गुजरात में फिर आमने-सामने मोदी और राज्‍यपाल

गुजरात में फिर आमने-सामने मोदी और राज्‍यपाल

By: | Updated: 02 Jul 2012 09:39 PM


अहमदाबाद:
एक बार फिर गुजरात के
मुख्‍यमंत्री नरेंद्र मोदी
और राज्यपाल कमला बेनीवाल
आमने-सामने हैं.  इस बार मामला
राज्‍य के मत्‍स्‍य मंत्री
पुरुषोत्तम सोलंकी से जुड़ा
है.

दरअसल, सोलंकी पर
भ्रष्टाचार के आरोप के मामले
में मोदी सरकार ने बिना
राज्यपाल से पूछे ही
हाईकोर्ट में कह दिया है कि
सोलंकी पर आपराधिक मामला
दर्ज नहीं हो सकता.

साल 2008
में इशाक मरड़िया नाम के एक
शख्स ने हाईकोर्ट में याचिका
दायर कर आरोप लगाया कि राज्य
के मत्स्य राज्य मंत्री
पुरुषोत्तम सोलंकी ने राज्य
के कई तलाबों और बांधों में
मछली मारने के ठेके बिना सही
प्रक्रिया का पालन किए अपने
पसंदीदा लोगों को दे दिए हैं,
जिसकी वजह से करीब 400 करोड़ का
भ्रष्टाचार हुआ है.

मरड़िया
की याचिका के आधार पर
होईकोर्ट ने पहले तो सभी ठेके
रद्द करने का आदेश जारी किया
और फिर इसी साल मार्च में
राज्य सरकार को नोटिस जारी कर
ये पूछा कि सोलंकी के खिलाफ
भ्रष्टाचार निरोधी कानून के
तहत मुकदमा चले या नहीं.

अपने
इसी आदेश में कोर्ट ने ये भी
साफ कर दिया था कि अगर
राज्यपाल को ये लगे कि इस
मामले में सरकार का रवैया
पक्षपातपूर्ण है, तो वो
स्वतंत्र फैसला ले सकते हैं.
जबकि मोदी सरकार ने बिना
राज्यपाल को बताए हाईकोर्ट
में कहा कि सोलंकी के खिलाफ
मामला चलाने की इजाजत सरकार
नहीं दे सकती.

ऐसे में
कांग्रेसियों का कहना है कि
राज्यपाल अभी भी स्वतंत्र
फैसला ले सकती हैं, क्योंकि
मोदी सरकार अपने मंत्री को
बचाने में लगी है.

इधर,
बीजेपी का कहना है कि सरकार
के फैसले के खिलाफ राज्यपाल
अगर कोई फैसला लेती हैं तो ये
गलत होगा और इस पर बीजेपी चुप
नहीं रहेगी.

गुजरात में
राज्यपाल और सरकार के बीच
तनातनी की ये पहली मिसाल नहीं
है. इससे पहले भी लोकायुक्त
की बहाली के मुद्दे पर मोदी
और कमला बेनीवाल आमने-सामने आ
चुके हैं. मामला अभी भी
सुप्रीम कोर्ट में है.





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