घोषणापत्र: बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद बोले- गैस की कीमत तय करने की नीति पर दोबारा विचार हो

घोषणापत्र: बीजेपी नेता रविशंकर प्रसाद बोले- गैस की कीमत तय करने की नीति पर दोबारा विचार हो

By: | Updated: 01 Apr 2014 02:25 PM

नई दिल्ली. एबीपी न्यूज के खास कार्यक्रम घोषणापत्र में आज हमारे साथ हैं बीजेपी के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद.

 

घोषणापत्र अभी क्यों नहीं. इस पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो लोग जाने वाले होते हैं वे लोग पहले जाने वाले होते हैं वह पहले घोषणापत्र लाते हैं. देश बदलाव की अपेक्षा कर रहा है. हमारा अतीत एक आइना है और अब भविष्य बेहतर होगा.

 

सवाल. तमाम सर्वे में मोदी के लहर की बात तो है लेकिन अभी तक बहुमत से दूर हैं. ऐसे में सवाल यही है कि क्या मोदी अपने दम पर बीजेपी और एनडीए बहुमत के आंकड़े 272 तक पहुंच सकेगी?

 

जवाब. जब सर्वे शुरू हुआ था. तो उस वक्त सभी लोग 170 दे रहे थे. आज 230 तक पहुंच गये. अभी चुनाव में वक्त हैं. कारवां भी बढ़ रहा है. रामविलास पासवान भी आ गये. रामकृपाल यादव आ गये. अभी वक्त है देखते रहिए आगे क्या क्या होता है.

 

साबिर अली के मुद्दे पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि हमारी पार्टी में लोकतंत्र है. हमारी पार्टी ठोस करेक्शन करती है तो इसे स्वीकार करें. हम भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

 

वीएस येदियुरप्पा के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह हमसे अलग हुए. खुद भी हारे हम भी हार गये.

 

हम रिश्ते बनाते हैं और निभाते भी हैं. हमें स्वंय भी बहुमत मिल जाए तो खुशी होगी. लेकिन हमें साथियों के साथ चलना पसंद करते हैं. हमारा रिश्ता सिर्फ शिवसेना है. एमएनएस से नहीं हैं. हम रिश्ता 35 साल से निभा रहे हैं. राम मंदिर मुद्दा छत्तीसगढ़, एमपी, दिल्ली में भी नहीं था. यह चुनाव सिर्फ यूपीए वन और यूपीए टू के कुशासन पर है.

 

नरेंद्र मोदी प्रेस क्रांफ्रेंस नहीं करते हैं. वह कड़े सवालों से भागते हैं इस पर उन्होंने कहा कि मोदी ने भी कई मीडिया हाउस से बात किया है. अभी तक केवल मीडिया ने भी एक तरफा उनके खिलाफ छापा है.

 

मोदी की भाषा पर उन्होंने कहा कि मौत का सौदागर किसने शुरू किया. लोकतंत्र में इतना तो चलता है. अरविंद केजरीवाल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग दिल्ली में 49 दिनों के बाद भाग गये.

 

केजरीवाल पर तंज कसते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो लोग दिल्ली को 49 दिन से ज्यादा संभाल नहीं सके. कभी अन्ना के साथ नहीं रहे. इनके प्रमुख उम्मीदवार सलमान खुर्शीद के खिलाफ जो लड़ रहे थे वह टिकट लौटा दिये. तमाम लोग टिकट लौटाने के साथ तमाम आरोप लगा रहे हैं.

 

देश में रोटी की संख्या कैसे बढ़े इसकी पॉलिटिक्स की जरूरत है. रोटी कैसे बंटे इसकी नहीं.

 

प्राइवेट सेक्टर में रिजर्वेशन पर क्या राय है. इस पर उन्होंने गोल गोल जवाब देते हुए कहा कि देश में विकास होना चाहिए. हम कभी नहीं चाहते हैं कि हमारे देश के दलित भाई केवल आरक्षण के बदौलत आगे बढ़ें.

 

जेपी मूवमेंट की तुलना इस मूवमेंट पर उन्होंने कहा कि मैं कभी जेपी मूवमेंट से इसकी तुलना नहीं कर रहा हूं. इस चुनाव का मसला अलग है.

