'जलभराव से निबटने को कमेटी बनाए दिल्ली सरकार'

'जलभराव से निबटने को कमेटी बनाए दिल्ली सरकार'

By: | Updated: 28 Aug 2012 07:06 AM


नई
दिल्ली:
थोड़ी बारिश और
घंटों की मुसीबत. दिल्ली
वालों को बारिश के मौसम में
जलभराव से होने वाली समस्या
से दो-चार होना पड़ता है और
सड़कों पर घंटों ट्रैफिक जाम
में परेशानी झेलनी पड़ती है.
इस समस्या पर संज्ञान लेते
हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने
दिल्ली सरकार को एक कमेटी
बनाने का आदेश दिया है.

देश
की राजधानी दिल्ली चंद घंटों
की बारिश से बेहाल हो जाती है.
सड़कों पर जगह जगह पानी भर
जाता है और फिर लग जाता है
भारी ट्रैफिक जाम. जहां तक
नजर दौड़ाइए गाड़ियों की
लंबी कतारें नजर आती हैं.
सोमवार को भी थोड़ी देर की
बारिश के बाद लोग सड़क पर
घंटों ट्रैफिक जाम से जूझते
रहे.

बारिश के बाद दिल्ली
में हालात इतने बुरे हो जाते
हैं कि लोगों को मिनटों का
सफर घंटों में पूरा करना
पड़ता है. दिल्ली में आए दिन
बारिश की वजह से होने वाले
जलभराव पर दिल्ली हाईकोर्ट
ने संज्ञान लिया है. हाईकोर्ट
ने दिल्ली सरकार को  इस
समस्या से निपटने के लिए एक
कमेटी बनाने को कहा है.

इस
कमेटी में दिल्ली सरकार,
एमसीडी, एनडीएमसी, दिल्ली जल
बोर्ड, डीडीए, डीएमआरसी,
पीडब्ल्यूडी, रेलवे समेत सभी
विभाग से लोग होंगे. कमेटी,
दिल्ली में जलभराव की समस्या
दूर करने की रणनीति बनाएगी.
इस कमेटी के गठन का जिम्मा
चीफ सेक्रेट्री को सौंपा गया
है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने एक
एनजीओ की जनहित याचिका पर
सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया
है. जनहित याचिका में कहा गया
था कि चेतावनी के बाद भी
सिविक एजेंसियों ने जलभराव
से निपटने के इंतजाम समय पर
नहीं किए.

इस याचिका के
जवाब में एमसीडी ने हाईकोर्ट
में हलफनामा देकर कहा कि
दिल्ली में बारिश का पानी जमा
हो जाना उसकी अकेले की समस्या
नहीं है. इसके लिए दूसरी
एजेंसियां भी जिम्मेदार है.

हाईकोर्ट
ने एमसीडी के हलफनामे पर गौर
करते हुए कहा कि दिल्ली में
सिविक एजेंसियों के बीच
तालमेल की कमी है जिसकी वजह
से लोगों को जलभराव जैसी
समस्याओं से जूझना पड़ता है.




http://www.youtube.com/watch?v=lw_K76bFpqo




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