जानेमाने साहित्यकार हरिकृष्ण देवसरे का निधन

By: | Last Updated: Thursday, 14 November 2013 8:43 AM
जानेमाने साहित्यकार हरिकृष्ण देवसरे का निधन

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<b>नई
दिल्ली: </b>हिंदी के जाने माने
साहित्यकार हरिकृष्ण देवसरे
का आज लंबी बीमारी के बाद
निधन हो गया. वह 75 साल के थे.
उनके पुत्र शशिन देवसरे ने
बताया कि उनके पिता लंबे समय
से बीमार थे और उनका
गाजियाबाद के इंदिरापुरम
में एक अस्पताल में निधन हो
गया.<br />
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मध्य प्रदेश के नागोद में नौ
मार्च 1938 को पैदा हुए देवसरे
का नाम हिंदी साहित्य के
अग्रणी लेखकों में था और
बच्चों के लिए रचित उनके
साहित्य को विशेष रूप से पसंद
किया गया.<br />
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बच्चों के लिए लेखन के
क्षेत्र में उनके योगदान को
देखते हुए उन्हें 2011 में
साहित्य अकादमी बाल साहित्य
लाइफटाइम पुरस्कार से
सम्मानित किया गया.<br />
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तीन सौ से ज्यादा पुस्तकें
लिख चुके देवसरे को बाल
साहित्यकार सम्मान, उत्तर
प्रदेश हिंदी संस्थान के बाल
साहित्य सम्मान, कीर्ति
सम्मान (2001) और हिंदी अकादमी का
साहित्यकार सम्मान (2004) सहित
कई पुरस्कारों और सम्मानों
से नवाजा गया. कहा जाता है कि
देवसरे देश के पहले वयक्ति थे
जिन्होंने बाल साहित्य में
डाक्टरेट की उपाधि हासिल की
थी.<br />
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अपने लेखन में
प्रयोगधर्मिता के लिए मशहूर
देवसरे ने आधुनिक संदर्भ में
राजाओं और रानियों तथा
परियों की कहानियों की
प्रासंगिकता के सवाल पर बहस
शुरू की थी.<br />
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साहित्य अकादमी के एक
अधिकारी ने बताया कि ‘‘हिंदी
बाल साहित्य एक रचना’’
संकलित करने में देवसरे की
अहम भूमिका थी. इस संकलन को
प्रकाशन के इतिहास में मील का
पत्थर माना जाता है. <br />
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बच्चों के बीच काफी लोकप्रिय
पत्रिका ‘‘पराग’’ के करीब 10
साल तक संपादक रहे देवसरे को
पहला वात्सल्य पुरस्कार
दिया गया था. साहित्य अकादमी
के अधिकारी ने बताया कि
देवसरे करीब 22 साल तक
आकाशवाणी से जुड़े रहे और
स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति
लेने के बाद उन्होंेने पराग
पत्रिका का संपादन किया.
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उन्होंने कहा कि वह
धारावाहिकों, टेलीफिल्मों
और विज्ञान एवं
प्रौद्योगिकी पर आधारित
कार्यक्रमों के लिए
स्क्रिप्ट भी लिखते थे.
उन्होंने कविता लेखन के
क्षेत्र में भी हाथ आजमाया
था.<br />
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अधिकारी ने बताया कि देवसरे
ने बच्चों के लिए कई
अंतरराष्ट्रीय और चर्चित
कृतियों का अनुवाद भी किया.
उन्होंने 2007 में न्यूयार्क
में आयोजित विश्व हिंदी
सम्मेलन में भी भाग लिया था.<br />
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उल्लेखनीय है कि बाल साहित्य
का सृजन कर विशेष ख्याति
प्राप्त करने वाले रचनाकार
देवसरे का आज बाल दिवस के दिन
ही निधन हो गया. देवसरे के
परिवार में उनकी पत्नी के
अलावा दो पुत्र और एक पुत्री
हैं. <br />
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