 

कालाधन के मुद्दे पर रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कालाधन पर कांग्रेस की नियत सही नहीं हैं. हम हर मुमकिन कोशिश करेंगे प्रशासनिक और कूटनीतिक तौर पर करेंगे.

 

अगर बीजेपी की सीटें कम होती हैं. तो पीएम कोई और बनेगा क्या. इस पर उन्होंने कहा कि कई काल्पनिक संवाल है. मोदी देश के प्रधानमंत्री बनेंगे. चुनाव से पहले इतने लोग जुड़ रहे हैं तो 16 मई के बाद कितने दल आएंगे यह बताने की आवश्यकता नहीं है.

 

भारत की विदेश नीति शांति के साथ होगी. अटल बिहारी वाजपेई की आपने देखी होगी.

 

नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए प्रसाद ने कहा कि 2002 में मोदी जी तो अच्छे थे. बीजेपी सुशासन का आधार था. नीतीश कुमार बिहार के संस्कार नहीं हैं. बिहार की जनता में टूट का गुस्सा है. हमारे साथ पांच बार  लोकसभा और विधानसभा का चुनाव लड़े हैं तब तो इनको दिक्कत नहीं था.

 

इस देश में माओवाद एक बड़ी समस्या है. केंद्र को इसमें सक्रियता से पहल करके समाधान करनी चाहिए.

 

मोदी के राज्य में विकास हिन्दुओं और मुसलमानों का भी हुआ है. 24 घंटे बिजली पानी मिलती है तो सबको मिलता है. बीजेपी को इस बार मुसलमानों का संतोषजनक वोट मिलेगा.

 

यह बीजेपी में ही हो सकता है कि एक चायवाले का बेटा पीएम बनेगा. हमारे यहां कोई खानदान ही पीएम नहीं बनता.

 

कौन हैं रविशंकर प्रसाद ?

 

देश के बड़े वकील, बीजेपी का मुखर चेहरा. जब जब बीजेपी संकट में घिरती है तो मीडिया के सामने मोर्चा संभालते हैं रविशंकर प्रसाद. पर्दे के पीछे रहकर काम करने में माहिर बीजेपी के प्रमुख रणनीतिकार हैं.

 

रविशंकर प्रसाद की उम्र 59 साल, पटना में जन्म. पिता स्वर्गीय ठाकुर प्रसाद बिहार के बड़े वकील और जनसंघ के संस्थापकों में से एक. राजनीति विज्ञान और कानून की पढ़ाई की और वकालत के पेशे को अपनाया. छात्र जीवन में ही राजनीति की तरफ झुकाव.

 

सत्तर के दशक में रविशंकर प्रसाद ने इंदिरा गांधी सरकार के खिलाफ छात्र आंदोलन में भी हिस्सा लिया. इमरजेंसी के दौरान जेपी की अगुवाई में रविशंकर प्रसाद ने बिहार में छात्र आंदोलन का नेतृत्व किया और जेल भी गए.

 

रविशंकर प्रसाद एवीबीपी और आरएसएस से जुड़े रहे. अभी बीजेपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य हैं. साल 2000 में पहली बार राज्यसभा के लिए चुने गए.

 

एनडीए सरकार में रविशंकर प्रसाद कोयला-खान, सूचना प्रसारण और कानून मंत्री भी रहे. रविशंकर प्रसाद इस समय राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता हैं. लोकसभा चुनाव से ऐन पहले रविशंकर प्रसाद को चीफ मीडिया को-ऑर्डिनेटर बनाया गया है. वकील के तौर पर भी रविशंकर प्रसाद काफी मशहूर रहे हैं. इस वक्त वह सुप्रीम कोर्ट के बड़े वकील हैं और कई बड़े केस लड़ चुके हैं.

 

रविशंकर प्रसाद देश के चर्चित अयोध्या केस में हिंदू संगठनों के वकील रहे. चारा घोटाले में लालू यादव के खिलाफ जनहित याचिका पर बहस करने वाले प्रमुख वकीलों में रविशंकर प्रसाद भी थे.

 

रविशंकर प्रसाद खेलों की दुनिया से भी जुड़े रहे हैं. यूनवर्सिटी लेबल पर टेबल टेनिस खेल चुके रविशंकर प्रसाद की गोल्फ में भी गहरी रुचि है. फिलहाल रविशंकर प्रसाद लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी की रणनीति बनाने में जुटे हैं.

 

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