गुजरात में मोदी की राह चले कांग्रेस के विधायक, कइयों ने थामा बीजेपी का दामन तो 'अनेक हैं कतार में'

By: | Last Updated: Wednesday, 19 February 2014 9:47 AM
गुजरात में मोदी की राह चले कांग्रेस के विधायक, कइयों ने थामा बीजेपी का दामन तो ‘अनेक हैं कतार में’

नई दिल्ली: बीजेपी के पीएम कैंडिडेट नरेंद्र मोदी के अपने राज्य गुजरात में एक के बाद एक कांग्रेस विधायकों का विधानसभा से इस्तीफ़ा देकर बीजेपी ज्वाइन करने का अभियान जारी है. इसी कड़ी में आज राज्य के जूनागढ़ जिले के सोमनाथ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक जशाभाई बारड़ ने विधानसभा से इस्तीफ़ा दे दिया.

 

बारड़ आज ही बीजेपी ज्वाइन करने जा रहे हैं. संभावना इस बात की है कि बीजेपी कहीं 2014 के लोकसभा चुनावों में जूनागढ़ लोकसभा सीट से बारड़ को मैदान में न उतार दे.  जूनागढ़ लोकसभा सीट फिलहाल बीजेपी के क़ब्ज़े में ही है, लेकिन यहां के सांसद दीनूभाई सोलंकी आरटीआई एक्टिविस्ट अमित जेठवा हत्या मामले में आरोपी के तौर पर जेल में हैं. ऐसे में जहां लोकसभा चुनावों के पहले बीजेपी कांग्रेस को जूनागढ़ में कमजोर करने जा रही है, वहीं उम्मीदवार के तौर पर उसके पास एक विकल्प भी हो गया है.

 

जशाभाई का वैसे भी बीजेपी से पुराना संबंध रहा है. 1996 के खजुराहो विद्रोह के समय इन्होंने शंकर सिंह वाघेला की अगुआई में बीजेपी छोड़ दी थी और शंकर सिंह की पार्टी राजपा में शामिल हो गये थे. वहां से इनका कांग्रेस में आना हुआ. 2012 से पहले 1995 और 2002 में भी ये विधायक रह चुके हैं और 1995-1998 के बीच गुजरात सरकार में मंत्री भी. जशाभाई बारड़ जूनागढ़ जिले के प्रभावशाली कारड़िया राजपूत समुदाय से आते हैं, जिस समुदाय से मौजूदा सांसद दीनूभाई सोलंकी आते हैं.

 

ग़ौरतलब है कि इससे पहले राज्य के अमरेली जिले की लाठी विधानसभा सीट से  2012 में कांग्रेस विधायक बने बावकुभाई उंघाड ने भी विधानसभा से इस्तीफ़ा देकर बीजेपी ज्वाइन कर ली. उंघाड़ मोदी का विरोध करते हुए 2007 विधानसभा चुनावों से पहले पार्टी छोड़ कांग्रेस में शामिल हो गये थे, लेकिन 2014 लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए बीजेपी इन्हें वापस ले आई है. ये राज्य के रसूखदार पटेल समुदाय से आते हैं और सौराष्ट्र इलाके के महत्वपूर्ण नेता भी हैं.

 

इससे पहले पिता-पुत्र विट्ठल राधड़िया और जयेश राधड़िया ने भी बतौर कांग्रेस विधायक विधानसभा से इस्तीफ़ा देकर उपचुनाव लड़ लिया. राधड़िया जहां पोरबंदर से लोकसभा में बीजेपी सांसद के तौर पर चले गये, वहीं बेटे जयेश जैतपुर विधानसभा सीट से बीजेपी टिकट पर चुनाव जीतकर मोदी सरकार में मंत्री बन चुके हैं. 2012 के आम चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी के तौर पर जहां विट्ठल राधड़िया ने धोराजी विधानसभा सीट से चुनाव जीता था तो बेटे जयेश ने जैतपुर विधानसभा सीट से.

 

संभावना इस बात की है कि 2014 लोकसभा चुनावों के पहले कांग्रेस के कुछ और विधायक भी सदन से इस्तीफ़ा देकर बीजेपी में शामिल हो सकते हैं. यही नहीं अगले कुछ दिनों में गुजरात परिवर्तन पार्टी का भी बीजेपी में विलय हो सकता है. 2012 विधानसभा चुनावों के दौरान इस पार्टी से दो विधायक चुने गये थे, जिसमें से एक विधायक नलिनभाई कोटड़िया पहले ही बीजेपी के कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं, तो दूसरे विधायक केशुभाई पटेल विधानसभा से इस्तीफ़ा दे चुके हैं.

 

इससे पहले केशुभाई के बेटे भरत पटेल बीजेपी में शामिल हो चुके हैं. संभावना इस बात की है कि बीजेपी उपचुनाव में भरत पटेल को उसी वीसावदर सीट से चुनाव लड़ाए, जहां से केशुभाई चुनाव लड़ते थे.

 

अटकलें ये भी हैं कि खुद केशुभाई पटेल भी आगामी कुछ दिनों में बीजेपी में वापसी कर सकते हैं. दरअसल ये सारा कुछ मोदी की उस रणनीति के तौर पर हो रहा है, जिसके तहत 2014 लोकसभा चुनावों के पहले बीजेपी में महत्वपूर्ण नेताओं को शामिल किया जाए और दूसरी तरफ कांग्रेस को कमजोर किया जाए.

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