खास रिपोर्ट- मुस्लिम वोट किसे मिलेंगे?

खास रिपोर्ट- मुस्लिम वोट किसे मिलेंगे?

By: | Updated: 16 Apr 2014 04:42 AM

नई दिल्ली: मुस्लिम वोट बैंक पर हर पार्टी की नजर है. अपने अपने हिसाब से हर पार्टी के नेता इस वोटबैंक को साधने में जुटे हैं.कांग्रेस, बीजेपी हो या फिर आम आदमी पार्टी, ये सब एक-एक करके मुस्लिम धर्मगुरुओं का दरवाजा खटखटा कर वोट की अपील कर रहे हैं लेकिन सवाल यह है कि मुस्लिम वोट कहां पर किसे मिलेंगे.?

 

बीजेपी अध्यक्ष अध्यक्ष राजनाथ सिंह लखनऊ में मुस्लिम धर्मगुरुओं से मिल रहे हैं.केजरीवाल काशी में मुस्लिम वोट के सहारे मैदान जीतने की कोशिश कर रहे हैं.कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी दिल्ली की जामा मस्जिद के इमाम अहमद बुखारी से हाथ का साथ देने की अपील कर चुकी हैं.

 

देश की तमाम बड़ी पार्टियां शायद ये जानती हैं कि मुस्लिम वोटों के बिना वो सत्ता की सीढ़ी नहीं चढ़ पाएंगी. उत्तर प्रदेश में करीब 3 करोड़ 37 लाख मुसलमान हैं जो उत्तर प्रदेश की कुल आबादी का 17 फीसदी हैं.

 

राजनाथ सिंह की मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुलाकात के अलग-अलग विश्लेषण किए जा रहे हैं.मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना सैयद कल्बे जवाद ने यह तो नहीं बताया कि वह बीजेपी को समर्थन देंगे या नहीं लेकिन उनके पास कितना बड़ा वोट बैंक है यह जरूर बता गए.

 

शायद यही वजह है कि राजनीतिक पार्टियां इसी वोट बैंक पर नजरें गढ़ाएं हैं.इकनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2009 की जीत में कांग्रेस को मिले कुल मुस्लिम वोट के 37 फीसदी हिस्से का बड़ा हाथ रहा था.

 

लेकिन इस बार भ्रष्टाचार और महंगाई जैसे मुद्दों की वजह से कांग्रेस के खिलाफ लोगों में गुस्सा है.कांग्रेस पार्टी मुस्लिम वोट को हाथ से नहीं जाने देना चाहती. सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद इमाम बुखारी कांग्रेस को समर्थन देने का एलान कर चुके हैं

 

हर कोई अपने-अपने पाले में वोट जुटाने वाले चेहरे बटोरने में जुटा है. केजरीवाल ने वाराणसी में मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना गुलाम यासीन से मुलाकात की है. केजरीवाल आमतौर पर जो टोपी पहनते हैं उससे अलग वो उर्दू भाषा में लिखी हुई टोपी पहनकर मुलाकात के लिए गए थे.

 

समर्थन देने का एलान करके काजी साहब ने केजरीवाल की कोशिश को हरी झंडी दे दी है. देश में मुस्लिम वोट की कीमत और जरूरत बताते हैं ये आंकड़े-

 

पश्चिम बंगाल में करीब 2 करोड़ 49 लाख मुसलमान हैं जो राज्य की कुल आबादी का करीब 27 फीसदी हैं. बिहार में 1 करोड़ 56 लाख मुसलमान हैं जो बिहार की कुल आबादी की 15 फीसदी हैं.

 

उत्तरप्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने में मुस्लिम वोट बैंक का बड़ा हाथ रहा. बिहार में नीतीश सरकार बनाने में मुस्लिम वोटों ने भूमिका निभाई.

 

आजादी के बाद से मुस्लिम समुदाय को वोट बैंक की तरह देखा जाता रहा है कहा जाता है कि मुस्लिम समुदाय अपने धर्मगुरुओं के कहने पर वोट करता है और वोट के लिए फतवे जारी होते हैं लेकिन जानकार बताते हैं मुस्लिम समुदाय में वोट की यह धारणा बदल चुकी है अब मुस्लिम अपने क्षेत्र में पार्टी और उम्मीदवार को देखकर वोट करते हैं.

 

फर्स्ट पोस्ट में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक 1999, 2004 और 2009 के चुनाव के बाद हुए सर्वे बताते हैं कि सिर्फ 8 फीसदी मुसलमानों ने अपने समुदाय को सबसे जरूरी फैक्टर मानते हुए वोट किया था जबकि सर्वे में हिस्सा लेने वाले आधे मुसलमानों ने कहा था कि उन्होंने पार्टी को पैमाना मानते हुए वोट किया था.

 

करीब 13 से 14 फीसदी मुस्लिम आबादी वाले इस देश में इस बार मुस्लिम वोट किस तरफ झुकेगा ये कहना मुश्किल है क्योंकि जगह, वक्त और हालात, राज्य से लेकर लोकसभा सीटों पर अलग-अलग तस्वीर दिख सकती है.

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