिपोर्ट- आखिर क्या कहता है ये चुनाव ?

लोकतंत्र के पावन पर्व का पहला प्रसाद, पहला वोट पड़ चुका है. देश की तस्वीर और तकदीर बदलने के लिए डाला गया यह पहला वोट 12 मई तक एक कारवां की शक्ल ले लेगा .

 

पिछले लोकसभा चुनाव के नतीजों की बात करें तो उस चुनाव में कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए ने 262, बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए ने 159, लेफ्ट, बीएसपी, बीजेडी. एआईएडीएमके और टीडीपी के गठजोड़ से बने तीसरे मोर्चे ने 79 और एसपी, आरजेडी और एलजेपी के चौथे मोर्चे ने 27 सीटों पर जीत दर्ज की थी . निर्दलीय और अन्य के हिस्से में 16 सीटें गई थीं.

 

लोकसभा चुनाव 2014

कुल 9 चरणों में देश के अलग अलग हिस्सों के मतदाता इस एक अकेले वोट से जुड़ेंगे और तब 16 मई को अनगिनत वोटों का ये कारवां अपनी मंजिल पर पहुंचेगा. 16 मई को ही कौन बनेगा प्रधानमंत्री के सवाल का जवाब देश के 81 करोड़ 45 लाख मतदाता देंगे .

 

भारतीय राजनीति के तमाम बड़े चेहरों ने अपनी सीटों के आंकड़े को ऊपर ले जाने के लिए जान लगा दी है. लेकिन क्या आपने गौर किया है कि आंकड़ों को ऊपर ले जाने के चक्कर में राजनेताओं ने राजनीति को कितना गिराया है ?

 

बीजेपी नेता अमित शाह का बयान

शाह ने यह बयान देकर विवाद पैदा कर दिया है कि आम चुनाव, खासकर पश्चिम उत्तर प्रदेश में, ‘‘सम्मान का चुनाव’’ है . यह अपमान का बदला लेने का चुनाव है . यह उन लोगों को सबक सिखाने का चुनाव है जिन्होंने अन्याय किया है.