'गांधी जयन्ती' के लिए सरकार के पास बजट नहीं

By: | Last Updated: Monday, 30 September 2013 9:14 AM

लखनऊ:
सारा देश धूमधाम से गांधी
जयन्ती मनाने की तैयारी कर
रहा है. भारत सरकार की
वेबसाइट पर गणतंत्र दिवस, और
स्वतंत्रता दिवस की तरह ही
गांधी जयंती को भी राष्ट्रीय
पर्व के रूप में दिखाया गया
है. लेकिन विदेशों में
गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता
दिवस समारोहों को मनाने के
लिए बाकायदा बजट का आवंटन
करने वाली भारत सरकार
विदेशों में गांधी जयन्ती
समारोहों के लिए किसी भी तरह
की सरकारी व्यवस्था नहीं
करती है.

यह चौंकाने वाला
खुलासा आरटीआई कार्यकर्ता
ऐश्वर्या पाराशर के आवेदन पर
भारत सरकार के विभागों
द्वारा दिए गए जवाबों से हुआ
है.

दरअसल, ऐश्वर्या
पाराशर ने भारत सरकार द्वारा
विदेशों में गांधी जयन्ती
समारोहों को मनाने के लिए किए
गए खर्चे के सम्बन्ध में बीते
मार्च माह में प्रधानमंत्री
कार्यालय से तीन बिन्दुओं पर
सूचना मांगी थी. ऐश्वर्या की
अर्जी प्रधानमंत्री
कार्यालय से भारत सरकार के
संस्कृति मंत्रालय और
संस्कृति मंत्रालय से गांधी
स्मृति एवं दर्शन समिति तथा
विदेश मंत्रालय को अंतरित की
गई थी.

गांधी स्मृति एवं
दर्शन समिति के प्रशासनिक
अधिकारी एस.ए. जमाल ने बीते
अप्रैल में ऐश्वर्या को
सूचना दी कि गांधी स्मृति एवं
दर्शन समिति द्वारा विदेशों
में गांधी जयन्ती समारोहों
को मनाने के लिए कोई राशि
खर्च नहीं की गई.

गांधी
स्मृति एवं दर्शन समिति के इस
खुलासे से व्यथित ऐश्वर्या
ने बीते अप्रैल में
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
को पत्र लिखकर अनुरोध किया कि
भारत सरकार एक ओर विदेशों में
गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता
दिवस समारोहों के लिए
बाकायदा बजट आवंटित करती है,
वहीं दूसरी ओर विदेशों में
गांधी जयन्ती के लिए किसी भी
तरह की सरकारी व्यवस्था नहीं
है.

ऐश्वर्या ने इस पत्र
में भारत सरकार पर गांधी
जयन्ती के प्रति सौतेला
व्यवहार करने का आरोप लगाते
हुए मनमोहन सिंह से अनुरोध
किया कि वह विदेशों में गांधी
जयन्ती समारोहों को मनाने के
लिए भी बजट की व्यवस्था
कराएं. गौरतलब है कि मनमोहन
सिंह भारत के प्रधानमंत्री
होने के साथ ही गांधी स्मृति
एवं दर्शन समिति के अध्यक्ष
भी हैं.

विदेश मंत्रालय के
अनुसचिव तनुज शंकर ने बीते
जून में ऐश्वर्या को सूचित
किया कि विदेश मंत्रालय के
पास विदेशों में गांधी
जयन्ती समारोहों को मनाने के
सम्बन्ध में कोई सूचना नहीं
है. इसी पत्र में विदेशों में
स्थित भारतीय दूतावासों के
पास ऐसी सूचना होने की
सम्भावना व्यक्त करते हुए
ऐश्वर्या को सम्बंधित
दूतावासों से संपर्क करने को
कहा. विदेशों में स्थित
भारतीय दूतावासों से सूचना
पाने को ऐश्वर्या ने अपील
भेजी है और मनमोहन सिंह को
भेजे पत्र पर उनके द्वारा लिए
गए निर्णय को जानने के लिए एक
और आरटीआई दायर की है.

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Web Title: ‘गांधी जयन्ती’ के लिए सरकार के पास बजट नहीं
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