डीएमके ने अलागिरि को दिखाया बाहर का रास्ता

डीएमके ने अलागिरि को दिखाया बाहर का रास्ता

By: | Updated: 25 Mar 2014 11:59 AM
चेन्नई: डीएमके प्रमुख एम करूणानिधि ने अपने बड़े पुत्र एवं निलंबित नेता एम के अलागिरि के पार्टी पर बार बार किये जा रहे हमलों से नाराज होकर आज उन्हें पार्टी से निकाल दिया.

 

यह कड़ी कार्रवाई अलागिरि की ओर से डीएमके नेताओं को बार बार निशाना बनाये जाने के बाद की गई है. अलागिरि विशेष तौर पर अपने छोटे भाई एम के स्टालिन और अन्य पर 24 अप्रैल को लोकसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों के चयन एवं अन्य मुद्दों को लेकर हमले कर चुके हैं.

 

करूणानिधि ने कहा कि अलागिरि को निष्कासित करने का निर्णय मदुरै से सांसद अलागिरि के उस नोटिस का जवाब देने में असफल रहने के मद्देनजर आया है जिसमें उनसे कथित अनुशासनहीनता के कृत्यों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया था. इसी के चलते उन्हें 24 जनवरी को पार्टी से निलंबित किया गया था.

 

करूणानिणि उस कार में बैठे हुए संवाददाताओं से बात कर रहे थे जिसकी पिछली सीट पर स्टालिन बैठे हुए थे. उन्होंने कहा, ‘‘महासचिव :अनबाझगन: और मैंने मामले पर चर्चा की और एक निर्णय किया.उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जा रहा है.’’

 

89 वर्षीय नेता ने यह कठोर कदम उठाने के लिए कारण रेखांकित करते हुए कहा, ‘‘उन्हें :अलागिरि: निलंबित कर दिया गया था और उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया था लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया.

 

उन्होंने डीएमके और उसके नेताओं की बाद में भी आलोचना की.’’ करूणानिधि का कदम धुर प्रतिद्वंद्वी एवं भाजपा नीत राजग के साथ जुड़ चुके एमडीएमके नेता वाइको की अलागिरि से मुलाकात के मद्देनजर आया है जिसमें उन्होंने उनसे विरूधुनगर लोकसभा सीट से अपने उम्मीदवार के लिए समर्थन मांगा था. इसके बाद भाजपा और कांग्रेस के उम्मीदवारों ने उनसे अपने लिए समर्थन के लिए सम्पर्क करना शुरू कर दिया.

 

इन सभी घटनाक्रमों के बीच अलागिरि ने अपने भविष्य के राजनीतिक कदम को लेकर अपने पत्ते बंद रखे और वह यह कहते रहे हैं कि वह कोई भी निर्णय अपने समर्थकों से मशविरा करने के बाद ही करेंगे.

 

द्रमुक ने गत सप्ताह अपने पार्टी समर्थकों को अलागिरि से किसी तरह के संबंध के खिलाफ चेतावनी दी थी जब उन्होंने अपने समर्थकों से बैठकें शुरू कर दी थीं.

 

द्रमुक ने फिर से गठबंधन के लिए कांग्रेस की पहल को खारिज कर दिया है और वह तमिलनाडु में 39 लोकसभा सीटों पर वीसीके, आईयूएमएल, पीटी और एमएमके जैसे छोटी पार्टियों के साथ मिलकर लड़ रहा है.

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