जूस पीकर बाबा रामदेव ने तोड़ा अनशन

जूस पीकर बाबा रामदेव ने तोड़ा अनशन

By: | Updated: 14 Aug 2012 01:01 AM


नई
दिल्‍ली:
बाबा रामदेव ने आज
छठें दिन अपना अनशन तोड़
दिया. हालांकि काले धन और
भ्रष्टाचार पर रामदेव ने
रामलीला मैदान में
महाक्रांति का ऐलान किया था,
लेकिन अनशन तोड़ते हुए
उन्‍होंने कहा कि 2014 तक अब वो
कोई बड़ा आंदोलन नहीं करेंगे.




उन्‍होंन कहा, 'हमारा कोई
राजनीतिक ऐजेंडा नहीं है.
लेकिन सामाजिक, धार्मिक,
आर्थिक और सांस्‍कृतिक
धरातल पर हम क्रांति जरूर
लाएंगे. अब जब तक जरूरत न हो
लोक सभा चुनाव तक कोई बड़ा
आंदोलन नहीं होगा. सरकार अनशन
की भाषा  नहीं समझती और अब
सीधे कार्रवाई होगी.'

बाबा
रामदेव ने राजधानी दिल्‍ली
के आंबेडकर स्‍टेडियम में
बच्‍चों के हाथों जूस पीकर
छठें दिन अपना अनशन तोड़ा. 
उन्‍होंने यह भी साफ कर दिया
है कि अनशन स्‍थगित हुआ है,
लेकिन उनका आंदोलन जारी
रहेगा. वे हरिद्वार के लिए
रवाना हो गए हैं.





हालांकि जाते -जाते भी रामदेव
अपने दुश्मन नंबर वन
कांग्रेस पर बरसने से नहीं
चूके. यूपीए सरकार को आड़े
लेते हुए बाबा रामदेव ने कहा
कि अगर संसद में काले धन पर
वोटिंग होती तो सरकार गिर
जाती. उन्‍होंने स्‍टेडियम
में मौजूद समर्थकों से
कांग्रेस को उखाड़ फेंकने की
अपील की.




बाबा रामदेव के मुताबिक, 
'अगली बार भ्रष्‍ट कांग्रेस
का एक भी नेता संसद तक न पहुंच
पाए हमें इसकी प्रतिज्ञा
लेनी है. कांग्रेस ने यह खुद
प्रमाणि किया है कि वह सबसे
भ्रष्‍ट पार्टी है.
भ्रष्‍टाचार की गंगोत्री
वहीं से बहती है. अब हमारा
नारा है- कांग्रेस हटाओ देश
बचाओ. हमें ऐसी पार्टी को
सत्ता में लाना है जो
भ्रष्‍टाचार मिटाए और काले
धन को वापस लाए. भ्रष्‍टाचार
में पहले नंबर पर आने वाली इस
पार्टी को हमारी ओर से बधाई. '




हालांकि बाबा रामदेव ने यह
साफ नहीं किया कि अगर
कांग्रेस को हटाना है तो फिर
किस पार्टी को वोट देना है.
उन्‍होंने कहा, 'किस पार्टी
को जितना यह अभी नहीं
बताएंगे. हम अभी से अपने
पत्ते नहीं खोलेंगे.  लेकिन
चुनाव से पहले बता दिया
जाएगा.'





बाबा रामदेव ने
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
को आड़े हाथों लेते हुए
उन्‍हें रोबोट करार दिया.




उन्‍होंने कहा,
'प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
को 15 दिवस के मौके पर देश की
जनता के सामने सच बोलना होगा.
उन्‍हें काले धन पर देश को
जवाब देना होगा. अगर वे ऐसा
नहीं करते हैं तो देश की जनता
उनके लिए बिलकुल वैसे ही
सोचेगी जैसे किसी
भ्रष्‍टाचारी के बारे में
सोचा जाता है.'

इससे पहले
अनशन तोड़ने की घोषणा करते
हुए आज सुबह बाबा रामदेव ने
कहा कि वे अपने समर्थकों के
अनुरोध पर अपना अनशन स्‍थगित
कर रहे हैं, लेकिन उनका
आंदोलन जारी रहेगा.

