गूगल डूडल पर अल्ला रक्खा ख़ाँ

By: | Last Updated: Monday, 28 April 2014 9:14 PM
गूगल डूडल पर अल्ला रक्खा ख़ाँ

नई दिल्लीः गूगल ने डूडल बना कर विश्व प्रसिद्ध तबलावादक अल्ला रक्खा ख़ाँ को याद किया. आज के ही दिन 1919 में अल्ला रक्खा का जन्म  जम्मू शहर के फगवाल में हुआ था. गूगल ने अपने डूडल में डबल ओ(g’oo’gle) की जगह तबले को स्थान दिया है.

 

इनका पूरा नाम पूरा नाम क़ुरैशी अल्ला रक्खा ख़ाँ था. अल्ला रक्खा ख़ाँ खुद को पंजाब घराने का मानते थे. महज 12 वर्ष की उम्र से ही तबले पर इनकी उंगलुयों का जादू चलने लगा था. अपना घर छोड़ अल्ला रक्खा उस समय के प्रसिद्ध कलाकार उस्ताद क़ादिर बक्श के पास चले गये.

 

अपने वादन के चमत्कार से इन्होंने बडी़-बडी़ संगीत की महफिलों में श्रोताओं का मन मोह लिया. इनके सधे हुए हाथ जब तबले पर थाप मारते थे तो श्रोता भाव विभोर हो जाते थे. दायें और बायें दोनों हाथों का संतुलित प्रयोग इनकी विशेषता थी.

 

पंडित रविशंकर के साथ इनका तबला और निखर कर सामने आया. इस श्रंखला में सन् 1967 ई. का मोन्टेनरि पोप फ़ेस्टिवल तथा सन् 1969 ई. का वुडस्टाक फ़ेस्टिवल बहुत लोकप्रिय हुए. इन प्रदर्शनों से इनकी ख्याति और अधिक फैलने लगी. 1960 ई. तक सितार सम्राट पंडित रविशंकर के मुख्य संगितकार के रूप में प्रतिष्ठा प्राप्त कर चुके थे. भारत और विदेशों में तबले को एक स्वतंत्र वाद्य के रूप में स्थापित करने में इनका महत्वपूर्ण योगदान है.

 

संगीत के क्षेत्र में शानदार योगदान के लिए भारत सरकार ने 1977 में इनको पद्मश्री सम्मान दिया. 3 फरवरी 2000 को मुंबई में हार्ट अटैक के कारण इनका निधन हो गया

 

अल्ला रक्खा ख़ाँ के पुत्र ज़ाकिर हुसैन अपने पिता के नक्शे कदम पर चलते हुए अपना और अपने पिता का नाम पूरे विश्व में प्रसिद्ध कर दिया.

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Web Title: गूगल डूडल पर अल्ला रक्खा ख़ाँ
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