झुग्गी बस्ती से हटाए गए लोग करेंगे नोटा विकल्प का इस्तेमाल

By: | Last Updated: Monday, 21 April 2014 5:35 AM

कोलकाता: शहर के पूर्वी हिस्से में एक फ्लाईओवर के निर्माण के लिए एक झुग्गी बस्ती से हटाए गए 300 से अधिक लोगों ने कहा है कि यदि राज्य सरकार उनका पुनर्वास नहीं करती तो वे लोकसभा चुनाव में नोटा :उपरोक्त में से कोई नहीं: विकल्प का इस्तेमाल करेंगे .

 

नवंबर तक तोप्सिया झुग्गी बस्ती में रहने वाले 383 परिवारों में से लगभग सभी के पास अब भी 31..1 तिजाला रोड के पते से मतदाता परिचय पत्र हैं . नवीनतम मतदाता सूची में भी उनके नाम हैं .

 

पूर्व में इसी झुग्गी बस्ती में रहने वाली 32 वर्षीय मुमताज बेगम ने कहा, ‘‘हमें 2012 में बिना किसी नोटिस के निकाल दिया गया था और कोई पुनर्वास नहीं किया गया . हममें से कुछ लोगों को मुआवजे के रूप में 12 हजार रूपये दिए गए थे, जबकि कुछ को 10 हजार रूपये दिए गए . कुछ लोगों को कुछ भी नहीं मिला . हमें झुग्गियों से जबरन बाहर निकाल दिया गया .’’ पुनर्वास की उनकी मांग पर किसी नेता या सरकारी निकाय द्वारा ध्यान नहीं दिए जाने पर अब उन्होंने धमकी दी है कि वे लोकसभा चुनाव में नोटा विकल्प का इस्तेमाल करेंगे .

 

झुग्गी बस्ती से निकाली गई एक अन्य महिला सुल्तान बेगम ने कहा, ‘‘यदि कोई हमारा साथ नहीं देता हैं तो हम उन्हें वोट क्यों देंगे ? यह हमारे उपर हुए अत्याचार के विरोध का हमारा तरीका है .’’ इस झुग्गी बस्ती के अधिकतर लोग रिक्शा चालक, दिहाड़ी मजदूर, भिखारी और कूड़ा बीनने वाले हैं . इनकी मासिक औसत आय 1,500 से 2,000 रूपये के बीच है .

 

‘‘सुरक्षित एवं स्वतंत्र आवास के अधिकार’’ से संबंधित संयुक्त राष्ट्र प्रोटोकाल के तहत पते से संबंधित वैध फोटो पहचान पत्र रखने वाले किसी भी व्यक्ति को बिना पूर्व नोटिस के नहीं हटाया जा सकता .

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Web Title: झुग्गी बस्ती से हटाए गए लोग करेंगे नोटा विकल्प का इस्तेमाल
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