उन्‍होंने
कहा,  'अनशन फिर कभी होगा. ये तो
सत्ताओं को झुकाने का बहुत
बड़ा शस्‍त्र है.  मैं अनशन
स्‍थगित कर रहा हूं, आंदोलन
तो आगे भी जारी रहेगा. यह
आंदोलन अब 121 करोड़ लोगों तक
जाएगा.'

बाबा रामदेव ने यह
भी कहा है कि वो 15 अगस्‍त को
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह
के काफिले का घेराव नहीं
करेंगे क्‍योंकि
स्‍वतंत्रता दिवस किसी एक
पार्टी का नहीं बल्कि पूरे
देश का है.

उन्‍होंने कहा,
'हम अपने स्‍वतंत्रता दिवस का
पूरा सम्‍मान करते हैं. 15
अगस्‍त किसी एक राजनीतिक
पार्टी का नहीं बल्कि 121 करोड़
भारतीयों का है.  सरकार
नि‍श्‍चिंत रहे, स्‍वतंत्रा
दिवस के दिन भारत के
स्‍वाभिमान और गरिमा को चोट
पहुंचाने वाला कोई भी काम
आंदोलन की तरफ से नहीं किया
जाएगा.  हमारे जोशीले
कार्यकर्ताओं का प्रस्‍ताव
था कि प्रधानमंत्री का घेराव
किया जाए लेकिन हमने इसकी
अनुमति नहीं दी.'

रामदेव
के इस ऐलान से सरकार और
दिल्‍ली पुलिस ने राहत की
सांस ली है.  पुलिस की इस
परेशानी के पीछे लालकिले पर
बुधवार को होने वाला
स्वंतत्रता दिवस समारोह था. 15
अगस्त को प्रधानमंत्री
मनमोहन सिंह जब लाल किले पर
झंडा फहराने जाएंगे तो उनका
काफिला आंबेडकर स्टेडियम के
नजदीक से गुजरेगा.

बाबा
रामदेव अपने हजारों
समर्थकों के साथ दिल्ली के
आंबेडकर स्टेडियम में
सोमवार शाम से डटे हुए थे. कल
दोपहर बाबा रामदेव समर्थकों
के साथ संसद की ओर मार्च करने
निकले थे, लेकिन रास्ते में
पुलिस ने उन्हें हिरासत में
ले लिया.

पुलिस रामदेव को
बवाना के अस्थाई जेल ले जाना
चाहती थी, लेकिन उनके लिए
सड़क पर उतरे हजारों
समर्थकों की वजह से पुलिस ऐसा
नहीं कर पाई. जब बात नहीं बनी
तो रामदेव को दूसरी जगह आईटीओ
के पास आंबेडकर स्टेडियम ले
जाया गया.

बाबा और उनके
समर्थकों को पुलिस ने सोमवार
शाम को ही हिरासत से छोड़
दिया था, लेकिन इसके बावजूद
वे स्टेडियम छोड़ने को तैयार
नहीं हुए.  हालांकि अनशन की
समाप्ति के साथ ही आंबेडकर
मैदान भी खाली हो गया है.

रामदेव
के मंच पर सोमवार को मुख्य
विपक्षी पार्टी बीजेपी समेत
यूपीए विरोधी कई पार्टियों
के नेता पहुंचे. यहां तक कि
यूपीए को बाहर से समर्थन दे
रही समाजवादी पार्टी और
बहुजन समाज पार्टी ने काले धन
की वापसी के मुद्दे पर उनके
सुर से सुर मिलाया.




बाबा रामदेव ने दावा तो किया
है कि वो विजयी होकर जा रहे
हैं. उन्‍होंने कहा, 'हमारा
आंदोलन कामयाब रहा. हमारे
अनशन से सरकार हिल गई.'





लेकिन सवाल बना हुआ है कि
आखिर रामदेव को मिला क्या?




http://www.youtube.com/watch?v=nwC4vd7g4OQ




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