जेएमएम ने मुंडा सरकार से समर्थन लिया वापस

जेएमएम ने मुंडा सरकार से समर्थन लिया वापस

By: | Updated: 07 Jan 2013 01:01 AM


रांची: झारखंड में
अर्जुन मुंडा सरकार से
झारखंड मुक्ति मोर्चा यानी
जेएमएम ने समर्थन वापस लेने
का एलान किया है.




इस समर्थन वापसी के साथ ही
झारखंड में बीजेपी सरकार
अल्पमत में आ गई है. हालांकि,
बीजेपी ने कहा कि वह सरकार
बचाने की कोशिश नहीं करेगी और
राज्यपाल को इस्तीफा  सौंप
देगी.




समर्थन वापसी के मुद्दे पर
दोपहर बाद जेएमएम केंद्रीय
समिति की बैठक हुई जिसमें
समर्थन वापसी का एलान किया
गया. हालांकि, अंतिम फैसला
पार्टी सुप्रीमो शिबू सोरेन
पर छोड़ दिया गया.




जेएमएम के डिप्टी चीफ ने
हेमंत सोरेन ने कहा, "हम ने
समर्थन वापसी का फैसला लिया
है. अंतिम फैसले का अधिकार
शिबू सोरेन पर छोड़ दिया गया
है. हम अपने आगे की रणनीति
जल्द तय करेंगे. चूंकि राज्य
में बीजेपी की सरकार है... अब
उसे फैसला लेने है कि इस
मामले में क्या किया जाना
चाहिए.." 





झारखंड में बीजेपी और जेएमएम
की साझा सरकार चल रही थी.




जेएमएम का दावा है कि शर्त के
मुताबिक झारखंड में सत्ता का
हस्तांतरण होना चाहिए
क्योंकि बीजेपी की सरकार के 28
महीने पूरे हो चुके हैं.




सत्ता हस्तांतरण में होना ये
है कि मुख्यमंत्री जेएमएम का
बनेगा, लेकिन बीजेपी ऐसी किसी
शर्त से इनकार कर रही है.




झारखंड में बीजेपी और जेएमएम
के 18-18 विधायक है, जबकि बहुमत
के लिए 42 विधायकों के समर्थन
की जरूरत है. सितंबर 2010 में बनी
इस गठबंधन सरकार को झारखंड
स्टूडेंट यूनियन के छह
विधायकों और जेडूयू के दो
विधायकों का भी समर्थन हासिल
है. इस गठबंधन सरकार में
जेएमएम के पांच मंत्री हैं.




दोनों ने आपसी सहमति से तय
किया था कि पहले 28 महीने
बीजेपी का सीएम रहेगा ओर अगले
28 महीने तक जेएमएम का सीएम
होगा.




http://www.youtube.com/watch?v=Wp4PmnbJHVM




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