तेलंगाना के खिलाफ संसद के अंदर और बाहर हंगामा, नहीं शुरू हो पाई बिल पर बहस

By: | Last Updated: Tuesday, 18 February 2014 2:01 AM

नई दिल्ली:  लोकसभा में आज गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने भारी हंगामे के बीच पृथक तेलंगाना राज्य बनाए जाने संबंधी विधेयक को चर्चा और पारित किए जाने के लिए पेश किया लेकिन विभिन्न मुद्दों को लेकर भारी हंगामे के बीच आज भी लोकसभा में इस बिल पर चर्चा नहीं हो पाया.

 

इस बीच ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश ने लालकृष्ण आडवाणी, सुषमा स्वराज, राजनाथ सिंह से बात की है. सूत्र बता रहे हैं कि नाराजगी दूर करने के लिए सरकार ने बिल में 3 संशोधन किए हैं. आंध्र विभाजन के बाद सीमांध्र क्षेत्र के लिए स्पेशल पैकेज दिया जाएगा. रायलसीमा औऱ उत्तरी तटीय आंध्र को भी विकास के लिए पैकेज दिया जाएगा. बिल के साथ ही सरकार पोलारवरम सिंचाई परियोजना को भी मंजूर करेगी जिसको लेकर तेलंगाना और सीमांध्र समर्थकों में झगड़ा है

 

आंध्र के सीएम किरन रेड्डी दे सकते हैं इस्तीफा

मिर्च कांड के बाद संसद परिसर का आज नजारा बदला हुआ है. 17 निलंबित सांसदों को संसद परिसर घुसने से रोक दिया गया. 

 

तेलंगाना बिल पर विरोध के चलते  आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री किरण रेड्डी मंगलवार दोपहर तीन बजे तेलंगाना के मुद्दे पर इस्तीफा दे सकते हैं. मंगलवार को ही तेलंगाना बिल पेश होने के आसार हैं, इसलिए किरण रेड्डी इस्तीफा देंगें.

12 फरवरी को भारी हंगामे के बीच लोकसभा में तेलंगाना बिल पेश हो गया था, तब बीजेपी समेत कई दलों ने बिलके पेश होने पर आपत्ति जताई थी.

 

सोमवार को सीमांध्र के सांसद- नेताओं ने दिल्ली में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. वो तेलंगाना मसले पर अपनी बात रखने राहुल गांधी के पास गए थे.

 

इसके अलावा सोमवार को जंतर-मंतर से संसद की ओर कूच करने के दौरान वाईएसआर कांग्रेस के अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया. वह संयुक्त आंध्र की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरने पर बैठे थे.

 

वाईएसआर कांग्रेस अध्यक्ष जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी तेलंगाना के जरिए राहुल गांधी को पीएम बनाने के लिए जुगत भिड़ा रही हैं. जगन ने कांग्रेस पर राजनीतिक लाभ के लिए बंटवारा करने का आरोप भी लगाया था.