जियारत से पहले जरदारी ने की मनमोहन से मुलाकात

जियारत से पहले जरदारी ने की मनमोहन से मुलाकात

By: | Updated: 07 Apr 2012 08:39 PM


नई
दिल्‍ली:
'जियारत या सियासत'
पाकिस्तान के राष्ट्रपति
आसिफ अली जरदारी की एक दिन की
भारत यात्रा के दौरान यह सवाल
बेहद अहम हो गया है.




वैसे तो जरदारी अजमेर में
ख्वाजा की दरगाह पर जियारत के
मकसद से आ रहे हैं, लेकिन उससे
पहले उन्‍होंने दिल्ली में
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
के साथ मुलाकात की. पढ़ें
जरदारी की यात्रा का पूरा
कार्यक्रम






प्रधानमंत्री आसिफ अली
जरदारी और प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह के बीच 7 आरसीआर
पर करीब 10-15 मिनट तक बातचीत
हुई. बैठक खत्‍म होने के बाद
दोनों देशों के नेताओं ने एक
संयुक्‍त प्रेस कॉन्‍फ्रेंस
की.




प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
ने कहा कि वे बैठक से
संतुष्‍ट हैं और उन्‍हें
राष्‍ट्रपति जरदारी ने
पाकिस्‍तान आने का न्‍योता
दिया है.




उन्‍होंने कहा, 'मैं बैठक से
संतुष्‍ट हूं. मुझे
राष्‍ट्रपति जरदारी ने
पाकिस्‍तान आने का न्‍योता
दिया है और मैं वहां जाऊंगा.
हमने द्विपक्षीय मुद्दों पर
बातचीत की. हम दोनों इस बात पर
सहमत हैं कि हमारे बीच जो भी
विवाद हैं उन्‍हें सुलझाना
चाहते हैं.'




इसके बाद जरदारी ने कहा, 'मैं
भारत की अवाम को
असल्‍लामवालेकुम कहना चाहता
हूं. मैं इस बैठक से संतुष्‍ट
हूं.'





पाकिस्तान के राष्ट्रपति
आसिफ अली जरदारी रविवार सुबह
दिल्ली पहुंच गए. वह भारत में
छह घंटे बिताएंगे. वीडियो
देखें


वैसे यह उनका निजी
दौरा है, फिर भी इस
उपमहाद्वीप में इस दौरे को
लेकर ढेर सारी उम्मीदें जाग
उठी हैं.

अपनी इस छोटी
यात्रा के दौरान जरदारी
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
से बैठक कर रहे हैं. बैठक के
बाद वे पीएम के साथ लंच
करेंगे.

उसके बाद जरदारी
सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन
चिश्ती की दरगाह पर जियारत
करने के लिए अजमेर जाएंगे.

जरदारी
का विमान दोपहर को राजधानी
दिल्ली के इंदिरा गांधी
अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे
पर उतरा. उनके साथ उनके पुत्र
बिलावल, आंतरिक मंत्री रहमान
मलिक और दो विमानों में सवार
होकर आया एक विशाल
प्रतिनिधिमंडल भी है.

जाहिर
है, भारत-पाकिस्तान के शीर्ष
नेताओं की यह मुलाकात सियासत
के सवालों से बच नहीं पाएगी.
सबसे मुश्किल सवाल 26/11 के
मुंबई हमले और उसके
मास्टमाइंड हाफिज सईद से
जुड़े हुए होंगे.

दुनिया
के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी
हाफिज सईद को पाकिस्तान
क्यों बचा रहा है? भारत की ओर
से कई सबूत दिए जाने के बाद भी
पाकिस्तान आंख मूंद कर क्यों
बैठा है?

अब तो अमेरिका ने
भी हाफिद सईद को मुंबई हमलों
का गुनहगार बता दिया है. फिर
भी पाकिस्तान मानने तैयार
नहीं है. पढ़ें
ज़रदारी के लिए लंच का
मेन्‍यू


पाकिस्तान के
राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी
भले ही एक दिन के निजी दौरे पर
भारत आ रहे हों, लेकिन यहां
उनका सामना कई मुश्किल
सवालों से होगा.

