तीसरी तिमाही में 6.1 फीसदी रही विकास दर

तीसरी तिमाही में 6.1 फीसदी रही विकास दर

By: | Updated: 29 Feb 2012 02:41 AM


नई
दिल्ली:
देश की
अर्थव्यवस्था में 31 दिसम्बर
को समाप्त तिमाही के दौरान
विकास की दर घटकर महज 6.1 फीसदी
पर आ गई, जबकि पिछले वित्त
वर्ष की इसी अवधि में यह दर 8.3
फीसदी थी.

सांख्यिकी और
कार्यक्रम क्रियान्वयन
मंत्रालय की ओर से बुधवार को
जारी आधिकारिक आंकड़ों के
मुताबिक विनिर्माण क्षेत्र
के विकास में सबसे अधिक
सुस्ती रही.

इस क्षेत्र
में केवल 0.4 फीसदी की विकास दर
दर्ज की गई, जबकि पिछले वित्त
वर्ष की समान अवधि में यह दर 7.8
फीसदी थी.

जानकारों के
मुताबिक उच्च ब्याज दर,
वैश्विक स्तर पर अनिश्चित
आर्थिक माहौल, नीतिगत फैसलों
में देरी के कारण निवेश के
प्रति उत्साह में कमी जैसी
चीजों के कारण अर्थव्यवस्था
के प्रदर्शन पर असर पड़ा है.


आंकड़ों के मुताबिक
विनिर्माण के बाद खनन दूसरा
क्षेत्र है जो सबसे ज्यादा
प्रभावित रहा. समीक्षाधीन
अवधि में खनन क्षेत्र में
विकास की दर 3.1 फीसदी रही जबकि
वर्ष 2011 की सितम्बर-दिसम्बर
तिमाही में यह दर 6.1 फीसदी थी.


समीक्षाधीन अवधि में
कृषि क्षेत्र में भी गिरावट
दर्ज की गई. कृषि में विकास की
दर 2.7 फीसदी रही जबकि पिछले
वित्त वर्ष की इस अवधि में
कृषि विकास दर 11 फीसदी रही थी.

अर्थव्यवस्था
की वार्षिक विकास दर 6.9 फीसदी
रहने की उम्मीद है.




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