गांव में मेला: पीपली लाईव v/s डोड़िया लाईव

By: | Last Updated: Friday, 18 October 2013 12:49 AM

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<b>उन्नाव: </b>पीपली गांव में
किसान था तो डौड़िया गांव में
बाबा है, पीपली का नत्था कर्ज
में डूबा था तो डोड़िया में
सजा है 1000 टन सोने का ख्वाब.
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पीपली मीडिया से पटा पड़ा था
तो डोडिया में  मीडिया का
जमघट है, पीपली मेला देखने
वालों की भीड़ से पटा हुआ था
तो डोड़िया में मेला उमड़
पड़ा है.
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पीपली में भीड़ के लिए ठेले
लगे थे तो डोड़िया में जलेबी
छन रही हैं. पीपली में
राजनीति हो रही थी तो डोड़िया
में भी नेता नजर आ रहे हैं.
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वो रील लाइफ का ड्रामा था
जिसका नाम था पीपली LIVE, ये रियल
लाइफ का ड्रामा है जिसका नाम
है डौड़िया LIVE.
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http://www.youtube.com/watch?v=yXc4aTd8wOs<br />
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Web Title: गांव में मेला: पीपली लाईव v/s डोड़िया लाईव
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