सबसे बड़ा
सवाल लश्कर-ए-तैयबा के सरगना
हाफिज सईद समेत मुंबई हमले के
गुनहगार आतंकियों के खिलाफ
कार्रवाई का होगा. सईद पर
कार्रवाई से पाकिस्तान अब तक
बचता रहा है.

जरदारी भी इस
बात को जानते हैं कि
हिंदुस्तान में हाफिज सईद के
सवालों से पीछा छुड़ाना आसान
नहीं होगा, इसलिए उन्होंने इस
मसले पर शनिवार को लाहौर से
ही एक बयान जारी करके अपना
पीछा छुड़ाने की कोशिश की है

जरदारी
ने कहा है, 'हाफिज सईद पर मेरा
रुख वही है, जो हमारी सरकार का
है. मेरी भारत यात्रा का मकसद
धार्मिक है और मैं नहीं समझता
कि मनमोहन सिंह मेरे साथ
सिर्फ इसी मुद्दे पर बात करने
पर जोर देंगे.'

जरदारी ने
इस बयान के जरिए भले ही अपनी
यात्रा को जियारत का रंग देने
की कोशिश की हो, लेकिन सच तो यह
है कि वो भी भारत यात्रा से
पहले सियासी मुद्दों की
तैयारी में लगे हैं.

समाचार
एजेंसी पीटीआई के मुताबिक
जरदारी ने शनिवार को लाहौर के
गवर्नर हाउस में
प्रधानमंत्री यूसुफ रजा
गिलानी और सेना प्रमुख जनरल
अशफाक कयानी से मुलाकात करके
भारत यात्रा के दौरान उठने
वाले मुद्दों की चर्चा की.

पीटीआई
ने सूत्रों के हवाले से बताया
है कि इस बैठक के दौरान हाफिज
सईद के मसले पर भी चर्चा हुई.
सूत्रों का यह भी कहना है कि
हाफिज सईद के सिर पर अमेरिका
की तरफ से 51 करोड़ का इनाम
घोषित होने की वजह से
पाकिस्तान काफी दबाव में है
और यह बैठक भी इसी दबाव का
नतीजा है.

भारत में भी अब
तक जो खबरें सामने आईं हैं,
उनसे यही लगता है कि
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
राष्‍ट्रपति जरदारी से
मुलाकात के दौरान हाफिज सईद
का मसला जरूर उठाएंगे. खास
दावत के खास मेहमान


समाचार
एजेंसी पीटीआई के मुताबिक
गृह मंत्रालय ने पीएमओ को एक
डोजियर सौंपा है, जिसमें 26/11 के
मुंबई हमलों से जुड़े सबूत
दिए गए हैं. डोजियर में मुंबई
हमलों के तार हाफिज सईद समेत
कई पाकिस्तानी आतंकवादियों
से जुड़े होने के सबूत शामिल
हैं. 26/11
के सबूत


हालांकि
पाकिस्तान बार-बार बयान देता
रहा है कि अगर किसी के पास
हाफिज सईद के खिलाफ पुख्ता
सबूत हों, तो वो पाकिस्तान को
सौंपे. लेकिन हकीकत यह है कि
भारत की तरफ से अब तक कई बार
सबूत सौंपे जाने के बाद
पाकिस्तान ने हाफिज सईद समेत
मुंबई हमले के गुनहगारों के
खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की
है.




संबंधित खबरें




जरदारी
के सामने हाफिज का मुद्दा
उठाएगा भारत
|क्‍या
हाफिज के खिलाफ कार्रवाई
करेगा पाकिस्‍तान
|मनमोहन
के साथ लंच करेंगे
राष्‍ट्रपति जरदारी
|   
हाफिज
सईद पर 51 करोड़ का इनाम
| अजमेर
की दरगाह में लाल चादर
चढ़ाएंगे जरदारी
| अवाम
की नजर में कद बढ़ाना चाहते
हैं जरदारी
| गृह
मंत्रालय ने सौंपे 26/11 के सबूत

|
ज़रदारी
के लिए लंच का मेन्‍यू
| जरदारी
की यात्रा का पूरा कार्यक्रम

| खास
दावत के खास मेहमान
राष्‍ट्रपति
जरदारी के साथ आएंगे जिलानी






 




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